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Risk-Reward Ratio क्या है? सही ट्रेडिंग सीक्रेट जानें | Progress India

एक पेशेवर व्यक्ति स्टॉक एक्सचेंज के फ्लोर पर खड़ा है, जहां पृष्ठभूमि में स्टॉक मार्केट डेटा और स्क्रीन प्रदर्शित हो रही हैं। चेहरे पर गहरी सोच और रिस्क-रिवार्ड अनुपात के मूल्यांकन की अभिव्यक्ति दर्शाई गई है।
Risk-Reward Ratio = शेयर बाज़ार में जीत का फॉर्मूला

 Risk-Reward Ratio क्या है? | Progress India


 परिचय

  • शेयर बाज़ार में सिर्फ़ पैसा कमाना ही लक्ष्य नहीं है।

  • असली गेम है Risk और Reward को मैनेज करना

  • Risk-Reward Ratio वही फॉर्मूला है, जो तय करता है कि आपका ट्रेडिंग सिस्टम सुरक्षित है या जुआ


 Risk-Reward Ratio की बेसिक परिभाषा

  • Risk-Reward Ratio = आप कितना रिस्क ले रहे हैं बनाम कितना रिवार्ड पा सकते हैं।

  • उदाहरण:

    • अगर आप ₹100 का रिस्क लेकर ₹300 कमा सकते हैं → Ratio = 1:3

    • यानी हर ₹1 रिस्क पर ₹3 का रिवार्ड।


 Risk-Reward Ratio क्यों ज़रूरी है?

  • यह आपको Blind Trading से बचाता है।

  • ट्रेडिंग को Maths & Logic पर आधारित करता है।

  • Helps in:

    • पूंजी सुरक्षा

    • बड़े नुकसान से बचाव

    • Consistent Growth


 सही Risk-Reward Ratio क्या होना चाहिए?

  • Golden Rule: 1:2 या उससे बेहतर

  • यानी हर ₹1 रिस्क पर कम से कम ₹2 का संभावित प्रॉफिट।

  • प्रोफेशनल ट्रेडर्स 1:3 या 1:4 को टारगेट करते हैं।


 Risk-Reward Ratio कैसे निकालें?

  1. पहले तय करें – Entry Point

  2. फिर लगाएँ – Stop Loss (Risk)

  3. तय करें – Target Price (Reward)

  4. Formula = (Target – Entry) ÷ (Entry – Stop Loss)

👉 उदाहरण:

  • Entry = ₹100

  • Stop Loss = ₹95 (Risk = ₹5)

  • Target = ₹115 (Reward = ₹15)

  • Ratio = 15 ÷ 5 = 1:3 ✅


 Risk-Reward Ratio को समझने का आसान तरीका

  • सोचिए कि आप 10 ट्रेड करते हैं।

  • Ratio 1:3 है।

  • मान लीजिए 6 ट्रेड फेल हुए, 4 सफल हुए।

  • तो भी आप प्रॉफिट में रहेंगे क्योंकि जीत के मुकाबले नुकसान छोटा है।


 Risk-Reward Ratio और Probability का रिश्ता

  • सिर्फ़ Ratio ही काफी नहीं है।

  • जीतने की Probability भी ज़रूरी है।

  • Example:

    • अगर आपकी Winning Probability 50% है और Ratio 1:2 है → आप Long Run में ज़रूर Profit में रहेंगे।


 Beginners की आम गलतियाँ

❌ Risk-Reward Ratio को नज़रअंदाज़ करना
❌ छोटा रिवार्ड और बड़ा रिस्क लेना
❌ Emotional Trading करना
❌ Fixed Plan न बनाना


 Risk-Reward Ratio सुधारने के टिप्स

✅ हर ट्रेड से पहले Entry, Stop Loss, Target लिखें
✅ Ratio हमेशा 1:2 या उससे बेहतर रखें
✅ Overconfidence से बचें
✅ Market Trend के हिसाब से Ratio Adjust करें


 Real-Life Analogy

  • शेयर बाज़ार में Risk-Reward वैसा ही है जैसे बिज़नेस प्लान।

  • कोई भी बिज़नेस ऐसा नहीं करता कि ₹10 निवेश करके सिर्फ़ ₹5 कमाए।

  • उसी तरह ट्रेडिंग में भी आपको ऐसे ही अनफेयर डील्स से बचना चाहिए।


 Risk-Reward Ratio और Money Management

  • Ratio तभी काम करेगा जब आप Capital को Manage करेंगे।

  • Rule:

    • एक ट्रेड में कुल Capital का 1–2% ही रिस्क लें।

    • Example: अगर आपके पास ₹1 लाख है → एक ट्रेड पर ₹1000-2000 रिस्क ही लें।


 Action Plan (Easy to Follow)

 Step 1 – Trade से पहले Entry, Stop Loss और Target तय करें
 Step 2 – Ratio Calculate करें
 Step 3 – अगर Ratio 1:2 या बेहतर नहीं है → ट्रेड छोड़ दें
 Step 4 – Discipline से प्लान फॉलो करें
 Step 5 – हर ट्रेड का Record रखें और Review करें


 Risk-Reward Ratio के फायदे

  • ✅ ट्रेडिंग डिसिप्लिन आता है

  • ✅ बड़े नुकसान से बचाव

  • ✅ लॉन्ग-टर्म में स्थिर Growth

  • ✅ Confidence बढ़ता है

  • ✅ प्रोफेशनल अप्रोच बनती है


 सही Risk-Reward Ratio तय करता है कि आप Long-Term Winner बनेंगे या Loser।

  • शेयर बाज़ार में जीतने वाले और हारने वाले ट्रेडर्स में सबसे बड़ा फर्क है → Risk-Reward Ratio की समझ

  • यह Ratio आपकी ट्रेडिंग को Professional, Disciplined और Profitable बनाता है।

  • याद रखिए: Stock Market में Survival का राज़ = Smart Risk Management

  • #RiskReward #StockMarketIndia #ProgressIndia #RiskRewardRatio #TradingDiscipline


👉 इस तरह, अगर आप हर ट्रेड में Risk-Reward Ratio को ध्यान में रखते हैं, तो लंबी रेस में आप हमेशा Winner रहेंगे।


क्या आप चाहेंगे 

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Cup and Handle Pattern: शेयर बाजार में इसका सही उपयोग | Progress India

Flags और Pennants Pattern क्या है? आसान गाइड | Progress India

 FAQs (SEO Friendly)

Q1. Risk-Reward Ratio क्या होता है?
👉 यह एक ट्रेडिंग फॉर्मूला है, जो बताता है कि आप एक ट्रेड में कितना रिस्क लेकर कितना रिवार्ड पा सकते हैं।

Q2. ट्रेडिंग में सही Risk-Reward Ratio कितना होना चाहिए?
👉 Ideal Ratio कम से कम 1:2 होना चाहिए। यानी हर ₹1 रिस्क पर ₹2 का संभावित रिवार्ड।

Q3. Risk-Reward Ratio कैसे निकाला जाता है?
👉 Formula: (Target Price – Entry Price) ÷ (Entry Price – Stop Loss)

Q4. Risk-Reward Ratio क्यों ज़रूरी है?
👉 यह ट्रेडिंग को Discipline देता है, नुकसान कम करता है और Long-Term में Profitability बढ़ाता है।

Q5. क्या Risk-Reward Ratio अकेला काफी है?
👉 नहीं। इसके साथ Winning Probability और Money Management भी ज़रूरी है।

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