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दिशा दर्शन भ्रमण कार्यक्रम – महिला सशक्तिकरण की नई राह

छत्तीसगढ़ की महिलाएं और बच्चे,

दिशा दर्शन भ्रमण कार्यक्रम – महिला एवं बाल विकास, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की दिशा दर्शन भ्रमण योजना से महिलाएँ देशभर के सफल समूहों से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बन रही हैं 

✅ योजना का परिचय

  • यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित है। (cgwcd.gov.in)

  • मुख्य उद्देश्य: राज्य की महिलाओं, विशेषकर स्वयं-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को अन्य राज्यों/दूरस्थ क्षेत्रों की सफल परियोजनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव देना

  • इस तरह महिलाएँ प्रेरित होती हैं, सीखती हैं, सहयोग बढ़ती है, और आय-उपार्जन की दिशा में कदम उठाती हैं।


 कार्यक्रम के प्रमुख लक्ष्य

  • स्वयं-सहायता समूहों की महिलाओं को दूरदर्शी दृष्टिकोण देना।

  • मॉडल-उदाहरणों को देखकर अपने समूह की गतिविधियों में नवाचार लाना।

  • महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और नेतृत्व-क्षमता को उभारना।

  • समूहों के बीच नेटवर्किंग और अनुभव-विनिमय संभव बनाना।

  • विभाग/स्थानिक प्रशासन को महिलाओं की विचार-विनिमय और विकास-क्रम को समझने में सहयोग प्रदान करना।


 किस प्रकार क्रियान्वित होता है

  1. चयन-प्रक्रिया: जिले/ब्लॉक स्तर पर स्वयं-सहायता समूह महिला सदस्य चयनित होती हैं।

  2. स्थल चयन: सफल मॉडल-क्षेत्र का चयन किया जाता है जहाँ भ्रमण होगा। उदाहरण-स्वरूप: ओडिशा/तेलंगाना के समूह। 

  3. यात्रा व्यवस्था: भ्रमण-यात्रा की बस/सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, साथ में कार्यक्रम-संचालक एवं विभागीय अधिकारी भी भाग लेते हैं।

  4. अध्ययन सत्र: भ्रमण स्थल पर मॉडल-समूह द्वारा प्रैक्टिकल गतिविधि, उत्पादन, वित्त-निर्माण, विपणन आदि पर संवाद/स्वाध्याय।

  5. अनुभव-विनिमय: सहभागी महिलाएँ अपनी चुनौतियाँ, विचार और आगे की रणनीति साझा करती हैं।

  6. कार्यान्वयन-योजना: लौटने के बाद अपनी स्वयं-सहायता समूह में ग्राम-स्तर पर नव-उपार्जन गतिविधि या समन्वय कार्यक्रम लागू होती है।

  7. फॉलो-अप: विभाग द्वारा विजिट, रिपोर्टिंग व आवश्यक प्रशिक्षण/सहायता उपलब्ध कराई जाती है।


 

लाभ-बिंदु

  • महिलाओं को व्यवसाय/उद्यम का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होता है।

  • वित्त-सहायता और सामाजिक समर्थन चुनौतियों को समझने में मदद मिलती है।

  • आत्म-विश्वास व नेतृत्व-कुशलता में वृद्धि होती है।

  • समूह-सदस्यता और सह-कार्य की भावना विकसित होती है।

  • स्थानिक-संसाधनों के उपयोग व नव-पथ की जानकारी मिलती है।


 पात्रता एवं भागीदारी

  • स्थानीय स्वयं-सहायता समूह (SHG) की महिला सदस्य होना आवश्यक।

  • समूह का पंजीकरण/सक्रिय स्थिति में होना।

  • समूह में निरंतर भागीदारी और इच्छुकता होना।

  • स्थानीय विभागीय/ब्लॉक-स्तर से चयन में नामांकन।


 सुझाव एवं ध्यान देने योग्य बातें

  • यात्रा से पहले अपनी ज़रूरत-विचार तैयार रखें — किस तरह सीखना है, क्या अपना समूह करना चाहता है।

  • भ्रमण के दौरान दृश्य-नोट्स लें — फोटो, वीडियो, लिखित बिंदु।

  • लौटने के बाद समूह में कार्ययोजना बनाएं — क्या नया शुरू करेंगे, किन संसाधनों की जरूरत पड़ेगी।

  • विभागीय अधिकारी/सहायता-केंद्र से संपर्क में रहें — प्रश्न, समस्या, सुझाव लिए।

  • भागीदारी से केवल भ्रमण नहीं, बल्कि क्रियान्वयन-परिवर्त्तन सुनिश्चित करें।

  • समूह-सदस्यों के बीच अनुभव-साझा सत्र नियमित रूप से आयोजित करें।


 वर्तमान स्थिति एवं उदाहरण

  • उदाहरण के तौर पर, जिले सुकमा से महिलाओं की टीम को “दिशा दर्शन भ्रमण कार्यक्रम” अंतर्गत तेलंगाना के खम्मम के लिए रवाना किया गया था। 

  • इस यात्रा का उद्देश्य था दूरस्थ स्वयं-सहायता समूहों की गतिविधियों को देखना और सीख लेना।

  • विभागीय वेबसाइट पर यह कार्यक्रम योजनाओं की सूची में प्रकाशित है।


महिलाएं बच्चों के साथ मुस्कुराते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक सुंदरता को दर्शाती हैं।

निष्कर्ष

  • दिशा दर्शन भ्रमण कार्यक्रम महिलाओं को नए दौर की सोच व व्यवसाय-मंच देता है।

  • यह सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि ज्ञान-विनिमय + व्यवहार-परिवर्तन का प्लेटफार्म है।

  • यदि आप स्वयं-सहायता समूह की सदस्य हैं — तो इस अवसर को अपनाएं, चुनें, सीखें, और समूह-स्तर पर बदलाव लाएं।

  • आयोजन के बाद केवल अनुभव नहीं बल्कि नए प्रोजेक्ट्स, नए रोजगार-विकास सुनिश्चित होना चाहिए।

  • यह मार्ग है — जहाँ से शुरू होती है महिला-सशक्तिकरण की नई दिशा और दर्शन


महतारी वंदन योजना 2025 – महिलाओं को ₹1,000 हर माह

छत्तीसगढ़ की सभी सरकारी योजनाओं की पूरी सूची 2025

FAQ (Frequently Asked Questions)

Q1. दिशा दर्शन भ्रमण कार्यक्रम क्या है?
यह महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित योजना है, जिसके तहत महिलाओं को अन्य राज्यों/क्षेत्रों में जाकर सफल स्व-सहायता समूहों से सीखने का अवसर दिया जाता है।

Q2. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिलाओं को उद्यमिता, सामूहिक विकास और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करना तथा समूह-स्तर पर नवाचार बढ़ाना।

Q3. इस कार्यक्रम में कौन भाग ले सकता है?
केवल पंजीकृत और सक्रिय स्वयं-सहायता समूहों (SHG) की महिलाएँ, जिन्हें जिला या ब्लॉक स्तर पर चयनित किया जाता है।

Q4. भ्रमण कहाँ कराया जाता है?
राज्य और राज्य से बाहर के सफल SHG मॉडल क्षेत्रों, जैसे तेलंगाना, ओडिशा, या छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में।

Q5. इससे क्या लाभ मिलता है?
महिलाओं को नया अनुभव, प्रशिक्षण, नेटवर्किंग अवसर और स्थानीय स्तर पर नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने की प्रेरणा मिलती है।

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