Skip to main content

PM POSHAN (Mid-Day Meal) योजना – पूरी जानकारी 2025

पीएम पोषण योजना के तहत एक महिला अपने बच्चों के साथ खड़ी है,

 PM POSHAN (Mid-Day Meal) योजना – बच्चों का पोषण, शिक्षा का आधार

बच्चों का पोषण + शिक्षा को बढ़ावा

 परिचय

  • बच्चे तभी बेहतर पढ़ सकते हैं जब उनका पेट भरा हो।

  • भारत सरकार ने 1995 में मिड-डे मील स्कीम शुरू की।

  • 2021 में इसे नए रूप में PM POSHAN योजना नाम दिया गया।

  • उद्देश्य: बच्चों को पोषण देना, भूख मिटाना और पढ़ाई से जोड़ना।


 योजना के मुख्य उद्देश्य

  • हर बच्चे तक पोषण पहुँचाना – खासकर प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर।

  • भूख के कारण ड्रॉपआउट रोकना

  • शिक्षा में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाना

  • पोषण संतुलन सुनिश्चित करना – प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स।

  • सामाजिक समानता बढ़ाना – सभी बच्चों को एक साथ भोजन कराना।


 योजना किन बच्चों के लिए है?

  • कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे

  • सरकारी स्कूलों, सहायता प्राप्त स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले छात्र।

  • अनुमान: हर साल करोड़ों बच्चों को फायदा।


 भोजन की संरचना

  1. प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5)

    • प्रतिदिन कम से कम 300 कैलोरी और 8-12 ग्राम प्रोटीन

  2. उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8)

    • प्रतिदिन कम से कम 450 कैलोरी और 12-20 ग्राम प्रोटीन

  3. साप्ताहिक मेन्यू में विविधता

    • दाल, चावल, रोटी, सब्ज़ी, दूध, अंडा और स्थानीय खाद्य पदार्थ।


 भोजन की व्यवस्था

  • खाना बनाने के लिए स्थानीय कुक-कम-हेल्पर नियुक्त।

  • भोजन तैयार करने में महिला स्व-सहायता समूह और स्थानीय पंचायत की भागीदारी।

  • कई राज्यों में बच्चों को हॉट कुक्ड मील या टेक-होम राशन


 योजना का प्रभाव

  • भूख से लड़ाई – लाखों बच्चों का पेट भरता है।

  • शिक्षा को प्रोत्साहन – उपस्थिति और नामांकन दर में बढ़ोतरी।

  • पोषण सुधार – बच्चों की सेहत और वृद्धि बेहतर।

  • समानता का वातावरण – जाति-धर्म से ऊपर उठकर एक साथ भोजन।

  • महिलाओं का सशक्तिकरण – कुक-कम-हेल्पर में बड़ी संख्या में महिलाएँ।


 निगरानी और पारदर्शिता

  • भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए स्कूल प्रबंधन समिति (SMC)

  • मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम

  • मासिक रिपोर्टिंग और राज्य-केंद्र के बीच तालमेल।


 विशेष प्रावधान

  • अनाज की आपूर्ति – केंद्र सरकार की तरफ से मुफ्त।

  • रसोईघर और बर्तन – स्कूलों को दिए गए।

  • स्वच्छ पेयजल और सफाई व्यवस्था

  • बच्चों को डी-वॉर्मिंग टैबलेट और आयरन-फोलिक एसिड सप्लीमेंट भी।


 आँकड़े और उपलब्धियाँ

  • हर दिन 12 करोड़ से अधिक बच्चों को भोजन।

  • देश के सबसे बड़े पोषण कार्यक्रमों में से एक।

  • स्कूली ड्रॉपआउट दर में कमी।

  • बाल कुपोषण दर में सुधार।


 PM POSHAN और SDG लक्ष्य

  • सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG-2) – भूखमुक्त भारत।

  • SDG-4 – सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।

  • SDG-5 – लैंगिक समानता (महिलाओं की भागीदारी)।


 चुनौतियाँ

  • कई जगह भोजन की गुणवत्ता पर सवाल।

  • वित्तीय और सप्लाई चेन की दिक्कतें।

  • स्कूलों में रसोई और पानी की कमी।

  • कोविड-19 जैसी परिस्थितियों में रुकावट।


 आगे की दिशा

  • स्थानीय स्तर पर विविध भोजन – मिलेट्स और क्षेत्रीय व्यंजन।

  • डिजिटल मॉनिटरिंग और GPS ट्रैकिंग

  • पोषण शिक्षा (Nutrition Education) को शामिल करना।

  • निजी और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना।


✅ निष्कर्ष

  • PM POSHAN योजना बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों का आधार है।

  • यह सिर्फ मिड-डे मील नहीं, बल्कि भविष्य को पोषित करने का अभियान है।

  • योजना ने करोड़ों बच्चों की ज़िंदगी बदल दी है।

  • पोषण और शिक्षा का यह संगम भारत को आगे ले जाने की ताकत रखता है।


 Quick Action Points

  •  PM POSHAN = नया रूप (Mid-Day Meal)

