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Delhi स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा और इंटर्नशिप: हर छात्र को भविष्य के लिए तैयार करना

व्यवसायिक कौशल एवं इंटर्नशिप दिल्ली के लाभार्थियों की छवि, जिसमें एक समूह युवा पेशेवरों और प्रशिक्षुओं को कार्यालय में खड़े हुए दिखाया गया है। वे औपचारिक और आकस्मिक वेशभूषा में मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं, पृष्ठभूमि में आधुनिक कार्यालय का माहौल और बड़ी खिड़कियां हैं।
Delhi Education

व्यावसायिक कौशल एवं इंटर्नशिप — जब स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ ज़िंदगी की तैयारी भी होती है

“डिग्री के साथ हुनर हो, तो नौकरी नहीं, पहचान मिलती है।”


स्कूलों में हम सबने मैथ, साइंस, हिस्ट्री तो पढ़ी —
लेकिन क्या कभी किसी ने हमें सिखाया कि रिज़्यूमे कैसे बनाते हैं?
इंटरव्यू में क्या बोलना चाहिए?
या फिर किसी कंपनी में काम कैसे होता है?

दिल्ली सरकार ने ये कमी समझी — और पूरी भी की।
इसलिए शुरू की गई 👉 व्यावसायिक कौशल एवं इंटर्नशिप योजना
ताकि स्कूल में पढ़ते-पढ़ते ही बच्चे ज़िंदगी की असली दुनिया के लिए तैयार हो सकें।


 इस योजना का मकसद क्या है?

सरकारी स्कूलों के छात्रों को
स्कूल के साथ-साथ
प्रैक्टिकल स्किल्स और
वर्क एक्सपीरियंस देना,
ताकि वो सिर्फ अच्छे छात्र नहीं, स्मार्ट प्रोफेशनल भी बनें।


 क्या-क्या सिखाया जाता है?

व्यावसायिक कौशल (Life & Work Skills):

  • कम्युनिकेशन स्किल्स

  • टीमवर्क और लीडरशिप

  • ईमेल और रिपोर्ट लिखना

  • टाइम मैनेजमेंट

  • इंटरव्यू की तैयारी

  • और... "खुद पर भरोसा करना"

प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग:

  • बच्चे खुद छोटे-छोटे बिज़नेस आइडिया पर काम करते हैं

  • स्कूल में रहते हुए ही उन्हें एंटरप्रेन्योरशिप का अनुभव दिया जाता है


इंटर्नशिप क्या होती है?

"इंटर्नशिप यानी सीखना — असली दुनिया से, असली लोगों के साथ।"

कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को
दिल्ली सरकार, प्राइवेट कंपनियों, NGOs या सरकारी विभागों में
👉 गर्मी की छुट्टियों में 15-20 दिन की इंटर्नशिप दी जाती है।

इसमें बच्चे असल दफ्तरों में जाकर

  • काम करना

  • सीखना

  • और खुद को निखारना सीखते हैं।


 स्कॉलरशिप भी मिलती है!

  • इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को ₹5,000 तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है

  • ताकि वे महसूस करें कि उनकी मेहनत की भी क़ीमत है


 बच्चों की ज़ुबानी:

“पहली बार किसी दफ्तर में गई, कॉन्फिडेंस ही कुछ और था। अब पता है कि आगे क्या बनना है।”
प्रीति, कक्षा 12वीं, सरकारी स्कूल

“इंटरव्यू से डरता था, अब बात करना आता है। रिज़्यूमे भी खुद बना लिया।”
अमन, कक्षा 11वीं


 यह योजना क्यों ज़रूरी है?

क्योंकि पढ़ाई सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं होती —
जिंदगी में काम आने वाला अनुभव, आत्मविश्वास और व्यवहार भी उतना ही जरूरी है।
और यही ये योजना बच्चों को स्कूल में ही सिखा देती है।

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“एक स्किल, एक इंटर्नशिप — और एक सोच कि
अब हम सिर्फ नौकरी खोजने वाले नहीं,
ज़रूरत पड़े तो नौकरी देने वाले भी बन सकते हैं।”


अगर आप जानना चाहते हैं कि ये इंटर्नशिप आपके बच्चे को कैसे मिलेगी, क्या स्किल सिखाए जा रहे हैं, या रजिस्ट्रेशन कैसे होता है —
तो बताइए, मैं आपको पूरा रास्ता समझा दूँगा।

FAQ (Frequently Asked Questions)

Q1. दिल्ली में स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा क्या है?
👉 यह कार्यक्रम छात्रों को कक्षा 9 से व्यावसायिक विषयों और प्रैक्टिकल स्किल्स की ट्रेनिंग देता है।

Q2. इंटर्नशिप का उद्देश्य क्या है?
👉 छात्रों को उद्योगों और संस्थानों में वास्तविक कार्य अनुभव दिलाना।

Q3. किन कक्षाओं के छात्रों को यह अवसर मिलता है?
👉 मुख्य रूप से 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को।

Q4. क्या यह कार्यक्रम सभी स्कूलों में है?
👉 हाँ, दिल्ली सरकार के कई सरकारी स्कूलों में इसे लागू किया गया है।

Q5. छात्रों को इससे क्या लाभ होगा?
👉 करियर में आत्मनिर्भरता, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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