Skip to main content

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम—2005 (MGNREGA) – हर ग्रामीण परिवार को काम का अधिकार

बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में एमजीएनआरईजीए के तहत काम करने वाले मजदूर खेतों में मिट्टी खोदते हुए, जो रोजगार गारंटी योजना के तहत श्रमिकों के प्रयासों को दर्शाता है।
MGNREGA

 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) – बिहार


 परिचय

  • MGNREGA (मनरेगा) को वर्ष 2005 में संसद द्वारा पारित किया गया।

  • इसे भारत में सबसे बड़ा रोजगार गारंटी कार्यक्रम माना जाता है।

  • इसका मुख्य उद्देश्य है –

    • ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम 100 दिन का गारंटीकृत रोजगार देना।

    • मजदूरी के बदले स्थायी संपत्तियाँ और ग्रामीण ढांचा तैयार करना।

  • बिहार सरकार इस अधिनियम को पूरे राज्य के ग्रामीण इलाकों में लागू कर रही है।


 MGNREGA की मुख्य विशेषताएँ

  • प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 100 दिन का रोजगार गारंटी।

  • रोजगार न मिलने पर सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता

  • मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक खाते / डाक खाते में DBT के जरिए

  • कार्य का चयन ग्रामसभा द्वारा।

  • प्राथमिकता: जल संरक्षण, वृक्षारोपण, सड़क निर्माण, तालाब खुदाई, नहर सफाई आदि कार्य


 बिहार में MGNREGA की स्थिति

  • बिहार के सभी जिलों और पंचायतों में लागू।

  • लाखों ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम मजदूरी के साथ रोजगार मिला।

  • महिला श्रमिकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

  • मजदूरी दर: ₹230 प्रति दिन (2024-25 के लिए निर्धारित)

  • पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन पोर्टल और जॉब कार्ड प्रबंधन प्रणाली


 MGNREGA जॉब कार्ड

  • जॉब कार्ड योजना की रीढ़ है।

  • इसमें परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम दर्ज रहते हैं।

  • जॉब कार्ड से ही कार्यस्थल पर हाजिरी और मजदूरी भुगतान होता है।

  • नया जॉब कार्ड पाने के लिए आवेदन पंचायत स्तर पर।


 बिहार में MGNREGA से किए जाने वाले कार्य

✔ ग्रामीण सड़क निर्माण
✔ तालाब और कुआँ खुदाई
✔ सिंचाई नहर की मरम्मत
✔ जल संरक्षण व वर्षा जल संग्रहण
✔ वृक्षारोपण और हरियाली अभियान
✔ पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण
✔ खेतों में मेड़बंदी और भूमि सुधार


 लाभार्थियों के लिए प्रक्रिया

  1. आवेदन – ग्राम पंचायत कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल पर।

  2. जॉब कार्ड प्राप्त करना

  3. रोजगार की मांग करना (लेखपाल/ग्राम सेवक को आवेदन देकर)।

  4. 15 दिनों के अंदर कार्य आवंटित करना अनिवार्य।

  5. काम पूरा होने पर 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान


 कौन हैं पात्र?

  • ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे परिवार जिनके पास स्थायी रोजगार नहीं है।

  • आयु सीमा: 18 वर्ष से अधिक

  • पात्र परिवार के सभी वयस्क सदस्य काम कर सकते हैं।

  • शहरी क्षेत्र के लोग इस योजना के पात्र नहीं।


 बिहार सरकार की विशेष पहल

  • e-Muster Roll और Aadhaar आधारित DBT भुगतान

  • महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर।

  • मनरेगा कार्यों को कृषि कार्यों से जोड़ना ताकि किसानों को भी फायदा हो।

  • सोशल ऑडिट सिस्टम से पारदर्शिता।

  • ग्रामीणों के लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत निवारण।


 मनरेगा का ग्रामीण समाज पर प्रभाव (बिहार में)

  • लाखों परिवारों को रोजगार सुरक्षा

  • पलायन में कमी।

  • महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सशक्तिकरण

  • ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, तालाब, नहर और जल संरक्षण ढांचे का विकास।

  • कृषि उत्पादन में वृद्धि।


 चुनौतियाँ

  • समय पर मजदूरी भुगतान में कभी-कभी देरी।

  • तकनीकी गड़बड़ी (DBT/Aadhaar लिंक की समस्या)।

  • कुछ जगहों पर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की शिकायतें।

  • जागरूकता की कमी – कई ग्रामीणों को अभी भी योजना की पूरी जानकारी नहीं।


 समाधान और सुधार

  • डिजिटल सिस्टम को और मजबूत बनाना।

  • ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना।

  • महिलाओं को नेतृत्वकारी भूमिका में लाना।

  • मजदूरी भुगतान समयसीमा का सख्ती से पालन।


 आवेदन कैसे करें (स्टेप बाय स्टेप)

