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Occupational Safety, Health and Working Conditions Code 2020 – कामगारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के नए नियम

एक निर्माण स्थल पर एक कार्यकर्ता, जो हेलमेट और सुरक्षा चश्मा पहने हुए है, पृष्ठभूमि में अन्य कार्यकर्ता और उपकरण दिखाई दे रहे हैं, साथ ही एक डेस्क पर व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियाँ कोड 2020 का दस्तावेज रखा हुआ है।
Workplace Safety and Health Code – Progress India

Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020

कामगारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर कार्य परिस्थितियों की गारंटी


1. परिचय – यह कोड क्यों जरूरी है?

  • भारत में लाखों कामगार रोज़ाना फैक्टरियों, खानों, गोदामों और दफ्तरों में काम करते हैं।

  • पहले, इन पर अलग-अलग 13 पुराने कानून लागू थे।

  • Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 ने इन सभी को मिलाकर एक ही कोड में लाया।

  • इसका उद्देश्य –

    • सुरक्षित कार्यस्थल

    • बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

    • इंसानियत भरे कार्य घंटे

    • और कामगारों के अधिकारों की रक्षा


2. किन पर लागू होता है यह कोड?

  • सभी उद्योग – फैक्ट्री, माइन, डॉक, वेयरहाउस, प्लांट, ऑफिस आदि।

  • सभी श्रेणियां – स्थायी कर्मचारी, अस्थायी, ठेका मजदूर, इंटर-स्टेट माइग्रेंट वर्कर्स।

  • यहां तक कि गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के कुछ सुरक्षा प्रावधान भी शामिल।


3. मुख्य उद्देश्य

  • कार्यस्थल को दुर्घटनामुक्त और सुरक्षित बनाना।

  • कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना।

  • कार्य घंटों, छुट्टियों और आराम के समय को नियमित करना

  • महिला और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय लागू करना।


4. कामगारों के लिए मुख्य लाभ

सुरक्षित कार्यस्थल

  • मशीनों, केमिकल्स और ऊँचाई पर काम करते समय सेफ्टी गियर अनिवार्य।

  • इमरजेंसी एग्जिट और फायर सेफ्टी प्लान ज़रूरी।

स्वास्थ्य सुविधाएं

  • पीने का साफ पानी, साफ शौचालय, मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराना।

  • बड़े कार्यस्थलों पर एम्बुलेंस और फर्स्ट-एड रूम।

कार्य समय का नियमन

  • अधिकतम 8 घंटे का कार्यदिवस।

  • सप्ताह में एक दिन अनिवार्य छुट्टी।

  • ओवरटाइम का उचित भुगतान।

महिला कर्मचारियों के अधिकार

  • रात की शिफ्ट में काम करने पर सुरक्षा प्रावधान।

  • कार्यस्थल पर उत्पीड़न से बचाव के लिए कानूनी ढांचा।

माइग्रेंट वर्कर्स की सुविधा

  • रजिस्ट्रेशन और पहचान पत्र।

  • ट्रैवल अलाउंस और हॉस्टल/आवास की सुविधा।


5. नियोक्ताओं की जिम्मेदारियां

  • सभी कर्मचारियों को सेफ्टी ट्रेनिंग देना।

  • दुर्घटनाओं की रिपोर्ट तुरंत संबंधित विभाग को भेजना।

  • कार्यस्थल पर नो स्मोकिंग, नो ड्रग्स नीति लागू करना।

  • हेल्थ चेक-अप और मेडिकल रिकॉर्ड बनाए रखना।


6. रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रक्रिया

  • सभी प्रतिष्ठानों को एक यूनिफाइड रजिस्ट्रेशन नंबर (URN) लेना होगा।

  • ठेका मजदूर, माइग्रेंट वर्कर्स और अन्य के लिए अलग-अलग रजिस्टर में रिकॉर्ड रखना अनिवार्य।


