Skip to main content

Sikshashree योजना: SC/ST छात्रों को छात्रवृत्ति और सहायता

 Sikshashree Scheme (शिक्षाश्री योजना) पश्चिम बंगाल सरकार की एक शिक्षा सहायता योजना है, जो SC (अनुसूचित जाति) और ST (अनुसूचित जनजाति) समुदाय के कक्षा 5वीं से 8वीं तक के छात्रों को दी जाती है। इसका उद्देश्य है इन वर्गों के छात्रों को स्कूल छोड़ने से रोकना और नियमित रूप से विद्यालय में बनाए रखना, साथ ही उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना।


उद्देश्य

  • अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) के छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना

  • उनके परिवारों पर स्कूल खर्च का बोझ कम करना

  • स्कूल छोड़ने की दर को घटाना और शिक्षा में निरंतरता बनाए रखना

पात्रता शर्तें

मानदंड विवरण
निवास पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना चाहिए
श्रेणी केवल SC या ST वर्ग के छात्र
कक्षा कक्षा 5वीं से 8वीं तक
वार्षिक आय परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम
शिक्षा छात्र किसी मान्यता प्राप्त सरकारी/सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में पढ़ रहा हो

लाभ

कक्षा वार्षिक छात्रवृत्ति
कक्षा 5 से 8 ₹800 प्रति वर्ष (एकमुश्त)

यह राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए भेजी जाती है।


आवश्यक दस्तावेज़

  1. जाति प्रमाण पत्र (SC/ST)

  2. आवासीय प्रमाण पत्र

  3. छात्र का आधार कार्ड या विद्यालय ID

  4. बैंक पासबुक की कॉपी (छात्र के नाम से)

  5. स्कूल प्रमाणपत्र / बोनाफाइड

  6. आय प्रमाण पत्र (BPL कार्ड या सरकारी प्रमाण)


आवेदन प्रक्रिया

  1. छात्र को विद्यालय से फॉर्म लेना होगा

  2. विद्यालय प्रधानाध्यापक के समक्ष फॉर्म और दस्तावेज़ जमा करें

  3. स्कूल द्वारा फॉर्म की पुष्टि के बाद BDO / SDO कार्यालय भेजा जाता है

  4. जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) द्वारा सत्यापन के बाद बैंक खाते में राशि ट्रांसफर होती है


क्रियान्वयन एजेंसी

  • योजना को Backward Classes Welfare Department, West Bengal संचालित करता है

  • जिला स्तर पर DSWO (District Social Welfare Officer) इसके कार्यान्वयन की निगरानी करते हैं


पोर्टल और संपर्क

स्रोत विवरण
वेबसाइट: https://anagrasarkalyan.gov.in
संपर्क: जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण कार्यालय (BCW Office) / Block Development Office (BDO)
हेल्पलाइन:  ज़िला समाज कल्याण विभाग के माध्यम से (स्थान अनुसार)

सारांश तालिका

विषय विवरण
योजना नाम शिक्षाश्री योजना (Sikshashree Scheme)
लाभ ₹800 प्रति वर्ष
लक्षित वर्ग SC/ST छात्र (कक्षा 5–8)
आय सीमा ₹2.5 लाख प्रति वर्ष से कम
आवेदन स्थान विद्यालय / BDO / DSWO कार्यालय
भुगतान तरीका DBT (बैंक खाते में सीधे)


Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

UP Take Home Ration (THR) योजना: बच्चों व माताओं हेतु पोषण

  Take Home Ration (THR)   एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य  गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरी बालिकाएं और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन  प्रदान करना है, ताकि कुपोषण को रोका जा सके। THR का उद्देश्य क्या है? भारत सरकार की "एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)" योजना के अंतर्गत, THR (टेक होम राशन) का मकसद है: बच्चों में कुपोषण की रोकथाम गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण बढ़ाना किशोरी बालिकाओं को पोषण और आयरन देना बाल मृत्यु दर और कम वजन वाले बच्चों की संख्या को कम करना THR में क्या-क्या मिलता है? लाभार्थियों को पैक्ड या तैयार राशन सामग्री घर ले जाने के लिए दी जाती है , जैसे: रेडी-टू-ईट (RTE) मिश्रण गेहूं, चना, सोयाबीन, मूंगफली, घी/तेल, शक्कर आदि से बना एनर्जी फूड कभी-कभी अंडा, दूध पाउडर या आयरन सप्लीमेंट्स भी हर राज्य में THR का फॉर्मूला अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए: लाभार्थी मात्रा और पोषण (प्रतिदिन) 6 माह – 3 वर्ष के बच्चे 500 कैलोरी, 12-15g प्रोटीन गर्भवती / धात्री महिला 600 कैलोरी, 18-20g प्रोटीन...

LPC क्या है? जमीन का स्वामित्व प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं | Progress India

LPC क्या है? | Land Possession Certificate का मतलब, उपयोग और पूरी जानकारी  प्रस्तावना भारत में ज़मीन-जायदाद से जुड़े काम अक्सर मुश्किल और पेचीदा लगते हैं। गांव से लेकर शहर तक, हर कोई कभी न कभी जमीन के कागज, खाता-खेसरा, खतियान या LPC जैसे शब्दों से सामना करता है। बहुत लोग पूछते हैं: 👉 LPC आखिर है क्या? 👉 इसे कहां से और क्यों लिया जाता है? 👉 संपत्ति से जुड़े मामलों में इसकी जरूरत कब पड़ती है? आइए इसे आसान भाषा और एक्शन-प्लान स्टाइल में समझते हैं।  स्टेप 1: LPC की फुल फॉर्म और मतलब समझें LPC = Land Possession Certificate हिंदी में: भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र / भूमि दखल प्रमाण पत्र यह सरकारी दस्तावेज बताता है कि जमीन किसके कब्जे (Possession) में है और किसके नाम पर दर्ज है।  स्टेप 2: LPC का महत्व क्यों है? जमीन के विवाद से बचने के लिए। बैंक से लोन लेने के लिए। जमीन बेचने या खरीदने के समय। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए। Mutation (नामांतरण) और Registry में सपोर्टिंग डाक्यूमेंट के तौर पर। 👉 मतलब साफ है – LPC आपकी जमीन का कानूनी सुर...