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उत्तर पूर्व औद्योगिक विकास योजना (NEIDS) पूरी जानकारी

औद्योगिक क्षेत्र का दृश्य, जिसमें मजदूर औद्योगिक मशीनरी के साथ काम कर रहे हैं,
NEIDS

उत्तर पूर्व औद्योगिक विकास योजना (NEIDS) – आत्मनिर्भर पूर्वोत्तर की दिशा में बड़ा कदम

उत्तर पूर्व भारत के युवाओं और उद्यमियों के लिए बड़ा अवसर!

 परिचय

  • पूर्वोत्तर भारत लंबे समय से प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध रहा है।

  • लेकिन उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर यहाँ अपेक्षाकृत कम रहे।

  • इसी अंतर को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तर पूर्व औद्योगिक विकास योजना (NEIDS) की शुरुआत की।

  • इस योजना का उद्देश्य है:

    • उद्योगों को प्रोत्साहन देना।

    • निवेशकों को आकर्षित करना।

    • स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना।


 योजना के मुख्य उद्देश्य

  • पूर्वोत्तर राज्यों में संतुलित औद्योगिक विकास

  • MSME, स्टार्टअप और बड़े उद्योगों को वित्तीय सहायता

  • निवेशकों को आकर्षित करना और उद्योगों को क्षेत्रीय बाधाओं से उबरने में मदद देना।

  • रोजगार सृजन और स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक अवसर।

  • महिला उद्यमियों और युवा उद्यमियों को बढ़ावा देना।


 लाभार्थी राज्य

यह योजना पूर्वोत्तर के 8 राज्यों के लिए लागू है:

  1. असम

  2. मेघालय

  3. मणिपुर

  4. मिज़ोरम

  5. नागालैंड

  6. त्रिपुरा

  7. अरुणाचल प्रदेश

  8. सिक्किम


 कौन से उद्योग पात्र हैं?

  • मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स

  • सेवा क्षेत्र (Service Sector) इकाइयाँ

  • MSME और स्टार्टअप्स

  • एग्री-बेस्ड और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री

  • हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और टूरिज्म सेक्टर

  • IT और ITES आधारित उद्योग

(कुछ प्रदूषणकारी और प्रतिबंधित उद्योग इसमें शामिल नहीं हैं।)


 योजना के प्रमुख प्रोत्साहन और सब्सिडी

1. कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी

  • नई यूनिट लगाने पर स्थायी पूंजी निवेश पर 30% तक सब्सिडी

2. क्रेडिट गारंटी सब्सिडी

  • बैंकों से लिए गए ऋण पर सरकार की ओर से सुरक्षा।

3. ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy)

  • बैंक लोन पर 3% ब्याज सब्सिडी

4. ट्रांसपोर्ट सब्सिडी

  • कच्चे माल और तैयार सामान की ढुलाई पर भाड़ा सहायता

5. GST रिइम्बर्समेंट

  • केंद्र और राज्य GST का रिफंड

6. इंश्योरेंस प्रीमियम सब्सिडी

  • औद्योगिक इकाइयों को बीमा प्रीमियम पर सब्सिडी।


 योजना से मिलने वाले फायदे

  • निवेश बढ़ेगा → क्षेत्र में पूंजी प्रवाह।

  • रोजगार सृजन → स्थानीय युवाओं को काम के अवसर।

  • महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन → महिला समूह आत्मनिर्भर बनेंगे।

  • MSME को बढ़ावा → छोटे उद्योगों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर विकास → सड़कों, बिजली और कनेक्टिविटी में सुधार।

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी


 आवेदन प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)

  1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

    • उद्योगपति को DIPP (अब DPIIT) की आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्टर करना होगा।

  2. प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करना

    • प्रस्तावित उद्योग की डिटेल्ड रिपोर्ट अपलोड करनी होगी।

  3. स्क्रीनिंग और अप्रूवल

    • राज्य सरकार और केंद्र की संयुक्त कमेटी द्वारा प्रोजेक्ट की जांच।

  4. स्वीकृति पत्र (Approval Letter)

    • पात्र पाए जाने पर इकाई को NEIDS लाभों की स्वीकृति।

  5. यूनिट शुरू करना और क्लेम सबमिट करना

    • उद्योग चालू करने के बाद सब्सिडी व अन्य लाभ के लिए क्लेम करना।


 एक्शन प्लान – उद्यमियों के लिए

✔️ सबसे पहले अपनी बिज़नेस आइडिया को स्पष्ट करें।
✔️ DPIIT पोर्टल पर योजना की गाइडलाइन पढ़ें।
✔️ प्रोजेक्ट रिपोर्ट और फाइनेंशियल प्लान बनाएं।
✔️ बैंक से लोन की प्रक्रिया पूरी करें।
✔️ राज्य उद्योग विभाग से मार्गदर्शन लें।
✔️ ऑनलाइन आवेदन करें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
✔️ मंजूरी के बाद योजना के सभी लाभ उठाएँ।


 – क्यों ज़रूरी है यह योजना?

  • पूर्वोत्तर के कई युवा रोजगार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन करते हैं।

  • यदि क्षेत्र में ही उद्योग स्थापित होंगे →

    • तो पलायन रुकेगा।

    • युवाओं को घर के पास नौकरी मिलेगी।

    • महिलाएँ भी स्वरोज़गार से जुड़ेंगी।

  • प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग होगा और

  • पूर्वोत्तर की पहचान देश की औद्योगिक ताकत के रूप में बनेगी।


 योजना का प्रभाव (भविष्य दृष्टि)

  • आने वाले वर्षों में पूर्वोत्तर भारत स्टार्टअप और MSME का हब बन सकता है।

  • कृषि-आधारित उद्योगों और टूरिज्म सेक्टर में बड़ा विकास।

  • युवाओं की स्किल और रोजगार क्षमता बढ़ेगी।

  • भारत की "Act East Policy" को मज़बूती मिलेगी।


 निष्कर्ष

  • उत्तर पूर्व औद्योगिक विकास योजना (NEIDS) सिर्फ़ एक औद्योगिक नीति नहीं है।

  • यह पूर्वोत्तर को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • यदि स्थानीय युवा, महिला समूह, MSME और निवेशक इस योजना का लाभ उठाते हैं →
    तो आने वाले समय में पूर्वोत्तर पूरे भारत के औद्योगिक नक्शे पर चमक उठेगा।


पढ़ें: असम औद्योगिक और निवेश नीति – पूरी जानकारी

जानें: मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम योजना 2.0

देखें: स्वामी विवेकानंद असम युवा सशक्तिकरण योजना

FAQ

Q1. उत्तर पूर्व औद्योगिक विकास योजना (NEIDS) क्या है?
NEIDS केंद्र सरकार की योजना है जो पूर्वोत्तर राज्यों में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी व प्रोत्साहन प्रदान करती है।

Q2. इस योजना का लाभ किन राज्यों को मिलेगा?
असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिज़ोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम।

Q3. किन उद्योगों को इसमें शामिल किया गया है?
MSME, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, IT, पर्यटन और सेवा क्षेत्र।

Q4. NEIDS योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
30% पूंजी निवेश सब्सिडी, 3% ब्याज सब्सिडी, ट्रांसपोर्ट और इंश्योरेंस सब्सिडी।

Q5. आवेदन कैसे करें?
उद्यमी DPIIT पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करके योजना का लाभ ले सकते हैं।

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