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Showing posts with the label भारत सरकार

FAME-II योजना: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार को मिले नई ऊर्जा

FAME-II FAME-II योजना   FAME-II योजना: इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम सोचिए, अगर आप ऐसा स्कूटर, ऑटो या गाड़ी खरीद रहे हैं जो न धुआं छोड़ता है, न शोर करता है, और जेब पर भी हल्का है—तो सरकार क्यों नहीं चाहेगी कि आप उसे अपनाएं? बस इसी सोच के साथ FAME-II योजना शुरू की गई। FAME-II का मतलब क्या है? FAME का पूरा नाम है – Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles मतलब – देश में ई-वाहनों को ज़्यादा तेज़ी से अपनाने और उनके निर्माण को बढ़ावा देने की एक सरकारी कोशिश। इस योजना से आपको क्या फायदा होता है? जब आप कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर, ई-रिक्शा, या ई-कार खरीदते हैं, तो सरकार उसकी कीमत में सीधी मदद करती है—यानी आपको सब्सिडी मिलती है। सब्सिडी कैसे मिलती है? ई-स्कूटर/बाइक पर: ₹10,000 प्रति किलोवाट-घंटा (kWh) की दर से सब्सिडी, जो करीब ₹30,000 तक हो सकती है। ई-रिक्शा/ई-ऑटो पर: ₹30,000 तक की मदद ई-बस, कमर्शियल गाड़ियों पर: लाखों रुपये की सब्सिडी—ताकि कंपनियां भी इन गाड़ियों को अपनाएं। और आपको अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं होती।...

FAME-II और PM E-DRIVE: अब इलेक्ट्रिक भविष्य सिर्फ सपना नहीं, हकीकत है

"FAME-II योजना" और "PM E-DRIVE"   केंद्र सरकार की सब्सिडी – PM E-DRIVE और FAME-II योजना भारत सरकार चाहती है कि देश में ज़्यादा से ज़्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं—ताकि पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम हो, और हवा भी साफ़ रहे। इसी सोच के साथ दो बड़ी योजनाएँ शुरू की गईं: FAME-II और PM E-DRIVE । 1. FAME-II योजना (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles) इस योजना के ज़रिए सरकार सीधे आपकी जेब पर बोझ कम करती है। जब आप कोई ई-वाहन खरीदते हैं, तो आपको सब्सिडी (यानी सरकार की तरफ से छूट) मिलती है। किसे मिलती है? ई-स्कूटर और ई-बाइक (Electric Two-Wheelers) ई-रिक्शा और ऑटो (Electric Three-Wheelers) ई-बस और वाणिज्यिक वाहन कितनी सब्सिडी मिलती है? ई-बाइक पर: लगभग ₹10,000 प्रति kWh की दर से, अधिकतम ₹30,000 तक की सब्सिडी। ई-रिक्शा और तिपहिया वाहनों पर: ₹30,000 तक । ई-बस और कमर्शियल गाड़ियों पर: लाखों रुपये तक की सब्सिडी। कैसे मिलती है? आपको कुछ करने की ज़रूरत नहीं — जब आप किसी अधिकृत डीलर से EV खरीदते हैं, तो सब्सिडी पहले से ही कीमत में घटा...

हेल्थ पोर्टल और ऐप्स: अब इलाज, जानकारी और रिकॉर्ड — सब कुछ डिजिटल

  Health Portal Apps हेल्थ पोर्टल और ऐप्स — अब इलाज की जानकारी बस एक क्लिक दूर “अस्पताल की कतार नहीं, अब सेहत की सुविधा आपके मोबाइल में है।” दिल्ली सरकार ने सेहत से जुड़ी सारी सुविधाएं अब ऑनलाइन और मोबाइल पर भी उपलब्ध कर दी हैं। इससे आप बिना लाइन में लगे, अपने घर बैठे — डॉक्टर से अपॉइंटमेंट ले सकते हैं, मेडिकल रिपोर्ट देख सकते हैं, और सरकारी योजनाओं की जानकारी पा सकते हैं।  दिल्ली सरकार के प्रमुख हेल्थ पोर्टल और ऐप्स: 1. Delhi Arogya Kosh Portal (DAK Portal) https://delhi.gov.in/arogyakosh मुफ्त इलाज के लिए पंजीकरण महंगे इलाज (कैंसर, किडनी, हृदय, आदि) पर सरकार की आर्थिक सहायता जांच रिपोर्ट, सर्जरी अनुमोदन जैसी सेवाएं 2. eHealth Delhi Portal  https://health.delhigovt.nic.in सरकारी अस्पतालों में OPD अपॉइंटमेंट बुक करें अपनी स्वास्थ्य रिपोर्ट देखें अस्पताल और डॉक्टरों की जानकारी ब्लड बैंक की उपलब्धता पता करें शिकायत या फीडबैक दर्ज करें 3. Mohalla Clinic App (Android ऐप) नज़दीकी मोहल्ला क्लिनिक की जानकारी ओपनिंग टाइम और उ...

