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मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान – महिलाओं के लिए सहारा

असम में मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान का चित्र, जिसमें एक महिला पारंपरिक वेशभूषा में मंच पर बोलते हुए दिखाई दे रही है

मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान – असम सरकार का महिला सशक्तिकरण मिशन

मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान से मिलेगा ₹40,000 तक बीज पूंजी और प्रशिक्षण।


 परिचय

  • असम सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान शुरू किया है।

  • यह योजना खासकर Self Help Groups (SHGs) और महिला उद्यमियों को स्वरोजगार और व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करती है।

  • इसका मकसद है – महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता, रोजगार सृजन और समाज में नेतृत्व की भूमिका दिलाना।


 योजना का उद्देश्य

  • ✅ महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ावा देना।

  • ✅ SHGs और महिला उद्यमियों को पूंजी सहायता उपलब्ध कराना।

  • ✅ ग्रामीण और शहरी स्तर पर नए रोजगार के अवसर पैदा करना।

  • ✅ महिला समूहों को वित्तीय आत्मनिर्भरता दिलाना।

  • ✅ पारंपरिक कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़ना।


 किसे मिलेगा लाभ? (Eligibility)

  • असम की स्थायी महिला निवासी।

  • 18 से 50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएं।

  • Self Help Groups (SHGs) से जुड़ी महिलाएं।

  • वे महिलाएं जो नया व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं या मौजूदा कारोबार को बढ़ाना चाहती हैं।


 वित्तीय सहायता

  • हर पात्र महिला या SHG को ₹10,000 से लेकर ₹40,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।

  • यह राशि बीज पूंजी (Seed Capital) के रूप में दी जाती है।

  • योजना का उद्देश्य है – महिलाओं को बैंक ऋण पर निर्भर रहने की बजाय सीधी आर्थिक मदद देना।


 किन क्षेत्रों में उद्यमिता संभव?

  • कृषि और डेयरी व्यवसाय 🐄

  • हस्तशिल्प और हथकरघा 🧵

  • बांस और बेंत उद्योग 🎋

  • खाद्य प्रसंस्करण 🍲

  • सिलाई और बुटीक 🪡

  • स्थानीय उत्पादों का विपणन 🛍️

  • डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं 💻


 आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)

  1. ✅ लाभार्थी को SHG के माध्यम से आवेदन करना होगा।

  2. ✅ स्थानीय Panchayat / Block Office या महिला एवं बाल विकास विभाग में आवेदन जमा करें।

  3. ✅ जरूरी दस्तावेज़ –

    • पहचान पत्र (आधार/वोटर ID)

    • निवास प्रमाण पत्र

    • बैंक खाता विवरण

    • SHG सदस्यता प्रमाण

  4. ✅ आवेदन की जांच के बाद पात्र महिलाओं को वित्तीय सहायता सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिए मिलेगी।


 योजना की विशेषताएं

  •  महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में बढ़ावा।

  •  असम के हर जिले में योजना का क्रियान्वयन।

  •  SHGs को मजबूत बनाना और उन्हें Micro-Enterprise Units में बदलना।

  •  महिला उद्यमियों को स्थानीय बाज़ारों से जोड़ना।

  •  असम की सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना।


 समाज पर प्रभाव

  • ✔️ ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि।

  • ✔️ महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार।

  • ✔️ रोजगार सृजन के नए अवसर।

  • ✔️ महिला SHGs की क्षमता में वृद्धि।

  • ✔️ स्थानीय उद्योग और परंपरागत कौशल को बढ़ावा।


 एक्शन प्लान (Task Style Presentation)

1. सरकार का कदम

  • महिलाओं को बीज पूंजी देना।

  • SHGs को मजबूत बनाना।

  • उद्यमिता प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।

2. महिला उद्यमियों की जिम्मेदारी

  • दिए गए धन का सही उपयोग करना।

  • अपने कौशल के आधार पर व्यवसाय चुनना।

  • SHG के साथ मिलकर प्रोडक्टिव काम करना।

3. समाज और परिवार की भूमिका

  • महिलाओं को प्रोत्साहन देना।

  • उनके व्यवसाय को स्थानीय बाजार से जोड़ना।

  • सामाजिक स्तर पर महिला नेतृत्व को बढ़ावा देना।


 दीर्घकालिक फायदे

  • महिलाएं सिर्फ रोजगार खोजने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनेंगी।

  • SHGs से निकलकर Micro-Entrepreneur Units का गठन होगा।

  • महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और राज्य की GDP में योगदान होगा।

  • ग्रामीण इलाकों से माइग्रेशन कम होगा क्योंकि गांव में ही रोजगार उपलब्ध होंगे।


 सफलता की कहानियां 

  •  नगांव जिले की रीना देवी ने इस योजना के तहत ₹20,000 की सहायता पाई और अब उन्होंने सिलाई-बुटीक शुरू कर लिया है।

  •  शिवसागर जिले की मीना बोरठाकुर ने SHG के साथ मिलकर बांस के उत्पाद बनाने का काम शुरू किया, जिससे उनके समूह की मासिक आय ₹25,000 तक पहुंच गई।

  •  कछार जिले की रुबीना बेगम ने खाद्य प्रसंस्करण यूनिट शुरू किया और अब 10 अन्य महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।


 निष्कर्ष

  • मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान असम सरकार की एक क्रांतिकारी पहल है।

  • इसका फोकस है – महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना और SHGs को आर्थिक शक्ति देना

  • यह योजना साबित करती है कि महिलाएं बदलाव की असली वाहक हैं

  • जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तो पूरा समाज और राज्य प्रगति करेगा।


✅ यह लेख मोबाइल-फ्रेंडली, पॉइंट्स और एक्शन-प्लान स्टाइल में है ताकि Progress India पर आसानी से पढ़ा जा सके।


👉 पढ़ें: स्वनिरभर नारी योजना – महिलाओं को बाजार से जोड़ने की पहल

👉 जानें: मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम योजना 2.0 – युवाओं को रोजगार

👉 देखें: मुख्यमंत्री जीवन ज्योति स्वनियोग योजना – स्वरोजगार का सहारा

FAQs

Q1. मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान क्या है?
👉 यह योजना महिलाओं और SHGs को स्वरोजगार के लिए बीज पूंजी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराती है।

Q2. किसे लाभ मिलेगा?
👉 18-50 वर्ष की असम की महिलाएं और Self Help Groups (SHGs)।

Q3. कितनी आर्थिक सहायता दी जाएगी?
👉 ₹10,000 से ₹40,000 तक की बीज पूंजी दी जाएगी।

Q4. किन क्षेत्रों में व्यवसाय शुरू किया जा सकता है?
👉 कृषि, डेयरी, हस्तशिल्प, हथकरघा, बांस-बेंत उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और बुटीक।

Q5. आवेदन कैसे करें?
👉 SHG के माध्यम से पंचायत/ब्लॉक कार्यालय या महिला एवं बाल विकास विभाग में आवेदन जमा करना होगा।

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