  1. ग्राम पंचायत कार्यालय में संपर्क करें

  2. जॉब कार्ड के लिए आवेदन पत्र भरें।

  3. आधार, निवास प्रमाणपत्र, परिवार पहचान पत्र संलग्न करें।

  4. जॉब कार्ड बनने के बाद रोजगार मांगने का आवेदन करें।

  5. पंचायत 15 दिनों में काम मुहैया कराएगी।

  6. काम पूरा होते ही मजदूरी बैंक खाते में आएगी।


✅ निष्कर्ष


FAQs

Q1. मनरेगा क्या है?
👉 यह ग्रामीण परिवारों को 100 दिन का गारंटीकृत रोजगार देने वाली योजना है।

Q2. बिहार में मनरेगा मजदूरी कितनी है?
👉 2024-25 के लिए मजदूरी दर ₹230 प्रतिदिन तय है।

Q3. MGNREGA जॉब कार्ड कैसे बनता है?
👉 ग्राम पंचायत में आवेदन करके आधार व निवास प्रमाण पत्र जमा करने पर जॉब कार्ड बनता है।

Q4. रोजगार की गारंटी कितने दिनों की है?
👉 प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कम से कम 100 दिन का रोजगार।

Q5. अगर काम नहीं मिलता तो क्या होगा?
👉 15 दिन में काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।

Featured Snippet Q&A (वन-लाइनर लिस्टिंग)

  • मनरेगा में कितने दिन का रोजगार मिलता है? → 100 दिन का गारंटीकृत रोजगार।

  • बिहार में मनरेगा मजदूरी कितनी है? → ₹230 प्रतिदिन (2024-25)।

  • MGNREGA जॉब कार्ड कहाँ बनता है? → ग्राम पंचायत कार्यालय में।

  • काम न मिलने पर क्या मिलेगा? → बेरोजगारी भत्ता।

  • पात्रता क्या है? → ग्रामीण परिवार के 18 वर्ष से अधिक उम्र के सदस्य।

Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

बिहार सरकार की योजनाएँ 2025: पूरी अपडेटेड सूची और लाभ

योजनाएँ 2025 बिहार सरकार की योजनाएँ 2025 – आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली सबसे ज़रूरी योजनाएँ 2025 में बिहार सरकार की योजनाएँ सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीनी जरूरतों को देखते हुए बनाई जा रही हैं— ग्रामीण, महिलाएँ, किसान, छात्र, और युवाओं के जीवन में सीधा प्रभाव डालने वाली योजनाएँ।  1. योजना: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) (युवा वर्ग के लिए सबसे प्रभावी योजना) मुख्य उद्देश्य किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर छात्र की पढ़ाई पैसे की वजह से न रुके। 4 लाख रुपये तक की बिना-गारंटी शिक्षा ऋण सुविधा। कौन लाभ ले सकता है? बिहार का निवासी छात्र। 12वीं पास। उच्च शिक्षा (Graduation / Professional Courses) कर रहा हो। लाभ 4 लाख तक का लोन सिर्फ 1% ब्याज पढ़ाई पूरी होने के बाद ही EMI कई कोर्सेज 0% ब्याज पर भी उपलब्ध एक्शन स्टेप वेबसाइट पर जाएँ → 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in ऑनलाइन आवेदन, डॉक्यूमेंट अपलोड जिला स्तर पर वेरिफिकेशन → बैंक से स्वीकृति  2. योजना: मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना 2025 उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को छोटा व्यवस...

राजस्थान में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं: आसान प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज़

अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हुआ आसान!  राजस्थान में जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं? जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र न केवल दस्तावेज हैं, बल्कि ये व्यक्ति की पहचान, अस्तित्व और अधिकारों का प्रमाण होते हैं। अगर आप राजस्थान में रहते हैं और सोच रहे हैं कि यह सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं – तो यह गाइड आपके लिए है।  भाग 1: जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)  क्यों ज़रूरी है जन्म प्रमाण पत्र? स्कूल में एडमिशन के लिए आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भविष्य में पहचान पत्र बनवाने के लिए  कब बनवाएं? बच्चे के जन्म के 21 दिन के भीतर आवेदन करना सबसे बेहतर होता है। देर से आवेदन पर अफिडेविट और मजिस्ट्रेट अप्रूवल की ज़रूरत हो सकती है।  जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़: बच्चे का नाम (अगर रखा गया हो) माता-पिता की पहचान (Aadhaar, वोटर ID) अस्पताल से मिला जन्म प्रमाण पत्र (यदि हॉस्पिटल में जन्म हुआ) निवास प्रमाण पत्र (Electricity Bill, Ration Card आदि) ...