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राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) पूरी जानकारी

असम में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन का चित्र, जिसमें लोग पारंपरिक वस्त्र पहने हुए हैं और सड़क किनारे हस्तशिल्प वस्तुओं जैसे मिट्टी के बर्तन बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
DAY-NULM

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM)

अब शहरी गरीबों को मिलेगा रोजगार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का अवसर।


 परिचय

  • शहरों में गरीबी और बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौती है।

  • खासकर शहरी गरीब परिवारों को रोज़गार, स्वरोज़गार और बुनियादी सुविधाओं की ज़रूरत होती है।

  • इसी समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार ने शुरू किया राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (Deendayal Antyodaya Yojana – National Urban Livelihood Mission, DAY-NULM)

  • यह योजना न केवल रोजगार देती है बल्कि आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी।


 मिशन का मुख्य उद्देश्य

  • शहरी गरीबों को आर्थिक अवसर और सामाजिक सुरक्षा देना।

  • बेरोज़गारों को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ना।

  • गरीब महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाना।

  • शहरी क्षेत्रों में सस्ती सेवाएं और आवासीय सुरक्षा उपलब्ध कराना।


✅ मिशन की प्रमुख विशेषताएँ

  • रोजगार सृजन → गरीब युवाओं को स्वरोजगार व नौकरी के अवसर।

  • कौशल विकास → ट्रेनिंग और जॉब लिंकिंग।

  • महिला सशक्तिकरण → महिला SHG को वित्तीय सहयोग।

  • वित्तीय समावेशन → बैंकिंग, माइक्रो क्रेडिट और सब्सिडी लोन।

  • शहरी बेघर लोगों के लिए आश्रय

  • शहरी गरीबों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना


 DAY-NULM के प्रमुख घटक (Components)

1. सामाजिक गतिशीलता और संस्थागत विकास (SM&ID)

  • महिलाओं और युवाओं के SHG और फेडरेशन बनाना।

  • गरीब समुदायों को संगठित करके आत्मनिर्भर बनाना।

2. रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण (EST&P)

  • युवाओं को फ्री स्किल ट्रेनिंग

  • स्थानीय उद्योगों और कंपनियों से प्लेसमेंट की सुविधा।

3. स्वरोज़गार कार्यक्रम (SEP)

  • बैंक लोन + सब्सिडी के जरिए छोटे व्यापार शुरू करने का मौका।

  • व्यक्तिगत लोन और समूह लोन दोनों विकल्प।

4. शहरी बेघर लोगों के लिए आश्रय (SHELTERS FOR URBAN HOMELESS)

  • हर शहर में गरीबों और बेसहारा लोगों के लिए नाइट शेल्टर।

  • रहने, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रावधान।

5. शहरी गरीबों के लिए सामाजिक सेवाएं (SUH & SUSV)

  • गरीबों को बैंक अकाउंट, बीमा, पेंशन से जोड़ना।

  • स्ट्रीट वेंडर्स के लिए पहचान पत्र और व्यापारिक सहूलियत।


 कौन-कौन ले सकता है लाभ?

  • शहरी गरीब और बेरोज़गार युवा (18-45 वर्ष)।

  • शहरी महिला स्वयं सहायता समूह (SHG)।

  • स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यापारी।

  • बेघर और बेसहारा परिवार।


 आवेदन प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)

  1. ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन करें

    • राज्य/नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण।

  2. आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें

    • पहचान पत्र (आधार/वोटर आईडी), निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक।

  3. कौशल प्रशिक्षण/SHG रजिस्ट्रेशन

    • स्थानीय स्किल सेंटर या SHG के माध्यम से।

  4. लोन और सब्सिडी की सुविधा

    • बैंक शाखा के जरिए आवेदन और स्वीकृति।


 DAY-NULM से मिलने वाले लाभ (Impact)

  • लाखों युवाओं को रोजगार और कौशल विकास

  • महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता

  • शहरी गरीबों को सस्ती सेवाएं और सामाजिक सुरक्षा

  • स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यापारियों को व्यापारिक पहचान और स्थिरता

  • शहरी विकास में गरीबों की भागीदारी सुनिश्चित।


 योजना की उपलब्धियां (Human Touch)

  • बहुत से युवा जिन्होंने कभी नौकरी की उम्मीद खो दी थी, अब छोटे उद्यमी बने हैं।

  • महिलाओं के SHG अब बैंक से कर्ज लेकर व्यवसाय चला रही हैं।

  • स्ट्रीट वेंडर्स अब बिना डर के अपना व्यापार कर रहे हैं।

  • बेघर लोगों के पास अब सिर पर छत है और सुरक्षित जीवन।


 एक्शन प्लान स्टाइल (सरल भाषा में)

यदि आप बेरोज़गार हैं:

  • 👉 नज़दीकी स्किल ट्रेनिंग सेंटर से जुड़ें।

  • 👉 ट्रेनिंग पूरी कर प्लेसमेंट ड्राइव में भाग लें।

यदि आप स्वरोज़गार करना चाहते हैं:

  • 👉 बैंक लोन और सब्सिडी के लिए आवेदन करें।

  • 👉 छोटे व्यवसाय का प्लान तैयार करें।

  • 👉 SHG या व्यक्तिगत उद्यम शुरू करें।

यदि आप महिला हैं:

  • 👉 महिला SHG से जुड़ें।

  • 👉 माइक्रो क्रेडिट और बैंक लोन पाएं।

  • 👉 सिलाई, हस्तशिल्प, दुकान या कोई सेवा आधारित काम शुरू करें।

यदि आप स्ट्रीट वेंडर हैं:

  • 👉 नगर निगम से पहचान पत्र बनवाएं।

  • 👉 छोटे लोन और विक्रय स्थल की सुविधा पाएं।

यदि आप बेघर हैं:

  • 👉 नज़दीकी नाइट शेल्टर में पंजीकरण कराएं।

  • 👉 भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें।


 Progress India का नज़रिया

  • DAY-NULM सिर्फ़ एक योजना नहीं, बल्कि आर्थिक आज़ादी का आंदोलन है।

  • इसका मकसद है कि हर शहरी गरीब आत्मनिर्भर बने

  • आने वाले समय में यह मिशन भारत के शहरों में गरीबी को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।


 निष्कर्ष

  • राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) ने शहरी गरीबों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

  • रोज़गार, स्वरोज़गार, महिला सशक्तिकरण और बेघर लोगों की सुरक्षा – सब कुछ इसमें शामिल है।

  • यदि आप भी शहरी गरीब हैं या किसी को जानते हैं, तो इस योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा बनें।


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FAQ (5 सवाल-जवाब)

Q1. राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) क्या है?
यह योजना शहरी गरीबों को रोजगार, स्वरोज़गार और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई है।

Q2. DAY-NULM के लाभ कौन उठा सकता है?
शहरी गरीब युवा, महिलाएं, स्ट्रीट वेंडर्स और बेघर परिवार इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

Q3. इसमें आवेदन कैसे करें?
नज़दीकी नगर निगम/राज्य की आधिकारिक वेबसाइट या शहरी विकास विभाग से आवेदन किया जा सकता है।

Q4. DAY-NULM के मुख्य घटक क्या हैं?
कौशल प्रशिक्षण, स्वरोज़गार कार्यक्रम, महिला SHG, स्ट्रीट वेंडर सपोर्ट और बेघर आश्रय जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

Q5. महिला स्वयं सहायता समूहों को क्या लाभ मिलता है?
उन्हें बैंक लोन, माइक्रो क्रेडिट और छोटे व्यापार शुरू करने में वित्तीय मदद मिलती है।

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