7. अधिकारों की रक्षा के लिए प्रावधान

  • शिकायत निवारण तंत्र।

  • दुर्घटना होने पर मुआवजे का प्रावधान।

  • मजदूर यूनियन और प्रतिनिधि की मान्यता।


8. पालन न करने पर दंड

  • कोड के नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और/या जेल।

  • दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी सीधे नियोक्ता पर।


9. कर्मचारियों के लिए एक्शन प्लान

स्टेप 1 – अपने संस्थान का रजिस्ट्रेशन चेक करें।
स्टेप 2 – सेफ्टी गियर (हेलमेट, मास्क, ग्लव्स) हमेशा इस्तेमाल करें।
स्टेप 3 – कार्यस्थल पर सुरक्षा बोर्ड और गाइडलाइन पढ़ें।
स्टेप 4 – किसी भी दुर्घटना या खतरे की रिपोर्ट तुरंत करें।
स्टेप 5 – मेडिकल चेक-अप का लाभ लें।
स्टेप 6 – अपने अधिकार और नियम जानने के लिए श्रम विभाग की वेबसाइट देखें।


10. नियोक्ताओं के लिए एक्शन प्लान

स्टेप 1 – यूनिफाइड रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त करें।
स्टेप 2 – सभी कर्मचारियों का रिकॉर्ड अपडेट रखें।
स्टेप 3 – सेफ्टी ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल कराएं।
स्टेप 4 – स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दें।
स्टेप 5 – महिला और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान लागू करें।
स्टेप 6 – सभी कानूनों का पालन सुनिश्चित करें।


11. यह कोड क्यों खास है?

  • पहली बार, एक ही कानून में सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े सभी पहलुओं को कवर किया गया।

  • पारदर्शिता और डिजिटल रजिस्ट्रेशन की सुविधा।

  • माइग्रेंट और असंगठित श्रमिकों को शामिल करना एक बड़ा कदम।


12. कहां से मिले अधिक जानकारी?

  • श्रम और रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour & Employment) की आधिकारिक वेबसाइट।

  • राज्य के श्रम विभाग के कार्यालय।

  • श्रमिक संगठनों और NGO से मदद।


Progress India का संदेश

"एक सुरक्षित और स्वस्थ कार्यस्थल सिर्फ कानून नहीं, बल्कि हर कर्मचारी का अधिकार है। Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 इस अधिकार को मजबूत बनाता है। आइए, मिलकर इसे लागू करें और कामगारों के लिए एक बेहतर भारत बनाएं।"


अगर आप चाहें तो

Industrial Relations Code 2020 – कर्मचारियों और नियोक्ताओं के अधिकार, नियम और लाभ | Progress India

सोशल सिक्योरिटी कोड 2020: कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए संपूर्ण गाइड | Progress India

Wages Code 2019: न्यूनतम वेतन, बोनस और कर्मचारी अधिकार की पूरी जानकारी | Progress India

श्रम कानून 2025: कर्मचारियों और नियोक्ताओं के अधिकार व नियम – Progress India गाइड

FAQs

Q1. Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 क्या है?
यह कोड भारत में कामगारों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया एक एकीकृत कानून है, जिसमें पुराने 13 श्रम कानूनों को मिलाया गया है।

Q2. यह किन पर लागू होता है?
यह कोड फैक्ट्री, माइन, गोदाम, डॉक, ऑफिस सहित लगभग सभी उद्योगों पर लागू होता है और इसमें स्थायी, अस्थायी, ठेका और माइग्रेंट सभी कामगार शामिल हैं।

Q3. कर्मचारियों को क्या लाभ मिलेगा?
सुरक्षित कार्यस्थल, साफ पानी, मेडिकल सुविधाएं, सीमित कार्य घंटे, ओवरटाइम भुगतान, महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा और माइग्रेंट वर्कर्स के लिए आवास और पहचान सुविधा।

Q4. नियोक्ताओं की क्या जिम्मेदारी है?
सेफ्टी ट्रेनिंग देना, दुर्घटनाओं की रिपोर्ट करना, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और सभी कानूनी नियमों का पालन करना।

Q5. उल्लंघन होने पर क्या दंड है?
कोड का पालन न करने पर भारी जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है।

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