Skip to main content

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

एक बस के सामने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए व्हीलचेयर रैंप की सुविधा दिखाई दे रही है, जिसमें एक व्यक्ति व्हीलचेयर के साथ रैंप का उपयोग कर रहा है, बस का डिज़ाइन सुलभता के लिए अनुकूलित है, जिसमें हैंड्रिल्स और चौड़ी प्रविष्टि है। पृष्ठभूमि में हल्का मौसम और सड़क दृश्य दिखाई देता है।
Free Travel Facility for Persons with Disabilities
उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇

 कौन लाभ उठा सकता है?

  • कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता)

  • 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं 


 कहाँ से-सब तक यात्रा?

  • UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा

  • राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू 

  • सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है


✔️ आवश्यक दस्तावेज

  • मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी)

  • Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) (uphwd.gov.in)


 नियम और उपयोग कैसे करें?

  • बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं

  • रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह दिखा देना पर्याप्त है


 स्मार्ट कार्ड सुविधा (शहरी बसों में)

  • लखनऊ में ई‑बसों के लिए दिव्यांगों को ₹118 (₹100 + 18% GST) में 1-वर्ष का स्मार्ट कार्ड जारी किया जाता है 

  • कानपुर जैसे शहरों में भी सिटी बसों के लिये स्मार्ट कार्ड शिविर आयोजित हुए 


 निचोड़ सारणी

सुविधा विवरण
कौन पात्र ≥40% दिव्यांग लोग; ≥80% विकलांगता पर साथ में एक सहयात्री
कहाँ लागू साधारण, राजधानी, सिटी और ई‑बसें
दस्तावेज़ मूल दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आधार/UDID
शहर में स्मार्ट कार्ड लखनऊ/कानपुर आदि में ₹118 निष्पादन कार्ड

✅ अगला कदम आपके लिए:

  1. अपनी दिव्यांगता प्रमाण पत्र और Aadhaar/UDID साथ रखें।

  2. बस में बैठते समय स्टाफ को दिखाएँ।

  3. यदि आप लखनऊ या कानपुर जैसे शहर में हैं, तो नजदीकी स्मार्ट कार्ड शिविर में जाकर कार्ड बनवाएँ।

अगर आप चाहें, तो सहायता के लिए हमें ईमेल करें

दिव्यांगों हेतु सरकारी योजनाएं व सुविधाएं – उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश की प्रमुख सरकारी योजनाएँ – 2025 तक की सूची

FAQ

Q1. UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा क्या है?
यह योजना दिव्यांगजनों को राज्य परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देती है।

Q2. इस योजना का लाभ किन्हें मिलेगा?
उत्तर प्रदेश के स्थायी दिव्यांगजन जिनके पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र है।

Q3. आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?

  • दिव्यांगता प्रमाणपत्र

  • आधार कार्ड

  • निवास प्रमाणपत्र

  • पासपोर्ट साइज फोटो

Q4. आवेदन कहाँ करना होगा?
UPSRTC के डिपो कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से।

Q5. क्या यह सुविधा सभी बसों में उपलब्ध है?
हाँ, यह सुविधा UPSRTC की सामान्य और अधिकांश एक्सप्रेस बसों में उपलब्ध है।



Comments

Popular posts from this blog

UP Take Home Ration (THR) योजना: बच्चों व माताओं हेतु पोषण

  Take Home Ration (THR)   एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य  गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरी बालिकाएं और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन  प्रदान करना है, ताकि कुपोषण को रोका जा सके। THR का उद्देश्य क्या है? भारत सरकार की "एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)" योजना के अंतर्गत, THR (टेक होम राशन) का मकसद है: बच्चों में कुपोषण की रोकथाम गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण बढ़ाना किशोरी बालिकाओं को पोषण और आयरन देना बाल मृत्यु दर और कम वजन वाले बच्चों की संख्या को कम करना THR में क्या-क्या मिलता है? लाभार्थियों को पैक्ड या तैयार राशन सामग्री घर ले जाने के लिए दी जाती है , जैसे: रेडी-टू-ईट (RTE) मिश्रण गेहूं, चना, सोयाबीन, मूंगफली, घी/तेल, शक्कर आदि से बना एनर्जी फूड कभी-कभी अंडा, दूध पाउडर या आयरन सप्लीमेंट्स भी हर राज्य में THR का फॉर्मूला अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए: लाभार्थी मात्रा और पोषण (प्रतिदिन) 6 माह – 3 वर्ष के बच्चे 500 कैलोरी, 12-15g प्रोटीन गर्भवती / धात्री महिला 600 कैलोरी, 18-20g प्रोटीन...

LPC क्या है? जमीन का स्वामित्व प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं | Progress India

LPC क्या है? | Land Possession Certificate का मतलब, उपयोग और पूरी जानकारी  प्रस्तावना भारत में ज़मीन-जायदाद से जुड़े काम अक्सर मुश्किल और पेचीदा लगते हैं। गांव से लेकर शहर तक, हर कोई कभी न कभी जमीन के कागज, खाता-खेसरा, खतियान या LPC जैसे शब्दों से सामना करता है। बहुत लोग पूछते हैं: 👉 LPC आखिर है क्या? 👉 इसे कहां से और क्यों लिया जाता है? 👉 संपत्ति से जुड़े मामलों में इसकी जरूरत कब पड़ती है? आइए इसे आसान भाषा और एक्शन-प्लान स्टाइल में समझते हैं।  स्टेप 1: LPC की फुल फॉर्म और मतलब समझें LPC = Land Possession Certificate हिंदी में: भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र / भूमि दखल प्रमाण पत्र यह सरकारी दस्तावेज बताता है कि जमीन किसके कब्जे (Possession) में है और किसके नाम पर दर्ज है।  स्टेप 2: LPC का महत्व क्यों है? जमीन के विवाद से बचने के लिए। बैंक से लोन लेने के लिए। जमीन बेचने या खरीदने के समय। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए। Mutation (नामांतरण) और Registry में सपोर्टिंग डाक्यूमेंट के तौर पर। 👉 मतलब साफ है – LPC आपकी जमीन का कानूनी सुर...