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स्वास्थ्य अवसंरचना: बेहतर चिकित्सा सेवा का मजबूत आधार

एक अस्पताल के गलियारे में डॉक्टर और नर्स की तस्वीर, जो सफेद वर्दी में हैं और मुस्कुरा रहे हैं। पृष्ठभूमि में अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी और बड़ी खिड़कियां दिखाई देती हैं, जो उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को दर्शाती हैं।

स्वास्थ्य अवसंरचना और सेवाएँ (Health Infrastructure and Services) का मतलब है — एक ऐसा व्यवस्थित ढाँचा जिसमें अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, प्रशिक्षित डॉक्टर/नर्स, दवाएं, उपकरण, एम्बुलेंस, और अन्य आवश्यक संसाधन शामिल हैं — ताकि हर नागरिक को समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके।

1. स्वास्थ्य अवसंरचना के मुख्य घटक

घटक विवरण
हॉस्पिटल/स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल, CHC, PHC, उप-स्वास्थ्य केंद्र (Sub-centres)
मानव संसाधन डॉक्टर, नर्स, ANM, ASHA, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन
स्वास्थ्य उपकरण एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन थियेटर, ICU, वेंटिलेटर
दवाएं और आपूर्ति आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, खून, ऑक्सीजन
एम्बुलेंस और परिवहन 102, 108 एम्बुलेंस सेवाएँ
IT/डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर स्वास्थ्य ऐप, टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ आईडी

2. भारत में स्वास्थ्य अवसंरचना का स्तर (2024 तक)

स्तर इकाई औसत आबादी
SC (सब-सेंटर) ~1,57,000 5,000 लोग
PHC (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) ~30,000 30,000 लोग
CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ~6,000 1.2–1.5 लाख लोग
District Hospital हर ज़िले में 2–10 लाख आबादी

Note: शहरों में अर्बन हेल्थ पोस्ट, मोबाइल मेडिकल यूनिट, और मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल भी कार्यरत हैं।


3. प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य सेवाएँ

गर्भवती और शिशु के लिए:

  • जननी सुरक्षा योजना (JSY)

  • जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK)

  • प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY)

  • 102 एम्बुलेंस सेवा

गंभीर बीमारियों के लिए:

  • आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY)

  • गंभीर बीमारी सहायता योजना (श्रमिकों हेतु)

  • मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (यूपी)

  • कैंसर, किडनी, हार्ट सर्जरी आदि के लिए विशेष सहायता

प्राथमिक सेवाएँ:

  • मुफ्त OPD/IPD सुविधा सरकारी अस्पतालों में

  • टीकाकरण कार्यक्रम (Mission Indradhanush)

  • पोषण अभियान (अंगनवाड़ी और NRC के माध्यम से)


4. डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएँ

सेवा विवरण
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड, ई-रिकॉर्ड, ई-हॉस्पिटल
e-Sanjeevani (टेलीमेडिसिन) डॉक्टर से वीडियो कॉल द्वारा मुफ्त परामर्श
NHM पोर्टल रिपोर्ट, ट्रैकिंग, योजना अपडेट
NHP India App/Website सभी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी

5. आपातकालीन सेवाएँ

सेवा हेल्पलाइन
102 एम्बुलेंस (मातृ-शिशु) 102
108 एम्बुलेंस (आपातकालीन सेवा) 108
CM हेल्पलाइन – शिकायत 1076
स्वास्थ्य मंत्रालय हेल्पलाइन 1800‑180‑1104

6. चुनौतियाँ

  • ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों और उपकरणों की कमी

  • कुछ स्थानों पर भवन की हालत खराब

  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता (गायनकोलॉजिस्ट, सर्जन)

  • दवाओं की आपूर्ति में समय की बाधा


7. सुधार की दिशा

  • प्रत्येक ब्लॉक में Health & Wellness Center

  • मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि (AIIMS, GMC)

  • PHC/CHC में टेलीमेडिसिन इकाई

  • निजी अस्पतालों के साथ PPP मॉडल (जैसे आयुष्मान भारत नेटवर्क)

  • जनऔषधि केंद्र – सस्ती दवाओं की उपलब्धता


उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य अवसंरचना 2025

स्वास्थ्य अवसंरचना और सेवाएँ मिलकर एक ऐसा ढाँचा तैयार करती हैं जिसमें आम नागरिक — विशेषकर ग्रामीण, गरीब और महिला/बच्चे — सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज पा सकें। यह सिर्फ अस्पताल नहीं बल्कि एक जीवन रक्षा तंत्र (lifeline) है।


 उत्तर प्रदेश की प्रमुख सरकारी योजनाएँ – 2025 तक की सूची

HIV/TB मरीज़ों व परिवारों के लिए योजनाएँ – उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना – बेटियों के लिए सुरक्षा

FAQs

Q1. स्वास्थ्य अवसंरचना का मतलब क्या है?
अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र, मेडिकल कॉलेज, दवाओं की उपलब्धता और डिजिटल हेल्थ सेवाएँ – ये सभी स्वास्थ्य अवसंरचना का हिस्सा हैं।

Q2. उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य अवसंरचना में क्या सुधार हो रहे हैं?
नए मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार, टेलीमेडिसिन सेवाएँ और आधुनिक अस्पतालों का निर्माण हो रहा है।

Q3. ग्रामीण क्षेत्रों में क्या कदम उठाए गए हैं?
गाँवों में उप-स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है और मोबाइल हेल्थ यूनिट्स चलाई जा रही हैं।

Q4. डिजिटल हेल्थ सेवाओं में क्या शामिल है?
ई-हॉस्पिटल, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ कार्ड जैसी सेवाएँ।

Q5. स्वास्थ्य अवसंरचना मजबूत होने से जनता को क्या फायदा होगा?
तेजी से इलाज, समय पर दवा, बेहतर सुविधाएँ और कम मृत्यु दर।

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