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दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना 2025 – महिलाओं को आत्मनिर्भरता की ओर

एक महिला छत्तीसगढ़ में ई-रिक्शा को सड़क पर चला रही है।

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना – छत्तीसगढ़

(Progress India द्वारा स्वीकृत व अद्यतन जानकारी)


 योजना का उद्देश्य

  • महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना

  • आर्थिक रूप से उन्हें आत्मनिर्भर बनाना

  • इलेक्ट्रिक वाहनों के ज़रिए हरित व स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना


✅ पात्रता (Eligibility)

नीचे दिए गए सभी शर्तें पूरी करना आवश्यक है:

  1. आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए

  2. महिला निर्माण श्रमिक होना चाहिए

  3. छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में न्यूनतम 3 वर्ष का पंजीकरण होना चाहिए (shramevjayate.cg.gov.in)

  4. योजनार्थी पहले इस योजना का लाभ न ले चुकी हो

  5. बैंक ऋण और सहायक दस्तावेजों को समय पर प्रस्तुत करना ज़रूरी है


 आर्थिक सहायता (लाभांश)

  • सहायता राशि: ₹ 1,00,000 (एक लाख) अनुदान स्वरूप (shramevjayate.cg.gov.in)

  • इस राशि के अलावा व्यक्ति को ₹ 10,000 तक का अंशदान देना होगा 

  • शेष राशि बैंक ऋण के रूप में मिलेगी, ब्याज दर बैंक के अनुसार लागू होगी



एक महिला छत्तीसगढ़ में हरे और पीले रंग के ई-रिक्शा को सड़क पर चला रही है। वह पारंपरिक परिधान में है और सड़क के किनारे हरे-भरे पेड़ दिखाई दे रहे हैं।

आवश्यक दस्तावेज़

नीचे दिए गए दस्तावेज़ को अनिवार्य रूप से जमा करना होगा:

  • आधार कार्ड

  • स्थायी निवास प्रमाण पत्र

  • बैंक खाते का विवरण / पासबुक

  • पंजीयन प्रमाण पत्र (मंडल पंजीकरण)

  • ड्राइविंग / वाहन लाइसेंस (यदि आवश्यक हो)

  • अन्य नियोजित स्वघोषणा / सहायक दस्तावेज


 आवेदन प्रक्रिया – स्टेप बाय स्टेप

  1. पंजीकरण / लॉगिन – भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक मंडल पोर्टल पर

  2. “दीदी ई-रिक्शा योजना” चयन करें

  3. पात्रता व दस्तावेज़ भरें

  4. आवेदन जमा करें

  5. बैंक ऋण एवं दस्तावेज़ प्रमाणन प्रक्रिया पूरी करें

  6. अनुदान लाभार्थी के खाते में जमा किया जाए


 समयावधि और समीक्षा

  • आवेदन प्रक्रिया जारी है; वार्षिक आधार पर संचालित

  • आवेदन जमा करने के बाद पुष्टि और सत्यापन की प्रक्रिया होती है

  • यदि कोई दस्तावेज़ अधूरा हो, तो आपसे संपर्क किया जाएगा


 सफलता की कहानियाँ

  • भुनेश्वरी साहू: दीदी ई-रिक्शा योजना से ₹ 1,00,000 अनुदान प्राप्त कर अपनी आजीविका स्थापित की। अब वो दैनिक 6–8 घंटे ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। 

  • अन्‍नू: योजना का लाभ उठाकर रोजगार की राह पर जीवट कदम बढ़ाया। (cmo.cg.gov.in)


 महत्वपूर्ण बातें / शर्तें

  • अनुदान राशि केवल एक बार दी जाती है

  • अन्य समान योजनाओं का लाभ पहले प्राप्त न किया हो

  • बैंक ऋण स्वीकृति व दस्तावेज़ पूरा करना लाभार्थी की ज़िम्मेदारी है

  • पूर्ण सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही अनुदान हस्तान्तरित किया जाता है


 लागू करने की तैयारी — एक्शन प्लान

चरण काम ज़िम्मेदार समय सीमा
1 जिला स्तर पर सूची बनाएँ Progress India टीम + श्रम विभाग 1 सप्ताह
2 पात्र महिलाओं को जानकारी देना ग्राम स्तर समन्वयक 1–2 सप्ताह
3 आवेदन के लिए camps / मोबाईल सहायता केंद्र लगाना विभागीय अधिकारी 2 सप्ताह
4 दस्तावेज जमा व सत्यापन लाभार्थी व विभाग निरंतर
5 बैंक ऋण प्रक्रिया आरंभ करना बैंक / मंडल 1–2 महीने
6 अनुदान राशि जारी करना मंडल → लाभार्थी प्रक्रिया पूर्ण होने पर

 👉 निर्माण मजदूर कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण योजना

👉 महिला सशक्तिकरण योजनाएँ – छत्तीसगढ़ 2025

👉 छत्तीसगढ़ की सभी सरकारी योजनाओं की पूरी सूची 2025

आपके लिए टिप्स

  • आवेदन करते समय सटीक और स्पष्ट दस्तावेज़ जमा करें

  • यदि कोई समस्या हो, नज़दीकी श्रम कार्यालय या मंडल कार्यालय से संपर्क करें

  • पंजीकरण अवधि, दस्तावेज़ अधूरापन आदि कारणों से आवेदन टालने से बचें

  • योजना से संवाद बनाए रखें और अपडेट नियमित रूप से चेक करें


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना क्या है?
👉 यह छत्तीसगढ़ सरकार की महिला श्रमिकों के लिए आर्थिक सहायता योजना है, जिसके तहत ई-रिक्शा खरीदने के लिए ₹1 लाख की अनुदान राशि दी जाती है।

Q2. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
👉 वे महिलाएँ जो छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कम से कम 3 वर्ष से पंजीकृत हैं और 18–50 वर्ष की उम्र की हैं।

Q3. आवेदन कैसे करें?
👉 श्रम विभाग के पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें या नज़दीकी श्रम कार्यालय में संपर्क करें।

Q4. क्या इस योजना में बैंक ऋण भी मिलता है?
👉 हाँ, ₹1 लाख अनुदान के अलावा बैंक ऋण की सुविधा दी जाती है।

Q5. क्या यह योजना हर साल लागू होती है?
👉 हाँ, यह वार्षिक रूप से लागू होती है और पात्र लाभार्थी हर वर्ष आवेदन कर सकते हैं (यदि पहले लाभ नहीं लिया हो)।

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