Skip to main content

छत्तीसगढ़ राजीव गांधी किसान न्याय योजना 2025 – पूरी जानकारी

किसान परिवार, जिसमें वरिष्ठ और युवा लाभार्थी पारंपरिक परिधानों में खड़े हैं,
RGKNY

छत्तीसगढ़ राजीव गांधी किसान न्याय योजना (RGKNY)

किसानों की आय में न्याय, आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम


परिचय – किसानों के सम्मान का न्याय

  • छत्तीसगढ़ की मिट्टी में मेहनत करने वाले किसानों के लिए यह योजना एक उम्मीद की किरण बनी है।

  • राजीव गांधी किसान न्याय योजना (RGKNY) का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और खेती को लाभदायक व्यवसाय बनाना है।

  • इसे 29 मई 2020 को राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया था।

  • योजना का नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी की कृषि और ग्रामीण विकास सोच से प्रेरित है।


मुख्य उद्देश्य

  • खेती करने वाले किसानों को सीधी आर्थिक सहायता (Direct Benefit Transfer) देना।

  • फसल उत्पादन में निरंतरता बनाए रखना।

  • किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक लाभ दिलाना।

  • धान, मक्का, गन्ना, दलहन और तिलहन जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार बढ़ाना।

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना


योजना के तहत मिलने वाला लाभ

  • सरकार किसानों को प्रति एकड़ खेती पर नकद सहायता राशि देती है।

  • शुरुआत में यह राशि ₹10,000 प्रति एकड़ निर्धारित की गई थी।

  • राशि का भुगतान सीधे बैंक खाते में DBT के ज़रिए किया जाता है।

  • किसान वर्षभर में यह सहायता चार किस्तों में प्राप्त करते हैं।

  • फसल के प्रकार और क्षेत्र के अनुसार राशि में बदलाव किया जा सकता है।


पात्रता (Eligibility)

  • लाभ केवल छत्तीसगढ़ राज्य के स्थायी निवासी किसानों को मिलेगा।

  • किसान के पास स्वयं की या पट्टे की भूमि होनी चाहिए।

  • किसान को राज्य के किसान पंजीयन पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है।

  • धान, मक्का, गन्ना, दलहन, तिलहन आदि फसलें बोने वाले किसान पात्र होंगे।

  • लाभ पाने के लिए भूमि की सत्यापन रिपोर्ट आवश्यक है।


आवश्यक दस्तावेज़

  1. आधार कार्ड

  2. खातेदारी भूमि दस्तावेज़ / खसरा नंबर

  3. बैंक पासबुक

  4. कृषक पंजीयन प्रमाण पत्र

  5. फसल बीमा / बोआई प्रमाण पत्र (यदि हो)

  6. पासपोर्ट साइज फोटो


आवेदन प्रक्रिया (Application Process)

  1. किसान को सबसे पहले Kisan Registration Portal (https://kisan.cgstate.gov.in) पर पंजीकरण करना होगा।

  2. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे।

  3. फसल की जानकारी सही-सही भरनी होगी।

  4. सत्यापन के बाद आवेदन स्वीकृत किया जाता है।

  5. स्वीकृति मिलने पर राशि सीधे DBT के ज़रिए खाते में जमा होती है।

  6. किसान अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन “योजना ट्रैकिंग पोर्टल” से भी देख सकते हैं।


योजना से जुड़े प्रमुख विभाग

  • कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन

  • राज्य कोषालय विभाग

  • राज्य कृषि विपणन मंडल (CG MARKFED)

  • राज्य सहकारी बैंक और समितियाँ


लाभ वितरण प्रक्रिया

  • किसानों द्वारा दी गई फसल जानकारी की ग्राम स्तर पर जांच की जाती है।

  • सत्यापन के बाद डेटा राज्य पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।

  • DBT प्रक्रिया से बैंक खातों में सहायता राशि भेजी जाती है।

  • भुगतान की निगरानी के लिए जिला और ब्लॉक स्तरीय समितियाँ गठित हैं।


वित्तीय प्रभाव और उपलब्धियाँ

  • योजना के पहले वर्ष में ₹5750 करोड़ किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित किए गए।

  • 26 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुंचा।

  • धान, मक्का, गन्ना और दलहन फसलों के उत्पादन में लगभग 15% वृद्धि दर्ज की गई।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति और आर्थिक स्थिरता में बड़ा सुधार देखा गया।


सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

  • किसानों में भविष्य के प्रति विश्वास और कृषि निवेश की इच्छा बढ़ी।

  • ग्रामीण बाजारों में आर्थिक प्रवाह और उपभोग में वृद्धि हुई।

  • खेती-किसानी में युवाओं की वापसी और रुचि बढ़ी।

  • राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक चक्र बना।


महत्वपूर्ण तथ्य

  • यह योजना पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित है।

  • राशि का वितरण प्रति वर्ष 4 किस्तों में (मई, अगस्त, नवंबर, फरवरी) किया जाता है।

  • किसान DBT भुगतान की जानकारी SMS और पोर्टल दोनों से प्राप्त कर सकते हैं।

  • योजना का डेटा सार्वजनिक रूप से कृषि विभाग की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।


किसानों की आवाज़

“पहले खेती घाटे का सौदा थी, अब राजीव गांधी किसान न्याय योजना से हमारी फसल का मूल्य हमें समय पर मिल रहा है।” – धर्मपाल साहू, किसान, रायपुर

“DBT से पैसा सीधे खाते में आने लगा है, अब बिचौलियों की ज़रूरत नहीं।” – सीमा वर्मा, किसान, बेमेतरा


