मुख्यमंत्री सुषेण संजीवनी योजना – आपातकालीन मेडिकल ट्रांसपोर्ट और जीवनरक्षक सेवाएं अब हर जरूरतमंद के लिए सुलभ
मुख्यमंत्री सुषेण संजीवनी योजना – जब सरकार डॉक्टर बनकर गाँव-गाँव पहुँची हमारे देश में लाखों लोग ऐसे हैं जो छोटे गाँवों, पहाड़ियों या दूरदराज़ अंचलों में रहते हैं। उनके पास न तो नज़दीकी अस्पताल होता है, न ही डॉक्टर या इलाज की सुविधा। कई बार किसी की मामूली बीमारी गंभीर हो जाती है, सिर्फ इसलिए कि सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे में सरकार की कोई योजना जब खुद उनके गाँव तक पहुँचे, वो भी इलाज के साथ, तो वो सिर्फ एक योजना नहीं, जीवनदायिनी संजीवनी बन जाती है। मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुषेण संजीवनी योजना ऐसी ही एक संवेदनशील और दूरदर्शी योजना है, जिसका उद्देश्य है – “इलाज वहाँ पहुँचाना, जहाँ जरूरत है।" योजना की शुरुआत: एक आवश्यकता, एक समाधान मुख्यमंत्री सुषेण संजीवनी योजना की शुरुआत एक बेहद मानवीय सोच के साथ की गई। सरकार ने यह समझा कि जब किसी गाँव से अस्पताल 20-30 किलोमीटर दूर हो और वहाँ तक पहुँचने के लिए न वाहन हो, न सड़क – तब आम आदमी इलाज की उम्मीद छोड़ देता है। इस योजना का नाम महाभारत काल के प्रसिद्ध वैद्य सुषेण के नाम पर रखा गया, जिन्होंने युद्धभूमि में भी घायलों का इलाज कि...