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मातृ वंदना व जननी सुरक्षा योजना – पूरी जानकारी

मातृत्व वंदना योजना के तहत आंध्र प्रदेश की लाभार्थी महिलाएं, जो रंग-बिरंगे परिधानों में खुशी से मुस्कुरा रही हैं। कुछ महिलाएं गर्भवती हैं और उनके साथ बच्चे भी हैं, जो योजना के लाभों को दर्शाता है।
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 मातृ वंदना योजना और जननी सुरक्षा योजना – मातृत्व सुरक्षा का संबल


 परिचय

  • हर माँ और नवजात शिशु का स्वास्थ्य किसी भी समाज की असली पूँजी है।

  • गर्भावस्था और प्रसव के दौरान सबसे बड़ी चुनौती है – सुरक्षित मातृत्व और आर्थिक सहयोग

  • इन्हीं ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने दो महत्वपूर्ण योजनाएँ शुरू कीं:

    1. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

    2. जननी सुरक्षा योजना (JSY)

  • इन योजनाओं का लक्ष्य है – हर माँ को स्वस्थ और सुरक्षित मातृत्व देना


 योजनाओं का मुख्य उद्देश्य

  • मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करना।

  • गर्भवती महिलाओं को पोषण और आर्थिक सहायता देना।

  • प्रसव को संस्थानिक (Institutional Delivery) बनाने के लिए प्रेरित करना।

  • माँ और बच्चे दोनों की सेहत को सुरक्षित रखना।


 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

 योजना की खास बातें

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहयोग

  • पहली संतान के जन्म पर लाभ।

  • महिला को कुल ₹5000 की सहायता राशि दी जाती है।

  • यह राशि तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

 राशि का वितरण

  • पहली किस्त – ₹1000 (गर्भावस्था के पंजीकरण पर)

  • दूसरी किस्त – ₹2000 (गर्भवती की जांच और शर्तें पूरी करने पर)

  • तीसरी किस्त – ₹2000 (संस्थानिक प्रसव और टीकाकरण पर)

 पात्रता

  • 19 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएँ।

  • पहली संतान को जन्म देने वाली महिलाएँ।

  • गर्भावस्था की पंजीकरण कराने वाली महिलाएँ।

 ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड

  • गर्भावस्था पंजीकरण कार्ड

  • बैंक पासबुक

  • पहचान पत्र

  • फोटो


 जननी सुरक्षा योजना (JSY)

 योजना की खास बातें

  • गरीब और बीपीएल परिवारों की महिलाओं को संस्थानिक प्रसव के लिए प्रोत्साहन राशि।

  • सरकार का लक्ष्य है कि प्रसव घर की बजाय अस्पताल में हो ताकि माँ और शिशु सुरक्षित रहें।

 राशि का वितरण

  • ग्रामीण क्षेत्र: ₹1400 तक

  • शहरी क्षेत्र: ₹1000 तक

  • आशा कार्यकर्ता को भी ₹600–₹2000 तक प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

 पात्रता

  • बीपीएल परिवार की गर्भवती महिलाएँ।

  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सभी कमजोर तबके की महिलाएँ।

  • प्रसव सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होना चाहिए।

 ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड

  • बीपीएल राशन कार्ड

  • गर्भावस्था पंजीकरण कार्ड

  • बैंक खाता विवरण

  • प्रसव से जुड़ा अस्पताल का दस्तावेज़


 दोनों योजनाओं का पहलू

  • पहले गरीब महिलाएँ घर पर असुरक्षित प्रसव करती थीं, जिससे कई बार माँ और शिशु की जान खतरे में पड़ती थी।

  • मातृ वंदना योजना ने महिलाओं को पोषण और आराम का सहारा दिया।

  • जननी सुरक्षा योजना ने महिलाओं को अस्पताल में सुरक्षित प्रसव की ओर प्रेरित किया।

  • इन दोनों योजनाओं ने मिलकर लाखों माँओं और बच्चों की जान बचाई है।


 योजनाओं का असर

  • संस्थागत प्रसव दर (Institutional Delivery Rate) में बड़ी बढ़ोतरी।

  • मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में गिरावट।

  • गरीब परिवारों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच आसान हुई।

  • ग्रामीण महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी।


 चुनौतियाँ

  • कई बार जानकारी की कमी से लाभार्थी महिलाएँ योजना से वंचित रह जाती हैं।

  • कुछ क्षेत्रों में अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी।

  • दस्तावेज़ और कागज़ी प्रक्रिया को लेकर परेशानी।

  • फिर भी इन योजनाओं ने गरीब माताओं के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभाई है।


 हाल के अपडेट

  • दोनों योजनाओं को POSHAN अभियान से जोड़ा गया है।

  • लाभ सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) से बैंक खाते में आता है।

  • आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

  • मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पंजीकरण से प्रक्रिया और आसान हुई है।


✅ एक्शन प्लान – महिलाएँ कैसे लाभ उठाएँ?

  • गर्भावस्था का समय पर पंजीकरण कराएँ।

  • अपने आधार और बैंक विवरण तैयार रखें।

  • आंगनबाड़ी केंद्र या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें।

  • प्रसव सरकारी/मान्यता प्राप्त अस्पताल में कराएँ।

  • योजना से जुड़ी जानकारी के लिए हेल्पलाइन या पोर्टल देखें।


 क्यों ज़रूरी हैं ये योजनाएँ?

  • हर माँ का अधिकार है – सुरक्षित मातृत्व।

  • आर्थिक कठिनाई स्वास्थ्य और जीवन में बाधा नहीं बननी चाहिए।

  • गरीब और वंचित महिलाओं को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिलनी चाहिए।

  • मातृ वंदना और जननी सुरक्षा योजनाएँ इस अधिकार को हकीकत में बदल रही हैं।


✅ हर माँ का अधिकार – सुरक्षित मातृत्व!

  • मातृ वंदना योजना माँ को पोषण और आराम के लिए आर्थिक सहारा देती है।

  • जननी सुरक्षा योजना माँ को सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल जाने के लिए प्रेरित करती है।

  • दोनों योजनाएँ मिलकर भारत में मातृत्व स्वास्थ्य की स्थिति को बेहतर बना रही हैं।

  • यह सिर्फ सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि हर माँ और बच्चे के जीवन की सुरक्षा का संकल्प है।


FAQ (5 प्रश्न-उत्तर)

Q1. मातृ वंदना योजना में कितनी राशि मिलती है?
👉 इस योजना में कुल ₹5000 की राशि तीन किस्तों में दी जाती है।

Q2. जननी सुरक्षा योजना का लाभ किसे मिलता है?
👉 बीपीएल और गरीब परिवार की गर्भवती महिलाएँ इस योजना का लाभ ले सकती हैं।

Q3. क्या दोनों योजनाओं का लाभ साथ लिया जा सकता है?
👉 हाँ, पात्र महिलाएँ दोनों योजनाओं का लाभ अलग-अलग शर्तें पूरी करने पर ले सकती हैं।

Q4. पंजीकरण कहाँ किया जा सकता है?
👉 नज़दीकी आंगनबाड़ी केंद्र, आशा कार्यकर्ता या सरकारी अस्पताल में पंजीकरण किया जा सकता है।

Q5. राशि कैसे मिलती है?
👉 राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) से भेजी जाती है।



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