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Industrial Parks व SEZs से बढ़ता निवेश और रोजगार: उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में एक विशाल औद्योगिक पार्क और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) का हवाई दृश्य, जहाँ आधुनिक फैक्ट्रियाँ, बहुमंजिला भवन और चिमनियाँ हरी-भरी भूमि के बीच फैली हुई हैं। नीले और सफेद रंग की इमारतें, लाल छत वाले कार्यालय भवन तथा चौड़ी सड़कें नजर आ रही हैं, जो राज्य की औद्योगिक वृद्धि को दर्शाती हैं। पृष्ठभूमि में खेतों और हरित क्षेत्रों का मिश्रण, जो नोएडा, लखनऊ और गाजियाबाद जैसे शहरों में विकसित हो रहे निजी क्षेत्र के इंडस्ट्रियल पार्कों का प्रतिनिधित्व करता है।
इंडस्ट्रियल पार्क्स और SEZs

 उत्तर प्रदेश में Industrial Parks & SEZs के ज़रिए बड़े पैमाने पर रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिला है। यहाँ प्रमुख पहलें और आप कैसे इससे जुड़ सकते हैं, उसका सारांश है:

1. निजी औद्योगिक पार्क (Private Industrial Parks)

  • 13 प्रमुख प्रोजेक्ट्स में ₹14,634 करोड़ निवेश, अनुमानित 2.7 लाख नौकरियाँ निर्माणाधीन—जिनमें से केवल Kanpur में ₹5,850 करोड़ निवेश से 2.5 लाख नौकरियाँ सृजित होंगी।

  • अन्य जिलों में भी बड़े निवेश (Baghpat, Bijnor, Meerut, Saharanpur आदि), हर जगह औद्योगिक पार्क आवश्यक सुविधा सहित बनाए जा रहे हैं।


 2. Special Economic Zones (SEZs)

  • 31 SEZs उत्तर प्रदेश में स्वीकृत, जिनमें से

    • 74% IT/ITeS,

    • 20% मल्टी‑प्रोडक्ट,

    • 3% टेक्सटाइल/हस्तशिल्प,

    • 3% नॉन‑कन्वेंशनल एनर्जी में हैं।

  • प्रमुख ऑपरेशनल SEZs: Noida, Greater Noida (HCL, Moser Baer, NIIT), Moradabad (हस्तशिल्प एक्सपोर्ट—₹272 करोड़ FY22‑23)।


 3. राज्य नीति के तहत औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन

  • Industrial Policy 2022 में

    • भूमि बैंक, PPP‑मॉडल पार्क, प्लग‑एंड‑प्ले सुविधा, सड़कों-बिजली का विकास शामिल है।

    • भूमि लीज, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पूंजी निवेश पर 25‑40% सब्सिडी, लॉजिस्टिक समर्थन जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं ।


 रोजगार व निवेश का प्रभाव

  • 2.7 लाख + नौकरियाँ निर्माणाधीन केवल उद्योग/पार्क्स में ही सामने हैं।

  • SEZs और पार्क्स के संयोजन से IT/ITeS, मोबाइल निर्माण, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और निर्यात बढ़ा है।


आप कैसे लाभ ले सकते हैं?

  1. Invest UP / NiveshSarathi पर अपना उद्योग/स्टार्टअप पंजीकृत करें।

  2. भूमि/प्लॉट उपलब्ध करवाएँ UPSIDA/YEIDA/Private Developers के पास।

  3. योजना के अनुरूप भूमि/बुनियादी ढाँचा सब्सिडी के लिए आवेदन करें।

  4. प्लग‑एंड‑प्ले सुविधा से लाभ उठाएं—ईस्ट-जस्ट उपलब्ध फैक्ट्री/लॉजिस्टिक सपोर्ट।

  5. भर्ती करें—औद्योगिक पार्क कंपनियाँ बेरोज़गार युवाओं को प्राथमिकता देती हैं।

  6. अपनी टीम तैयार करें—स्किल व प्लेसमेंट समर्थन से युवाओं को जोड़ें।


 सारांश तालिका

पहल विशेषताएँ रोजगार अनुमान
निजी औद्योगिक पार्क 13+ बड़े प्रोजेक्ट्स, निवेश ₹14,634 करोड़ 2.7 लाख+
SEZs 31 SEZs, IT और हस्तशिल्प मुख्य नये निर्यात-आधारित रोजगार
यूपी नीति 2022 भूमि, पूंजी, स्टाम्प, लॉजिस्टिक सब्सिडी निवेश आकर्षण व जॉब निर्माण
कुल प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार व निर्यात वृद्धि लाखों सीधे, अरबों अप्रत्यक्ष

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FAQ

Q1. इंडस्ट्रियल पार्क क्या होते हैं?
ये विशेष क्षेत्र होते हैं जहाँ उद्योगों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर सुविधाएँ मिलती हैं।

Q2. SEZs (Special Economic Zones) क्या हैं?
SEZs ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ उद्योगों को टैक्स छूट, आसान नियम और निर्यात की सुविधा मिलती है।

Q3. उत्तर प्रदेश में कहाँ-कहाँ इंडस्ट्रियल पार्क्स और SEZs बने हैं?
मुख्य रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर में।

Q4. इनसे स्थानीय लोगों को क्या फायदा मिलता है?
रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, MSME सेक्टर को बढ़ावा मिलता है और युवाओं को नई स्किल्स सीखने का मौका मिलता है।

Q5. यूपी सरकार इन क्षेत्रों में क्या सपोर्ट देती है?
भूमि, बिजली, पानी, टैक्स में छूट और निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की सुविधा देती है।

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