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मिशन इंद्रधनुष – बच्चों और माताओं के लिए पूर्ण टीकाकरण का संकल्प | Progress India

एक खुले मैदान में इंद्रधनुष टीकाकरण शिविर, जहां लोग टीकाकरण के लिए बैठे हैं, पृष्ठभूमि में इंद्रधनुष और हरे पेड़ दिखाई दे रहे हैं।
 बच्चों को मुफ्त टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा

 मिशन इंद्रधनुष – बिहार सरकार

“हर बच्चे तक टीकाकरण, हर मां तक सुरक्षा।”


 योजना की शुरुआत

  • लॉन्च: 25 दिसंबर 2014 को भारत सरकार द्वारा शुरू।

  • बिहार में लागू: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में।

  • उद्देश्य: सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पूर्ण टीकाकरण देना।

  • टारगेट: 2 साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सभी जरूरी टीके उपलब्ध कराना।


 मुख्य उद्देश्य

  • बच्चों को घातक बीमारियों से बचाना।

  • गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व देना।

  • पोलियो, खसरा, टीबी, टिटनेस जैसी बीमारियों का खत्म करना।

  • ग्रामीण इलाकों और हाशिये पर रहने वाले परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना।

  • 100% टीकाकरण कवरेज हासिल करना।


 किन बीमारियों से बचाव?

मिशन इंद्रधनुष के तहत निम्नलिखित बीमारियों से सुरक्षा मिलती है:

  • पोलियो

  • डिप्थीरिया

  • काली खाँसी (Whooping Cough)

  • टिटनेस

  • खसरा (Measles)

  • हेपेटाइटिस-बी

  • ट्यूबरकुलोसिस (TB)

  • जापानी एन्सेफलाइटिस (चयनित क्षेत्रों में)

  • न्यूमोकोकल और अन्य संक्रमण


 किन्हें लाभ मिलेगा?

  • 0 से 2 वर्ष तक के बच्चे

  • गर्भवती महिलाएँ

  • कमजोर और पिछड़े वर्ग की माताएँ

  • ऐसे बच्चे/महिलाएँ जिन्हें पहले टीका नहीं मिला

  • ड्रॉप-आउट बच्चे – जिन्होंने बीच में टीकाकरण छोड़ दिया


 कैसे काम करता है मिशन इंद्रधनुष?

  • स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव जाकर सर्वे करता है।

  • ड्रॉप-आउट बच्चों और गर्भवती महिलाओं की पहचान की जाती है।

  • “इंद्रधनुष सप्ताह” बनाकर हर माह टीकाकरण अभियान चलाया जाता है।

  • आशा, आंगनबाड़ी और ANM कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करते हैं।

  • टीकाकरण कार्ड दिया जाता है और अगले टीके की तारीख बताई जाती है।


 मिशन इंद्रधनुष के चरण

  1. पहला चरण (2014–2017):

    • टीकाकरण दर 65% से बढ़ाकर 90% करने का लक्ष्य।

  2. इंटेंसिफाइड मिशन इंद्रधनुष (2017):

    • शहरी झुग्गी, मुश्किल इलाकों और कमज़ोर वर्गों पर खास फोकस।

  3. IMI 2.0 (2019):

    • हर ब्लॉक और पंचायत तक अभियान।

  4. IMI 3.0 (2021):

    • कोविड-19 महामारी के दौरान छूटे बच्चों पर विशेष फोकस।

  5. IMI 4.0 (2022):

    • नई रणनीति के साथ – हर मां, हर बच्चे तक पहुंचना।


 टीकाकरण शेड्यूल

बच्चे (0–2 वर्ष)

