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UP की दिव्यांगजन पुनर्वासन हेतु दुकान निर्माण/संचालन योजना

एक दुकान में भारतीय दिव्यांगजन उत्साह के साथ ग्राहकों की सेवा करते हुए, जिसमें अलमारियों पर विभिन्न वस्तुएं सजी हैं और एक व्यक्ति व्हीलचेयर पर बैठा है।

उत्तर प्रदेश की दिव्यांगजन पुनर्वासन हेतु दुकान निर्माण/ संचालन योजना आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांग लोगों को स्वरोजगार शुरू करने की प्रोत्साहना देती है — इसमें दुकान खोलने या संचालन के लिए ऋण व अनुदान दोनों शामिल हैं। यहां पूरी जानकारी👇


 कौन पात्र है?

  • ≥ 40% दिव्यांगता (CMO/PHC/CHC द्वारा प्रमाणित)

  • उम्र 18–60 वर्ष 

  • रोजगार के लिए भूमि (110 वर्ग फीट) स्वामित्व या पांच वर्ष का किराया पट्टा लिया होना आवश्यक

  • वार्षिक आय गरीबी रेखा की 2 गुना या उससे कम होनी चाहिए 

  • किसी आपराधिक/आर्थिक प्रकरण में दोषी न हो


 लाभ राशि

उद्देश्य कुल राशि ऋण (4% ब्याज) अनुदान
दुकान निर्माण ₹20,000 ₹15,000 ₹5,000
दुकान/ खोखा संचालन ₹10,000 ₹7,500 ₹2,500

– ऋण चुकौती क्रमशः तिमाही किश्तों में की जाएगी (दुकान निर्माण के 3 माह बाद)।


 आवेदन प्रक्रिया

  • ऑनलाइन आवेदन: divyangjandukan.upsdc.gov.in से करें (uphwd.gov.in)

  • लोकवाणी / जनसेवा केंद्र से सहायता मिलेगी 

  • ऑनलाइन फॉर्म भरें → हार्ड कॉपी स्थानीय जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय में जमा करें (कुछ जिलों में समय-सीमा लागू) 


 ज़रूरी दस्तावेज़

  • दिव्यांगता प्रमाणपत्र (40%+)

  • आय प्रमाण पत्र

  • आधार कार्ड

  • बैंक पासबुक

  • निवास प्रमाण

  • जन्म तिथि (10वीं मार्कशीट/जन्म प्रमाण)

  • भूमि/किराया पट्टा, यदि दुकान निर्माण है

  • पासपोर्ट साइज फोटो

  • (वांछित रूप से) जाति प्रमाण आदि


 टाइमलाइन एवं प्रक्रिया

  • पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन किया जाता है 

  • पहले ऋण-ऋण-पात्रता जांच के बाद ऋण + अनुदान दी जाती है;

  • ऋण चुकौती तिमाही किश्तों में होती है; ब्याज सहित रकम 24 या 30 किश्तों में लौटाई जाती है।


 असर और फायदे

  • यह योजना दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करती है।

  • कई जिलों (अम्बेडकरनगर, उन्नाव, बदायूं, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर आदि) में इसके तहत अनेकों आवेदन और स्वीकृतियां हुई हैं।


 अगले कदम

  1. पात्रता जांचें — आपकी आय, उम्र, जमीन/पैदल केंद्र की स्थिति आदि।

  2. ऑनलाइन आवेदन करेंdivyangjandukan.upsdc.gov.in

  3. दस्तावेज़ तैयार रखें — प्रमाण-पत्र, बैंक पासबुक, भूमि/किराया दस्तावेज व अन्य

  4. हार्ड कॉपी जमा करें — स्थानीय जिला कार्यालय में

  5. चयन और धन प्राप्ति — ई-भुगतान बैंक खाते में होगा

  6. ऋण चुकाने की योजना बनाएं — धीरे-धीरे किश्तों में


 सहायता चाहिए?

अगर आप चाहें, तो यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश की प्रमुख सरकारी योजनाएँ – 2025 तक की सूची

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 FAQs

Q1: दुकान निर्माण/संचालन योजना क्या है?
👉 यह योजना दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता देकर खुद की दुकान खोलने या चलाने का अवसर देती है।

Q2: योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
👉 दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना।

Q3: किसे लाभ मिलेगा?
👉 उत्तर प्रदेश के निवासी दिव्यांगजन जिनके पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र है।

Q4: कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?
👉 पात्रता के आधार पर दुकान निर्माण/संचालन हेतु वित्तीय मदद या लोन की सुविधा।

Q5: आवेदन प्रक्रिया क्या है?
👉 सामाजिक कल्याण विभाग या जिला दिव्यांगजन कार्यालय के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

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