ADIP और राष्ट्रीय वयोश्री योजना – दिव्यांगजनों व बुज़ुर्गों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण

  ADIP (Assistance to Disabled Persons)  और  Rashtriya Vayoshri Yojana (RVY)  की राज्य व केंद्र स्तरीय योजनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. ADIP योजना (केंद्र – दिव्यांगजन के लिए) आवश्यक सहायक उपकरण — जैसे व्हीलचेयर, वॉकर, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र आदि — प्रदान करके दिव्यांग व्यक्तियों की शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा में भागीदारी सुनिश्चित करना। ✅ पात्रता कोई भी दिव्यांग व्यक्ति (भारतीय नागरिक)। न्यूनतम 40% प्रमाणित दिव्यांगता । मासिक आय ₹20,000 से अधिक नहीं (स्वयं या परिवार के स्तर पर)। पिछले 3 वर्षों में इसी उद्देश्य के लिए कोई सहायता नहीं मिली हो।  दस्तावेज आधार, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आय प्रमाण पत्र, पहचान और निवास प्रमाण।  आवेदन अधिकृत एजेंसियों (NGO, राष्ट्रीय संस्थान, ALIMCO) या जिला सामाजिक कल्याण/दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय।  2. Rashtriya Vayoshri Yojana (केंद्र – वरिष्ठ नागरिकों के लिए) जिन वरिष्ठ नागरिकों की उम्र ≥60 वर्ष हो और जो BPL या आय ≤₹15,000/माह वाले हों, उन्हें उम्र संबंधी अक्षमताओं के लिए नि:श...

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम—2005 (MGNREGA) – हर ग्रामीण परिवार को काम का अधिकार

MGNREGA  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) – बिहार  परिचय MGNREGA (मनरेगा) को वर्ष 2005 में संसद द्वारा पारित किया गया। इसे भारत में सबसे बड़ा रोजगार गारंटी कार्यक्रम माना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य है – ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम 100 दिन का गारंटीकृत रोजगार देना। मजदूरी के बदले स्थायी संपत्तियाँ और ग्रामीण ढांचा तैयार करना। बिहार सरकार इस अधिनियम को पूरे राज्य के ग्रामीण इलाकों में लागू कर रही है।  MGNREGA की मुख्य विशेषताएँ प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 100 दिन का रोजगार गारंटी। रोजगार न मिलने पर सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता । मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक खाते / डाक खाते में DBT के जरिए । कार्य का चयन ग्रामसभा द्वारा। प्राथमिकता: जल संरक्षण, वृक्षारोपण, सड़क निर्माण, तालाब खुदाई, नहर सफाई आदि कार्य ।  बिहार में MGNREGA की स्थिति बिहार के सभी जिलों और पंचायतों में लागू। लाखों ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम मजदूरी के साथ रोजगार मिला। महिला श्रमिकों की भागीदारी लगातार बढ़ ...

PMEGP / KVIC योजना – अपना व्यवसाय शुरू करने का सुनहरा अवसर, पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी

PMEGP/KVIC योजना बिहार का कार्यान्वयन  PMEGP / KVIC: क्या है यह योजना? PMEGP : MSME मंत्रालय की एक क्रेडिट‑लिंक्ड सब्सिडी योजना, जिसे KVIC द्वारा संचालित किया जाता है ( msme.gov.in )। उद्देश्य: ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नए माईक्रो‑एंटरप्राइज स्थापित कर स्वरोज़गार पैदा करना और स्थानीय MSME को बढ़ावा देना ।  मुख्य लाभ परियोजना लागत पर सब्सिडी ग्रामीण में 35%, शहरी में 25% (SC/ST, महिला, अल्पसंख्यक आदि के लिए अधिक) परियोजना लागत: मैन्युफैक्चरिंग में ₹25 लाख तक, बिज़नेस/सर्विस में ₹10 लाख तक । लोन सुविधा बैंक से मिलने वाले ऋण में मार्जिन‑मनी सब्सिडी उदाहरण: राष्ट्रीय स्तर पर ₹884–906 करोड़ के लोन में ₹300 करोड़ सब्सिडी हाल ही में वितरित। बृहद प्रोत्साहन PMFME जैसे अन्य योजनाओं के साथ जुड़कर खाद्य प्रसंस्करण को विशेष समर्थन मिलता है।  बिहार में इस योजना का प्रभाव पूर्वी क्षेत्र (जिसमें बिहार शामिल है) को ₹22 करोड़ की सब्सिडी मिली, लगभग 996 परियोजनाओं के लिए। व्यापारी प्रेरणाएँ : भागलपुर के राजीव ने ₹30 लाख लोन से दो उद्यम – क...

