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हमर स्वस्थ्य लईका कार्यक्रम – छत्तीसगढ़ का पोषण मॉडल

“हमर स्वस्थ्य लईका कार्यक्रम” छत्तीसगढ़ के लिए खास पौषण एवं स्वास्थ्य अभियान है।
हमर स्वस्थ्य लईका कार्यक्रम – छत्तीसगढ़

✅ परिचय

  • “हमर स्वस्थ्य लईका कार्यक्रम” छत्तीसगढ़ के लिए खास पौषण एवं स्वास्थ्य अभियान है।

  • यह कार्यक्रम राज्य के 0-6 वर्ष के बच्चों के बीच कुपोषण को कम करने और स्वास्थ्य-स्थिति सुधारने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित है। 

  • बच्चे, माताएँ, आंगनवाड़ी केंद्र एवं स्वास्थ्य-कर्मी इसका मूल हिस्सा हैं।


📋 प्रमुख लक्ष्य

  • 0-6 वर्ष के बच्चों में कुपोषण (स्टंटिंग, वेस्टिंग, अंडरवेट) को कम करना। 

  • आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित वजन-माप, पोषण ट्रैकर ऐप का उपयोग।

  • माताओं को पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य-जागरूकता और स्वच्छता की प्रशिक्षण देना।

  • गाँव-पंचायत स्तर पर पोषण-समुदाय द्वारा सक्रिय सहभागिता बढ़ाना।


🧭 कार्ययोजना – चरणबद्ध टास्क लिस्ट

  1. सर्वेक्षण एवं बच्चों-की पहचान

    • प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में 0-6 वर्ष के बच्चों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI), वजन-उम्र, ऊँचाई-उम्र मापें।

    • विशेष रूप से “अति गंभीर कुपोषित (SAM)” बच्चों की सूची तैयार करें। 

  2. पोषण ट्रैकर ऐप व डेटा-एंट्री

    • “हमर स्वस्थ लईका” ऐप या अन्य पोषण-डेटा प्लेटफार्म में बच्चों एवं माताओं की जानकारी दर्ज करें।

  3. वजन-माप अभियान (“वजन त्योहार”) चलाएँ

    • मासिक अथवा त्रैमासिक रूप से बच्चों का माप-तौल करें।

    • परिणाम को आंगनवाड़ी व पंचायत स्तरीय साझा करें।

  4. पोषण-सत्र एवं मातृ-कार्यशालाएँ आयोजित करें

    • माताओं को पहले 1000 दिन, विटामिन-मिनरल्स, स्वच्छता, परिवार पोषण के बारे में जानकारी दें।

    • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व मितानिनों को प्रशिक्षण दें।

  5. पोषण-सहायता व चिकित्सा-हस्‍तक्षेप

    • identified बच्चों को अतिरिक्त आहार, दवा, चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराएँ। 

    • गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र या चिकित्सकीय रेफरल दें।

  6. समुदाय-सक्रियता बढ़ाएँ

    • पंचायत स्तर पर पोषण-चौपाल आयोजित करें।

    • स्वयं-सहायता समूह, युवा-स्वयंसेवक, ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता-मितानिन को शामिल करें।

  7. निगरानी व रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें

    • जिलास्तर व राज्यस्तर पर पोषण-डाटा की समीक्षा करें।

    • प्रभावित बच्चों के सुधार को ट्रैक करें।


📌 लाभ-बिंदु

  • बच्चों की वृद्धि-स्थिति में सुधार: वजन, ऊँचाई, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

  • माताओं व परिवारों को पोषण व स्वास्थ्य-सुझाव से सशक्त बनाया जाता है।

  • आंगनवाड़ियों और ग्रामीण स्वास्थ्य-संस्थानियों का काम अधिक प्रभावी बनता है।

  • कुपोषण से जुड़ी दीर्घकालीन समस्याएँ (शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य) कम होती हैं।


📝 पात्रता एवं कौन लाभान्वित हो सकते हैं

  • राज्य के 0-6 वर्ष के बच्चे, विशेषकर ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्रों में।

