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उत्तर प्रदेश की Industrial Investment & Employment Promotion Policy (IIEPP) 2022

औद्योगिक क्षेत्र जहाँ चिमनियाँ, निर्माणाधीन इमारतें और कारखाने उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित होते उद्योगों को दर्शाते हैं। दृश्य औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 की भावना को प्रतिबिंबित करता है, जो निवेशकों को सब्सिडी, भूमि बैंक विस्तार और रोजगार सृजन के माध्यम से आकर्षित करने पर केंद्रित है। एक अलग दृश्य में, निर्माण स्थल पर विविध श्रमिक—नीली शर्ट्स और पैंट्स में—उपकरणों के साथ सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जो नीति के रोजगार प्रोत्साहन और औद्योगिक विकास के लक्ष्यों को उजागर करता है।
उत्तर प्रदेश की IIEPP नीति

 उत्तर प्रदेश की Industrial Investment & Employment Promotion Policy (IIEPP) ने 2017 से लेकर 2022 तक ज़रूरतमंद और बड़ी औद्योगिक योजनाएँ लागू करते हुए समान रूप से निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया है। आइए इसे समझते हैं:

2017 पॉलिसी – रोजगार व निवेश पर फोकस

  • लक्ष्य: निवेश आकर्षित करके निर्माण क्षेत्र में बढ़ोतरी और स्थानीय रोजगार सुनिश्चित करना

  • प्रमुख प्रोत्साहन :

    • स्टाम्प ड्यूटी में 50–100% छूट (क्षेत्र के अनुसार)

    • SGST रिइम्बर्समेंट:

      • 90% छोटे, 60% मध्यम/बड़े उद्योगों को 5 वर्ष

      • 70% मега उद्योगों को 10 वर्ष

    • पूंजी व ब्याज सब्सिडी पर 5% वार्षिक छूट (5 वर्ष तक)

    • बिजली शुल्क और मंडी शुल्क में पूर्ण छूट (5–10 वर्ष तक)

    • EPF में 200 कर्मचारियों पर अतिरिक्त छूट

  • प्रभाव:

    • 36 बड़े प्रोजेक्ट्स पर ₹2,000 करोड़ निवेश, ~7,000 नौकरियाँ

    • 40 मега/सुपर मега प्रोजेक्ट्स पर ₹17,114 करोड़ और ~19,750 नौकरियाँ 


2022 पॉलिसी – वैश्विक निवेश व घटक विशिष्ट प्रोत्साहन

  • लक्ष्य: UP को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाना; वैश्विक निवेशों को आकर्षित करना

  • प्रोत्साहन के तीन विकल्प (एक में से चुनें):

    1. पूंजीगत सब्सिडी (प्रांत व श्रेणी अनुसार),

    2. नेट SGST प्रतिपूर्ति,

    3. PLI टॉप‑अप सब्सिडी

  •  निवेश श्रेणी (लार्ज से Ultra‑Mega) अलग-अलग छूट पैकेज समेत

  • कृषि/बंजर भूमि को लीज पर उपलब्ध कराने सहित विशेष प्रोत्साहन

  • प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क बनवाने वालों के लिए 25–50% पूंजी सब्सिडी + भूमि और स्टाम्प ड्यूटी छूट 

  • Implementation – Invest UP द्वारा संचालित; डिस्बर्सल तेज़ी से सुनिश्चित 


GCC Policy – ग्लोबल क्षमता केंद्र

  • Global Capability Centers (GCCs) को IT, हेल्थकेयर, ऑटोमोटिव क्षेत्रों में लाने पर 20% ऑपरेशनल सब्सिडी, पेरोल सब्सिडी, प्रशिक्षण व EPF छूट

  • लक्ष्य: 2 लाख रोजगार सृजन भारत gevest GCC स्थापित करना 


 हाल का प्रभाव और परिणाम

  • यूपी MSME क्षेत्र में महत्वपूर्ण रूप से विकसित हुआ, निवेश क्लाइमेट बेहतर हुआ

  • स्मार्टफोन निर्माण में राज्य ने देश में 55% हिस्सेदारी हासिल की 

  • GCC नीति से उच्च-स्तरीय नौकरियां, तकनीकी रोजगार और ग्रामीण-शहरी बेहतर घटक बंटवारा होगा


आपको इससे कैसे लाभ मिले?

  1. MSME या बड़े उद्यम खोलें: SCT, बिजली छूट, SGST रिइम्बर्समेंट, EPF सब्सिडी जैसे लाभ लें

  2. GCC निवेश: यदि आप IT/ITES स्टार्टअप या कंपनियां चला रही हैं

  3. Industrial Parks में निवेश करें: पूंजी + भूमि सब्सिडी के फायदे

  4. PLI पर आधारित उद्योग खोलें: अतिरिक्त टॉप-अप सब्सिडी प्राप्त करें

  5. Invest UP पर पंजीकरण कर आवेदन जमा करें – डिस्बर्सल तेजी से होगा


सहायता के लिए हमें ईमेल करें

Global Capability Centres (GCC) नीति 2024: उत्तर प्रदेश की ग्लोबल बिज़नेस का नया हब

UP का Defence Corridor और Aerospace यूनिट: नई उड़ान

उत्तर प्रदेश की प्रमुख सरकारी योजनाएँ – 2025 तक की सूची

FAQ

Q1. उत्तर प्रदेश की Industrial Investment & Employment Promotion Policy (IIEPP) क्या है?
IIEPP राज्य की प्रमुख औद्योगिक नीति है जो निवेश आकर्षित करने, उद्योग स्थापित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित है।

Q2. इस नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मुख्य उद्देश्य है – राज्य को भारत का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाना, MSMEs को बढ़ावा देना और युवाओं को रोजगार के अवसर देना।

Q3. किन क्षेत्रों को इस नीति में प्राथमिकता दी गई है?
इलेक्ट्रॉनिक्स, IT, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फार्मा, रक्षा उत्पादन, और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

Q4. निवेशकों को क्या लाभ मिलता है?
निवेशकों को टैक्स इंसेंटिव, भूमि उपलब्धता, बिजली रियायतें, और आसान अनुमोदन प्रक्रियाएं मिलती हैं।

Q5. रोजगार सृजन में यह नीति कैसे मदद करती है?
नई फैक्ट्रियों, MSMEs और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स से लाखों युवाओं को सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

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