मिशन इंद्रधनुष – बच्चों और माताओं के लिए पूर्ण टीकाकरण का संकल्प | Progress India

 बच्चों को मुफ्त टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा  मिशन इंद्रधनुष – बिहार सरकार “हर बच्चे तक टीकाकरण, हर मां तक सुरक्षा।”  योजना की शुरुआत लॉन्च: 25 दिसंबर 2014 को भारत सरकार द्वारा शुरू। बिहार में लागू: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में। उद्देश्य: सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पूर्ण टीकाकरण देना। टारगेट: 2 साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सभी जरूरी टीके उपलब्ध कराना।  मुख्य उद्देश्य बच्चों को घातक बीमारियों से बचाना। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व देना। पोलियो, खसरा, टीबी, टिटनेस जैसी बीमारियों का खत्म करना। ग्रामीण इलाकों और हाशिये पर रहने वाले परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना। 100% टीकाकरण कवरेज हासिल करना।  किन बीमारियों से बचाव? मिशन इंद्रधनुष के तहत निम्नलिखित बीमारियों से सुरक्षा मिलती है: पोलियो डिप्थीरिया काली खाँसी (Whooping Cough) टिटनेस खसरा (Measles) हेपेटाइटिस-बी ट्यूबरकुलोसिस (TB) जापानी एन्सेफलाइटिस (चयनित क्षेत्रों में) न्यूमोकोकल और अन्य संक्रमण ...

PM Vishwakarma Yojana 2025: आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और लाभ

PM Vishwakarma Yojana PM Vishwakarma Yojana 2025: आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और लाभ  भारत गांवों का देश है, और इन गांवों की आत्मा छिपी है वहाँ के कारीगरों, लोहारों, बढ़इयों, सुनारों, कुम्हारों, दर्जियों, नाईयों और अन्य परंपरागत पेशेवरों में। ये वे लोग हैं जो न केवल पारंपरिक ज्ञान के संरक्षक हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की असली बुनियाद भी। इनकी हुनरमंदी ही गाँव की रचना करती है, लेकिन अफसोस कि समय के साथ आधुनिक तकनीक, बाज़ार की अनदेखी और आर्थिक तंगी ने इनकी स्थिति को कमज़ोर बना दिया। इन्हीं मेहनतकश हाथों को सम्मान और सहायता देने के लिए भारत सरकार ने PM Vishwakarma Yojana 2025 की शुरुआत की है। यह योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी, एक भावनात्मक जुड़ाव और एक ऐतिहासिक सुधार है। यह योजना उन 'विश्वकर्माओं' के सम्मान में है जो सदियों से भारत की सामाजिक और आर्थिक संरचना को अपने हाथों से गढ़ते आए हैं। योजना का उद्देश्य – आत्मनिर्भर भारत के असली निर्माता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को इस योजना की घोषणा की थी, और अब 2025 में इसे और अधिक सशक्त और ...

राज्य सरकार की EV सब्सिडी: अब हर सफर होगा हरित, सस्ता और स्मार्ट

EV राज्य सरकार की EV सब्सिडी ।   एक बात हमेशा याद रखिए — "देश की योजनाएं ऊपर से आती हैं, लेकिन असली मदद नीचे राज्य से मिलती है।" राज्य सरकार की EV सब्सिडी – आपके घर के और भी करीब सरकारें बदलती हैं, लेकिन एक बात सब जानते हैं — पेट्रोल-डीज़ल के दाम रोज़ बढ़ते हैं। और यहीं से शुरू होती है राज्य सरकारों की EV नीति , जो आपके नए ई-वाहन को न सिर्फ सस्ता बनाती है, बल्कि आपको उसका मालिक भी जल्दी बनाती है। हर राज्य, अपने हिसाब से मदद हर राज्य की अपनी अलग EV नीति है। कोई रोड टैक्स माफ कर रहा है, कोई रजिस्ट्रेशन फीस छोड़ रहा है, कोई सीधी नकद सब्सिडी दे रहा है। यहाँ कुछ उदाहरण दिए जा रहे हैं — एक नज़र में: दिल्ली सरकार ई-स्कूटर और ई-रिक्शा पर ₹30,000 तक की सब्सिडी ई-कार पर अलग-अलग श्रेणी में मदद रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स एकदम माफ ई-रिक्शा वालों को स्पेशल लाभ , ताकि रोज़ कमाई बढ़े ज़्यादा से ज़्यादा चार्जिंग पॉइंट बनाने पर ज़ोर उत्तर प्रदेश दोपहिया EV पर ₹5,000 तक तिपहिया (ई-रिक्शा/ऑटो) पर ₹12,000 तक चार-पहिया पर ₹1 लाख तक 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्...