  • माताएँ (गर्भवती या स्तनपान कराने वाली) जिनका पोषण-सहायता से जुड़ाव है।

  • आंगनवाड़ी केंद्र व स्थानीय स्वास्थ्य-कर्मी इस अभियान के सहभागी।

  • स्वयं-सहायता समूह, ग्राम पंचायत व सामाजिक संस्थाएँ जो पोषण-कार्रवाई में शामिल हैं।


⚠️ सुझाव व ध्यान देने योग्य बातें

  • माप-तौल अभियान नियमित रुप से हो — डेटा कम न हो।

  • पोषण-सहायता अपनाएँ — स्थानीय अनाज, हरी सब्ज़ियाँ, दलहन, दूध-दही शामिल करें।

  • माताओं को जागरूक करें — सिर्फ भोजन नहीं, सही पोषण कितना जरूरी है।

  • यदि किसी बच्चे का विकास अपेक्षित स्तर से पीछे हो — तुरंत चिकित्सकीय देखभाल टीम से संपर्क करें।

  • आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति (भौतिक व मानव संसाधन) पर नियमित संवाद करें।

  • पोषण-डेटा को सकारात्मक रूप से विश्लेषित करें — “बच्चा ठीक हुआ है” की जानकारी साझा करें ताकि उत्साह बढ़े।

  • ग्रामीण व अति दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँच बनाए रखें — स्वास्थ्य-कर्मी की मोबाइल-ट्रैकिंग व ऐप-उपयोग करें।


🔍 वर्तमान स्थिति एवं प्रगति

  • बेमेतरा जिले में “हमर स्वस्थ लईका अभियान” के तहत बच्चों को सुपोषित बनाने हेतु कुपोषण मुक्ति पंचायतों को पुरस्कृत करने की पहल की गई है। 

  • मोहला-मानपुर व अन्य क्षेत्रों में अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों के लिए स्वास्थ्य-जांच शिविर आयोजित किए गए।

  • एप-आधारित पोषण-ट्रैकर व मॉनिटरिंग से डेटा-संकलन प्रक्रिया बेहतर हुई है।


🏁 निष्कर्ष

  • “हमर स्वस्थ्य लईका कार्यक्रम” केवल एक योजना नहीं — स्वस्थ बच्चों, सशक्त माताओं, समर्थ समुदायों का निर्माण है।

  • यदि आप स्वास्थ्य-कर्मी, आंगनवाड़ी अधिकारी, स्वयं-सेवक या मातृ-परिवार हैं — तो इसे अपनाएँ, सहभागिता करें।

  • योजना का लाभ तभी मिलेगा जब मापन, डेटा, शिक्षा, समुदाय-सक्रियता सभी एक-साथ काम करें।

  • हमारा लक्ष्य है: हर लईका स्वस्थ, हर परिवार सशक्त, हर आंगनवाड़ी केन्द्र सक्षम

  • “छत्तीसगढ़ का स्वस्थ भविष्य आज शुरुआत से आता है” — इसी सोच के साथ हम आगे बढ़ें।


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छत्तीसगढ़ की सभी सरकारी योजनाओं की पूरी सूची 2025

FAQs (5 प्रश्न-उत्तर)

Q1. हमर स्वस्थ्य लईका कार्यक्रम क्या है?
यह छत्तीसगढ़ सरकार का अभियान है जो 0–6 वर्ष के बच्चों में कुपोषण कम करने और स्वस्थ विकास सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।

Q2. यह कार्यक्रम किस विभाग द्वारा संचालित है?
महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा, आंगनवाड़ी केंद्रों के सहयोग से।

Q3. किन बच्चों को इस योजना से लाभ मिलता है?
सभी 0–6 वर्ष के बच्चे, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताएँ, विशेषकर ग्रामीण व वन क्षेत्र की।

Q4. इसमें क्या गतिविधियाँ की जाती हैं?
वजन त्योहार, पोषण माप, मातृ कार्यशाला, और पोषण ट्रैकर ऐप से निगरानी जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।

Q5. अब तक इस योजना से क्या असर हुआ है?
कई जिलों में कुपोषण दर में गिरावट दर्ज की गई है और बच्चों का वजन-विकास स्तर सुधरा है।

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