  • जन्म के समय: BCG, OPV-0, Hep-B

  • 6, 10, 14 हफ्ते: DPT, OPV, Hep-B, Hib

  • 9 माह: खसरा-1, विटामिन A

  • 16–24 माह: DPT Booster, OPV, खसरा-2

गर्भवती महिलाएँ

  • TT (टिटनेस टॉक्सॉइड) इंजेक्शन

  • आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट

  • पोषण और स्वास्थ्य जांच


 योजना से लाभ

  • बच्चों की मृत्यु दर (IMR) में कमी।

  • मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी।

  • बच्चे मजबूत और स्वस्थ बनते हैं।

  • बीमारियों पर इलाज का खर्च कम होता है।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का विश्वास बढ़ता है।

  • ग्रामीण इलाकों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है।


 आवेदन/प्रक्रिया

👉 मिशन इंद्रधनुष का लाभ पाने के लिए अलग से कोई आवेदन जरूरी नहीं।

  • नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र/आंगनबाड़ी में जाएं।

  • बच्चे/गर्भवती महिला का नाम दर्ज कराएं।

  • टीकाकरण कार्ड प्राप्त करें।

  • तय तिथि पर मुफ्त टीका लगवाएं।


 जरूरी दस्तावेज़

  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (अगर उपलब्ध हो)

  • माता-पिता का पहचान पत्र (आधार कार्ड)

  • निवास प्रमाण पत्र

  • टीकाकरण कार्ड (पहले से हो तो)

  • पासपोर्ट साइज फोटो


 विशेष पहल – बिहार में

  • हर पंचायत में टीकाकरण दिवस तय किया गया है।

  • मोबाइल हेल्थ टीम दूरदराज़ के इलाकों में भेजी जाती है।

  • स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

  • जागरूकता रैलियाँ और दीवार लेखन से जानकारी फैलाई जाती है।


 अब तक की उपलब्धियाँ

  • बिहार में टीकाकरण दर में लगातार सुधार।

  • लाखों बच्चों को सुरक्षित किया गया।

  • मातृ मृत्यु दर में कमी आई।

  • कोविड-19 के दौरान भी अभियान जारी रहा।


 क्यों ज़रूरी है मिशन इंद्रधनुष?

  • भारत में अभी भी कई बच्चे टीकाकरण से वंचित।

  • ग्रामीण इलाकों में मातृ मृत्यु दर अधिक।

  • बीमारियों से बचाव इलाज से बेहतर।

  • स्वस्थ मां = स्वस्थ बच्चा = स्वस्थ समाज।


✅ मिशन इंद्रधनुष का असर

  • गांव-गांव स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचीं।

  • महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ी।

  • बच्चों की बीमारियों में गिरावट आई।

  • सरकार पर जनता का भरोसा मजबूत हुआ।


 Progress India की नज़र से


 हर बच्चे तक टीका, हर मां तक सुरक्षा!

मिशन इंद्रधनुष केवल एक टीकाकरण अभियान नहीं है।
यह मातृ-शिशु सुरक्षा का एक समग्र कार्यक्रम है, जो बिहार जैसे राज्यों में स्वास्थ्य असमानता को कम कर रहा है।
“हर बच्चे तक टीका, हर मां तक सुरक्षा – यही है मिशन इंद्रधनुष का लक्ष्य।”


 FAQs

Q1. मिशन इंद्रधनुष क्या है?
👉 यह भारत सरकार और बिहार सरकार का संयुक्त टीकाकरण अभियान है, जिसमें बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मुफ्त टीके लगाए जाते हैं।

Q2. मिशन इंद्रधनुष से कौन लाभ ले सकता है?
👉 0 से 2 साल तक के बच्चे और गर्भवती महिलाएँ।

Q3. कौन-कौन से टीके दिए जाते हैं?
👉 BCG, OPV, DPT, Hepatitis-B, खसरा, Hib, और टिटनेस जैसे टीके।

Q4. मिशन इंद्रधनुष का आवेदन कैसे करें?
👉 इसके लिए अलग से आवेदन नहीं करना होता। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनबाड़ी में जाकर पंजीकरण कराना होता है।

Q5. बिहार में इसका असर क्या है?
👉 बच्चों की मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में कमी आई है, और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत हुई हैं।

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