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यूपी में कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण वितरण योजना

भारतीय दिव्यांग व्यक्ति कृत्रिम अंगों के साथ, जिसमें हाथ और पैर शामिल हैं, एक समूह में बैठे हुए, पार्क में खुशी से बातचीत करते हुए, पृष्ठभूमि में हरे-भरे पेड़ और प्राकृतिक दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
दिव्यांग जनों के कृत्रिम अंग
उत्तर प्रदेश की Artificial Limbs / Assistive Equipment Scheme (सहायक उपकरण योजना) दिव्यांगजन को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली एक राज्य की पहल है, जिसका उद्देश्य उन्हें चाहे कृत्रिम अंग हो, व्हीलचेयर, ब्रेल किट या हियरिंग ऐड हो—इनमें से किसी की भी आवश्यकता हो, वे आसानी से प्राप्त कर सकें। आइए इस योजना की विशेषताएँ समझते हैं:

 उद्देश्य एवं कवर किए जाने वाले उपकरण

राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को निम्न उपकरणों की खरीद या मरम्मत हेतु आर्थिक अनुदान प्रदान करती है:

  • मोटराइज्ड / मैनुअल ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, क्रच, वॉकिंग स्टिक

  • ब्रेल किट, ऐबेकस, ज्योमेट्री किट (नेत्रहीनों को)

  • हियरिंग ऐड्स, कॉक्लियर इम्प्लांट सपोर्ट (श्रवण संबंधी दिव्यांगों के लिए)

  • MSID किट (बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए)

  • ADL किट (कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों के लिए)

  • मल्टी‑डिव्यांगता वाले लाभार्थियों को अधिकतम ₹15,000 तक का अनुदान


 अनुदान की राशि

श्रेणी अधिकतम अनुदान
एक उपकरण (एक दिव्यांग) ₹8,000
मल्टी‑डिव्यांक (दो से अधिक उपकरणों पर) ₹10,000
नए संशोधन (अगस्त 2024 से लागू) ₹15,000 तक

✅ पात्रता मानदंड

  1. टिकट: दिव्यांगता कम से कम 40%+

  2. निवास: उत्तर प्रदेश स्थायी निवासी

  3. आय: BPL सीमा — ग्रामीण ₹46,080, शहरी ₹56,460 (वार्षिक)

  4. चिकित्सक सिफ़ारिश: उपयोगी उपकरण के लिए अनिवार्य

  5. पूर्व लाभ:

    • पिछले 3 वर्षों में लाभार्थी को उपकरण नहीं मिला हो

    • विद्यार्थी होने पर यह अवधि 1 वर्ष होती है


 आवेदन प्रक्रिया और वितरण

  • आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन किया जा सकता है:

    • ऑफलाइन: जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, Jan Suvidha / Lokvani केंद्र

    • ऑनलाइन: UP e-district पोर्टल (Grant for Artificial Limbs service)
      depwd.gov.in uphwd.gov.in

  • सबमिट प्रक्रिया:

    • फार्म में व्यक्तिगत, आय, मेडिकल और दिव्यांगता संबंधी जानकारी भरें

    • आवश्यक दस्तावेज़ जैसे आय प्रमाण, दिव्यांगता सर्टिफिकेट, निवास, बैंक पासबुक आदि संलग्न करें

    • सेवा शुल्क ₹15 (e-district) देना होगा, अगर ऑनलाइन आवेदन करें

  • चयन एवं वितरण

    • आवेदन प्राथमिकता क्रम (first-come-first-served) पर स्वीकृत होते हैं

    • DBT के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर होती है

    • उपकरण जिला-स्तरीय शिविरों या डी.डी.आर.सी./एल.आई.एम.सी.ओ. कैंप में वितरित किया जाता है


 वर्तमान स्थिति व बजट

  • ₹39.4 करोड़ FY 2025–26 हेतु आवंटित, जिसमें ₹37.4 करोड़ उपकरणों हेतु और ₹2 करोड़ मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल्स हेतु शामिल हैं

  • अगस्त 2024 में राशि सीमा बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई, ताकि उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण उपलब्ध हों

FAQs (5 प्रश्न–उत्तर)

Q1. कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण वितरण योजना क्या है?
👉 यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसके तहत दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग और उपकरण मुफ्त या सब्सिडी पर दिए जाते हैं।

Q2. इस योजना का लाभ किन्हें मिलेगा?
👉 राज्य के दिव्यांगजन, जिनकी विकलांगता 40% या उससे अधिक है।

Q3. कौन-कौन से उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं?
👉 व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, हियरिंग एड, बैसाखी, कृत्रिम हाथ-पैर और अन्य सहायक उपकरण।

Q4. आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?
👉 दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड/पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो।

Q5. आवेदन कहाँ किया जा सकता है?
👉 जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय या शिविरों के माध्यम से।

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