  •  लाभार्थी = कक्षा 1 से 8 के बच्चे

  •  उद्देश्य = भूख मिटाना + शिक्षा को बढ़ावा

  •  भोजन = 300-450 कैलोरी, 8-20 ग्राम प्रोटीन

  •  जिम्मेदारी = कुक-कम-हेल्पर + पंचायत + SMC

  •  लाभ = पोषण सुधार, ड्रॉपआउट कमी, समानता

  •  चुनौतियाँ = गुणवत्ता, सप्लाई चेन, इन्फ्रास्ट्रक्चर

  •  भविष्य = मिलेट्स, डिजिटल मॉनिटरिंग, न्यूट्रिशन एजुकेशन


राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) – पूरी जानकारी

State Merit Scholarship 2025 – पूरी जानकारी

राजीव गांधी यूनिवर्सिटी छात्रवृत्ति योजना 2025

FAQ 

Q1. PM POSHAN (Mid-Day Meal) योजना क्या है?
👉 यह भारत सरकार की योजना है जो कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को स्कूल में पोषक भोजन उपलब्ध कराती है।

Q2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
👉 बच्चों में भूख और कुपोषण कम करना, ड्रॉपआउट रोकना और शिक्षा में नामांकन बढ़ाना।

Q3. किसे इस योजना का लाभ मिलता है?
👉 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 के सभी बच्चे।

Q4. भोजन की क्या संरचना होती है?
👉 प्राथमिक स्तर पर 300 कैलोरी और 8-12 ग्राम प्रोटीन, उच्च प्राथमिक स्तर पर 450 कैलोरी और 12-20 ग्राम प्रोटीन।

Q5. योजना का संचालन कौन करता है?
👉 केंद्र और राज्य सरकार मिलकर, स्थानीय पंचायत, स्कूल प्रबंधन समिति और महिला स्व-सहायता समूह की मदद से।

Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

UP Take Home Ration (THR) योजना: बच्चों व माताओं हेतु पोषण

  Take Home Ration (THR)   एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य  गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरी बालिकाएं और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन  प्रदान करना है, ताकि कुपोषण को रोका जा सके। THR का उद्देश्य क्या है? भारत सरकार की "एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)" योजना के अंतर्गत, THR (टेक होम राशन) का मकसद है: बच्चों में कुपोषण की रोकथाम गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण बढ़ाना किशोरी बालिकाओं को पोषण और आयरन देना बाल मृत्यु दर और कम वजन वाले बच्चों की संख्या को कम करना THR में क्या-क्या मिलता है? लाभार्थियों को पैक्ड या तैयार राशन सामग्री घर ले जाने के लिए दी जाती है , जैसे: रेडी-टू-ईट (RTE) मिश्रण गेहूं, चना, सोयाबीन, मूंगफली, घी/तेल, शक्कर आदि से बना एनर्जी फूड कभी-कभी अंडा, दूध पाउडर या आयरन सप्लीमेंट्स भी हर राज्य में THR का फॉर्मूला अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए: लाभार्थी मात्रा और पोषण (प्रतिदिन) 6 माह – 3 वर्ष के बच्चे 500 कैलोरी, 12-15g प्रोटीन गर्भवती / धात्री महिला 600 कैलोरी, 18-20g प्रोटीन...

LPC क्या है? जमीन का स्वामित्व प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं | Progress India

LPC क्या है? | Land Possession Certificate का मतलब, उपयोग और पूरी जानकारी  प्रस्तावना भारत में ज़मीन-जायदाद से जुड़े काम अक्सर मुश्किल और पेचीदा लगते हैं। गांव से लेकर शहर तक, हर कोई कभी न कभी जमीन के कागज, खाता-खेसरा, खतियान या LPC जैसे शब्दों से सामना करता है। बहुत लोग पूछते हैं: 👉 LPC आखिर है क्या? 👉 इसे कहां से और क्यों लिया जाता है? 👉 संपत्ति से जुड़े मामलों में इसकी जरूरत कब पड़ती है? आइए इसे आसान भाषा और एक्शन-प्लान स्टाइल में समझते हैं।  स्टेप 1: LPC की फुल फॉर्म और मतलब समझें LPC = Land Possession Certificate हिंदी में: भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र / भूमि दखल प्रमाण पत्र यह सरकारी दस्तावेज बताता है कि जमीन किसके कब्जे (Possession) में है और किसके नाम पर दर्ज है।  स्टेप 2: LPC का महत्व क्यों है? जमीन के विवाद से बचने के लिए। बैंक से लोन लेने के लिए। जमीन बेचने या खरीदने के समय। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए। Mutation (नामांतरण) और Registry में सपोर्टिंग डाक्यूमेंट के तौर पर। 👉 मतलब साफ है – LPC आपकी जमीन का कानूनी सुर...