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UP Take Home Ration (THR) योजना: बच्चों व माताओं हेतु पोषण

  Take Home Ration (THR)   एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य  गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरी बालिकाएं और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन  प्रदान करना है, ताकि कुपोषण को रोका जा सके। THR का उद्देश्य क्या है? भारत सरकार की "एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)" योजना के अंतर्गत, THR (टेक होम राशन) का मकसद है: बच्चों में कुपोषण की रोकथाम गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण बढ़ाना किशोरी बालिकाओं को पोषण और आयरन देना बाल मृत्यु दर और कम वजन वाले बच्चों की संख्या को कम करना THR में क्या-क्या मिलता है? लाभार्थियों को पैक्ड या तैयार राशन सामग्री घर ले जाने के लिए दी जाती है , जैसे: रेडी-टू-ईट (RTE) मिश्रण गेहूं, चना, सोयाबीन, मूंगफली, घी/तेल, शक्कर आदि से बना एनर्जी फूड कभी-कभी अंडा, दूध पाउडर या आयरन सप्लीमेंट्स भी हर राज्य में THR का फॉर्मूला अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए: लाभार्थी मात्रा और पोषण (प्रतिदिन) 6 माह – 3 वर्ष के बच्चे 500 कैलोरी, 12-15g प्रोटीन गर्भवती / धात्री महिला 600 कैलोरी, 18-20g प्रोटीन...

UP महिला सामर्थ्य योजना: महिलाओं के सशक्तिकरण की ओर

यूपी की महिलाओं के लिए बड़ा अवसर!    UP महिला सामर्थ्य योजना  (UP Mahila Samarthya Yojana) की अपडेटेड जानकारी—एक COMPLETE गाइड  उद्देश्य उत्तर प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भर बनाना छोटे व कुटीर उद्योगों के माध्यम से रोजगार प्रदान करना गृह-आधारित उद्योगों, कृषि और डेयरी क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ाना   मुख्य विशेषताएँ महिला सामान्य सुविधा केंद्र (Common Facility Centres) प्रारंभिक चरण में 200 विकास खंडों में बनाए जाएंगे इनमें प्रशिक्षण, उत्पादन, पैकेजिंग, लेबलिंग, बारकोडिंग जैसी सुविधाएँ होंगी केंद्र की लागत का लगभग 90% राज्य सरकार वहन करेगी  दो-स्तरीय समितियाँ राज्य और जिला स्तर पर गठन जिला स्तर पर DMs की अध्यक्षता में कार्य और लाभार्थी समूहों की पहचान व निगरानी  प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम कार्यशालाएं, सेमिनार, एक्सपोज़र विज़िट आदि का आयोजन कौशल विकास, मार्केटिंग और वित्तीय साक्षरता पर ज़ोर  डेयरी व कृषि में महिलाओं का योगदान राज्य में डेयरी हब की स्थापना लगभग 40,0...

यूपी युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार योजनाएँ

उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई सरकारी योजनाएँ चल रही हैं। नीचे प्रमुख योजनाओं का संक्षिप्त विश्लेषण दिया गया है: 1.  मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना लाभ : इंडस्ट्री में ₹25 लाख तक और सेवा क्षेत्र में ₹10 लाख तक ऋण। सब्सिडी : 25% मार्जिन-मनी सब्सिडी। पेमेंट : 18–40 वर्ष के शिक्षित बेरोजगार (हाई स्कूल पास)। ज्ञात बदलाव : अब तकनीकी डिग्री/डिप्लोमा नहीं ज़रूरी—अब सब लागू युवा आवेदन कर सकते हैं। कैसे लाभ लें: Rojgar Sangam / Jan Samarth / bank portals (जैसे UPSDC) पर आवेदन करें। जरूरी दस्तावेज (आधार, पहचान, आयु प्रमाण, मार्कशीट, बैंक विवरण) अपलोड करें। स्वीकृति के बाद ऋण DBT के माध्यम से प्राप्त होगा। 2.  मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना फोकस : UPSC, NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग। नया सत्र : 1 जुलाई 2025 से, 162 केंद्रों पर 25,000+ छात्र शुल्क-रहित कोचिंग ले सकते हैं। 3.  कौशल‑और‑रोजगार पहल UP कौशल सतरंग योजना : फ्री स्किल ट्रेनिंग + प्लेसमेंट अवसर। बेरोजगार युवा रोजग...