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उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरण / कृत्रिम अंग योजना

उत्तर प्रदेश में सहायक उपकरण / कृत्रिम अंग योजना (Prosthetic & Assistive Devices Scheme) दिव्यांग जनों के लिए विशेष रूप से चलाई जाती है, जिसमें उन्हें वॉल्ड-टू-प्ले मासिक अनुदान और मुफ्त उपकरण प्रदान किए जाते हैं। यहां विस्तृत जानकारी है 👇  योजना का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को ट्राईसाइकिल (मोटराइज्ड/साधारण), व्हीलचेयर, कान की मशीन, वैशाखी, स्मार्ट केन, ब्रेल किट, बोलने/चलने में सहायता उपकरण जैसे उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराना, ताकि उनकी दैनिक गतिविधियां सुगम हो सकें। अर्थात् यह उनके स्वतंत्रता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देता है।  आर्थिक अनुदान लाभार्थी को उपकरण खरीदने के लिए ₹15,000 तक का वेंचर मिलता है (पूर्व में ₹10,000 था) । एक से अधिक उपकरणों की आवश्यकता पर भी ₹15,000 तक की राशि एकमुश्त मिल सकती है । ✅ पात्रता मानदंड दिव्यांगता ≥ 40% , मोटा चिकित्सकीय प्रमाणपत्र आवश्यक । ग्रामीण: ₹46,080 शहरी: ₹56,460 ( ghaziabad.nic.in )।  किन उपकरणों के लिए है? ट्राईसाइकिल (मोटराइज़्ड/मान्य) व्हीलचेयर कान की मशीन (हियरिंग एड्स) वै...

शल्य-चिकित्सा अनुदान योजना यूपी: दिव्यांगजन हेतु मुफ्त सर्जरी सहायता | पूरी जानकारी

उत्तर प्रदेश की शल्य चिकित्सा अनुदान योजना दिव्यांग जनों को शल्य चिकित्सा हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना से जीवन की गुणवत्ता में सुधार और उनकी सक्रिय सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित होती है।  योजना के मुख्य तत्व 1. सामान्य शल्य चिकित्सा के लिए अनुदान 21 प्रकार की करेक्टिव सर्जरी (जैसे पोस्ट-पोलियो, कॉर्निया प्लास्टी, ऑर्थोसिस आदि) के लिए ₹10,000 तक सम्मानित अनुदान मिलता है। यह राशि अस्पताल/चिकित्सक को सीधे दी जाती है और लाभार्थी को कोई अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ता । 2. कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सहायता श्रोत-बाधित या मूकबधिर बच्चों (5–14 वर्ष तक) के लिए विभाजित रूप से ₹6 लाख प्रति बच्चा तक का फंड उपलब्ध ghaziabad.nic.in । FY 2024–25 में लाख 12.84 करोड़ से 214 बच्चों की सर्जरी की गई, जिससे उन्हें सुनने में क्षमता मिली ।  पात्रता दिव्यांगता ≥40% , मेडिकल सर्टिफ़िकेट अनिवार्य। आय सीमा: वार्षिक पारिवारिक आय निर्धारित मानदंड (आम तौर पर BPL या करीब) में होनी चाहिए। लाभार्थी उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी होने चाहिए।  आवेदन प्रक्...

दिव्यांगों हेतु सरकारी योजनाएं व सुविधाएं – उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों (Divyangjan) के लिए सरकार द्वारा कई मुख्य योजनाएँ और सुविधाएँ संचालित की जा रही हैं, जो उन्हें आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं:  1. दिव्यांग पेंशन योजना ₹1,000 प्रति माह — 40 % से अधिक विकलांगता वाले दिव्यांग नागरिकों के लिए। ₹3,000 प्रति माह — कुष्ठरोग से प्रभावित (लिप्रोसी) व्यक्तियों के लिए। पात्रता: 18 वर्ष+, UP निवासी, पारिवारिक आय सीमा (ग्रामीण ₹46,080, शहरी ₹56,460), अन्य पेंशन योजना से लाभान्वित नहीं।  2. सहायक उपकरण / कृत्रिम अंग योजना मोटराइज्ड त्राईसाइकिल , व्हीलचेयर, वॉकर, कान की मशीन जैसे उपकरण निःशुल्क/अनुदानित। बजट 2025–26 में ₹39.4 करोड़ आवंटित, जिसमें ₹2 करोड़ सिर्फ मोटराइज्ड त्राईसाइकिल के लिए उपलब्ध हैं।  3. शल्य चिकित्सा अनुदान योजना विकलांग अवस्था को सुधारने के लिए मुक्त शल्य चिकित्सा अनुदान । 2017–22 तक 11 से अधिक ऑपरेशन किये गए। कॉक्लियर इम्प्लांट योजना अंतर्गत 214 बच्चों की मॉनिटरिंग और शुरुआती इलाज सुनिश्चित।  4. निःशुल्क बस ...

यूपी नेत्रहीनों हेतु शल्य चिकित्सा अनुदान योजना 2025

शल्य चिकित्सा अनुदान योजना उत्तर प्रदेश की शल्य चिकित्सा अनुदान योजना (Surgical Grant for the Prevention of Disability) दिव्यांग व्यक्तियों को विभिन्न शल्यक्रियाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसमें नेत्रहीनता (Visual impairment) के सुधार के लिए विशेष रूप से कवर शामिल है:  कौन-क्या मदद पा सकता है?  दृष्टिहीनता संबंधी शल्यक्रियाएँ (Visual surgery) कॉर्निया प्लास्टी, Intraocular Lens (IOL) इम्प्लांट, Cranial repair आदि के लिए प्रति लाभार्थी ₹10,000 तक की सामान्य “corrective surgery” अनुदान पाते हैं  यदि लाभार्थी श्रवण बाधित (≤5 वर्ष) हैं, तो ₹6 लाख तक कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए अनुदान मिलता है   राशि और सीमा ₹10,000 — प्रत्येक तर्कसंगत सामान्य सुधारात्मक सर्जरी पर ₹6,00,000 — कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी पर  पात्रता मानदंड दिव्यांगता प्रमाणपत्र (CMO द्वारा जारी ≥40% या श्रेणी अनुसार) आय सीमा: वार्षिक परिवारिक आय ₹60,000 या उससे कम (कॉक्लियर के लिए BPL/दो गुना सीमा) निवास: उत्तर प्रदेश का स्थायी निवास...