भविष्य की दिशा

  • आने वाले वर्षों में सब्ज़ी, फल, और जैविक खेती को भी योजना में शामिल करने की योजना है।

  • कृषि यंत्र, सिंचाई और बीज सहायता जैसी सुविधाओं को जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।

  • डिजिटल सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए रियल-टाइम पेमेंट ट्रैकिंग पोर्टल विकसित हो रहा है।


योजना से प्रेरणा

  • यह योजना साबित करती है कि कृषि न्याय ही ग्रामीण न्याय की नींव है।

  • किसानों को सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में यह भारत की सबसे सफल राज्य योजनाओं में से एक है।


🌐 महत्वपूर्ण लिंक

🔗 आधिकारिक वेबसाइट: https://kisan.cgstate.gov.in
🔗 कृषि विभाग: https://agriportal.cg.gov.in


Progress India सुझाव

✅ योजना की जानकारी हर किसान तक पहुँचाने के लिए पंचायत स्तर पर डिजिटल जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
✅ हर किसान को पंजीकरण में मदद के लिए CSC और ग्राम सचिवालय केंद्र सक्रिय रहने चाहिए।
✅ किसानों को समय पर फसल पंजीकरण और सत्यापन रिपोर्ट अपडेट करनी चाहिए ताकि भुगतान में देरी न हो।


निष्कर्ष

राजीव गांधी किसान न्याय योजना छत्तीसगढ़ सरकार की वह पहल है जिसने किसानों को सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि सम्मान और स्थिरता भी दी है।
यह योजना हर किसान के लिए “न्याय, विश्वास और विकास” की पहचान बन चुकी है।


Labels / Tags

छत्तीसगढ़ सरकारी योजना, Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana, RGKNY 2025, कृषि सहायता योजना, किसान DBT योजना


Permalink

/rajiv-gandhi-kisan-nyay-yojana-chhattisgarh


Internal Link Caption

  1. छत्तीसगढ़ की सभी सरकारी योजनाओं की पूरी सूची 2025


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. राजीव गांधी किसान न्याय योजना क्या है?
यह छत्तीसगढ़ सरकार की योजना है जो किसानों को प्रति एकड़ खेती पर नकद सहायता (₹10,000 तक) सीधे DBT से देती है।

Q2. इस योजना का उद्देश्य क्या है?
मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती को लाभदायक बनाना है।

Q3. कौन-कौन इस योजना का लाभ ले सकता है?
छत्तीसगढ़ राज्य के पंजीकृत किसान, जिनके पास अपनी या पट्टे की भूमि है और जो धान, मक्का, गन्ना, दलहन या तिलहन उगाते हैं।

Q4. आवेदन कैसे करें?
किसान https://kisan.cgstate.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं।

Q5. राशि कब और कैसे मिलती है?
राशि साल में 4 किस्तों में (मई, अगस्त, नवंबर, फरवरी) DBT के ज़रिए सीधे बैंक खाते में आती है।

Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

बिहार सरकार की योजनाएँ 2025: पूरी अपडेटेड सूची और लाभ

योजनाएँ 2025 बिहार सरकार की योजनाएँ 2025 – आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली सबसे ज़रूरी योजनाएँ 2025 में बिहार सरकार की योजनाएँ सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीनी जरूरतों को देखते हुए बनाई जा रही हैं— ग्रामीण, महिलाएँ, किसान, छात्र, और युवाओं के जीवन में सीधा प्रभाव डालने वाली योजनाएँ।  1. योजना: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) (युवा वर्ग के लिए सबसे प्रभावी योजना) मुख्य उद्देश्य किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर छात्र की पढ़ाई पैसे की वजह से न रुके। 4 लाख रुपये तक की बिना-गारंटी शिक्षा ऋण सुविधा। कौन लाभ ले सकता है? बिहार का निवासी छात्र। 12वीं पास। उच्च शिक्षा (Graduation / Professional Courses) कर रहा हो। लाभ 4 लाख तक का लोन सिर्फ 1% ब्याज पढ़ाई पूरी होने के बाद ही EMI कई कोर्सेज 0% ब्याज पर भी उपलब्ध एक्शन स्टेप वेबसाइट पर जाएँ → 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in ऑनलाइन आवेदन, डॉक्यूमेंट अपलोड जिला स्तर पर वेरिफिकेशन → बैंक से स्वीकृति  2. योजना: मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना 2025 उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को छोटा व्यवस...

राजस्थान में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं: आसान प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज़

अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हुआ आसान!  राजस्थान में जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं? जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र न केवल दस्तावेज हैं, बल्कि ये व्यक्ति की पहचान, अस्तित्व और अधिकारों का प्रमाण होते हैं। अगर आप राजस्थान में रहते हैं और सोच रहे हैं कि यह सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं – तो यह गाइड आपके लिए है।  भाग 1: जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)  क्यों ज़रूरी है जन्म प्रमाण पत्र? स्कूल में एडमिशन के लिए आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भविष्य में पहचान पत्र बनवाने के लिए  कब बनवाएं? बच्चे के जन्म के 21 दिन के भीतर आवेदन करना सबसे बेहतर होता है। देर से आवेदन पर अफिडेविट और मजिस्ट्रेट अप्रूवल की ज़रूरत हो सकती है।  जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़: बच्चे का नाम (अगर रखा गया हो) माता-पिता की पहचान (Aadhaar, वोटर ID) अस्पताल से मिला जन्म प्रमाण पत्र (यदि हॉस्पिटल में जन्म हुआ) निवास प्रमाण पत्र (Electricity Bill, Ration Card आदि) ...