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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना असम

दिव्यांगजन समुदाय के लोग, जो पारंपरिक परिधानों में मुस्कुराते हुए खड़े हैं
IGNDPS

 इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना (Assam)

मानवता से जुड़ी योजना, आत्मसम्मान की नई राह।
यह योजना उन दिव्यांगजनों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा लाने का संकल्प है,
जो अपने शारीरिक प्रतिबंधों के बावजूद जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं।


 उद्देश्य (Objective)

  • दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा देना।

  • उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ना।

  • आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत करना।

  • जीवन की मूलभूत जरूरतें पूरी करने के लिए हर महीने पेंशन उपलब्ध कराना।


 योजना की मुख्य विशेषताएं (Key Highlights)

 योजना का नाम: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना (IGNDPS)
 लागू राज्य: असम सहित पूरे भारत में
 विभाग: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
 लाभार्थी: 40% या उससे अधिक दिव्यांग व्यक्ति
 लाभ का प्रकार: मासिक पेंशन सहायता (DBT के माध्यम से)


 आर्थिक सहायता (Financial Benefit)

  • पात्र दिव्यांगजन को ₹300 प्रति माह केंद्र सरकार से मिलते हैं।

  • असम सरकार की ओर से अतिरिक्त ₹200–₹500 प्रति माह सहायता दी जाती है।

  • कुल मिलाकर एक लाभार्थी को ₹500 से ₹800 प्रति माह मिल सकते हैं।

  • राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाती है।


 पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

  1. आवेदक असम का स्थायी निवासी होना चाहिए।

  2. उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

  3. आवेदक में कम से कम 40% दिव्यांगता प्रमाणित होनी चाहिए।

  4. परिवार गरीबी रेखा के नीचे (BPL) वर्ग में होना चाहिए।

  5. आवेदक को पहले से किसी अन्य केंद्रीय/राज्य पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए।


 आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

✔️ दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate)
✔️ आधार कार्ड / वोटर ID
✔️ निवास प्रमाण पत्र
✔️ BPL कार्ड / आय प्रमाण पत्र
✔️ बैंक पासबुक की प्रति
✔️ हाल का पासपोर्ट साइज फोटो


 आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)

 ऑनलाइन प्रक्रिया:

  1. आधिकारिक वेबसाइट https://nsap.nic.in पर जाएं।

  2. "Apply for IGNDPS" पर क्लिक करें।

  3. सभी आवश्यक जानकारियाँ भरें — व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण आदि।

  4. दस्तावेज़ अपलोड करें।

  5. आवेदन सबमिट कर acknowledgment slip डाउनलोड करें।

 ऑफलाइन प्रक्रिया:

  1. निकटतम ग्राम पंचायत / ब्लॉक समाज कल्याण कार्यालय जाएं।

  2. आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ संलग्न करें।

  3. सत्यापन के बाद आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।

  4. पात्रता तय होने पर पेंशन DBT के माध्यम से शुरू की जाती है।


 आवेदन की समयसीमा (Application Timeline)

  • योजना सालभर खुली रहती है, परंतु आवेदन प्रक्रिया जिला स्तर पर त्रैमासिक रूप से पूरी की जाती है।

  • पात्रता सत्यापन के बाद, पहली पेंशन 60 दिनों के भीतर मिलनी शुरू होती है।


 योजना का उद्देश्य असम में (Impact in Assam)

  • असम में लगभग 1.2 लाख दिव्यांगजन इस योजना का लाभ ले रहे हैं।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांगों को आर्थिक और सामाजिक मजबूती मिली है।

  • कई लाभार्थी छोटे स्वरोजगार जैसे – दुकान, सिलाई, और हस्तशिल्प कार्य शुरू कर रहे हैं।

  • महिलाओं और युवाओं में स्वाभिमान की नई भावना आई है।


 मानवीय दृष्टिकोण

“पहले मुझे अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था।
अब इस पेंशन से दवा और किराने का खर्च खुद उठा पाती हूं।”
सुमन दत्ता, लखीमपुर (असम)

यह योजना सिर्फ पैसों की सहायता नहीं, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और गरिमा लाने का माध्यम है।


 जिम्मेदार विभाग (Implementing Authority)

  • Department of Social Welfare, Government of Assam

  • निगरानी: राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)

  • सहयोगी एजेंसी: भारत सरकार का सामाजिक न्याय मंत्रालय


 योजना के लाभ (Key Benefits Summary)

✅ आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
✅ समाज में सम्मान और समान अवसर
✅ स्वास्थ्य एवं दवा खर्च में राहत
✅ DBT से पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया
✅ ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में समान पहुंच


 योजना की सफलता के संकेत (Impact Indicators)

📊 लगभग 85% दिव्यांग लाभार्थियों ने कहा कि उन्हें नियमित पेंशन समय पर मिलती है।
📊 असम सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
📊 महिला दिव्यांगों की संख्या बढ़ रही है, जो योजना की सामाजिक स्वीकृति को दर्शाता है।


 भविष्य की दिशा (Future Goals)

  • सभी जिलों में 100% कवरेज हासिल करना।

  • पेंशन राशि को ₹1000 प्रति माह तक बढ़ाने की दिशा में चर्चा।

  • दिव्यांगजन के स्वरोजगार व कौशल प्रशिक्षण को योजना से जोड़ना।

  • AI आधारित ट्रैकिंग सिस्टम से भुगतान प्रक्रिया को और तेज बनाना।


 एक्शन प्लान (For Awareness & Implementation)

🔸 स्थानीय पंचायतों में योजना की जानकारी देना।
🔸 दिव्यांगजन पंजीकरण शिविरों का आयोजन।
🔸 NGO और स्वयंसेवी समूहों को योजना प्रचार में शामिल करना।
🔸 सोशल मीडिया और रेडियो के माध्यम से जनजागरूकता अभियान।


 निष्कर्ष (Conclusion)

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना न केवल आर्थिक मदद देती है,
बल्कि यह समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग — दिव्यांगजन — के लिए
आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

असम सरकार के प्रयासों से यह योजना
हजारों ज़िंदगियों में नई रोशनी और आत्मविश्वास का संदेश फैला रही है।


👉 जानिए असम की अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ

👉 दीन दयाल दिव्यांगजन पेंशन योजना – सम्मान के साथ सहारा

👉 मुख्यमंत्री जीवन प्रेरणा योजना: असम की नई पहल दिव्यांगजनों के लिए

FAQ – इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना (असम)

Q1. यह योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई सामाजिक सुरक्षा योजना है जो असम सहित पूरे भारत में दिव्यांग नागरिकों को मासिक पेंशन प्रदान करती है।

Q2. कौन इस योजना के लिए पात्र है?
वे दिव्यांग व्यक्ति जिनकी विकलांगता 40% या उससे अधिक है और जिनकी आय गरीबी रेखा से नीचे है।

Q3. पेंशन की राशि कितनी है?
प्रति माह ₹300 से ₹500 तक की राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदान करती हैं।

Q4. आवेदन कैसे करें?
दिव्यांग व्यक्ति अपने जिले के सामाजिक न्याय विभाग या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

Q5. किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?

  • आधार कार्ड

  • दिव्यांगता प्रमाणपत्र

  • आय प्रमाणपत्र

  • बैंक पासबुक

  • पासपोर्ट साइज फोटो

Q6. योजना का उद्देश्य क्या है?
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी आर्थिक असुरक्षा कम करना और समाज में समान अवसर प्रदान करना।

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