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असम समग्र शिक्षा अभियान – हर बच्चे के लिए समान शिक्षा

असम के एक कक्षा में शिक्षक बच्चों को पढ़ाते हुए, छात्र अपनी किताबों में ध्यान से लिखते और पढ़ते हैं,

समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan), असम

असम का समग्र शिक्षा अभियान लेकर आया है अवसर, समानता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।

 प्रस्तावना

  • शिक्षा सिर्फ पढ़ाई नहीं, जीवन की दिशा तय करने की ताकत है।

  • असम सरकार ने इसी सोच के साथ “समग्र शिक्षा अभियान (SSA)” को नई ऊर्जा के साथ लागू किया है।

  • यह मिशन हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और समान शिक्षा पहुँचाने की दिशा में असम का सबसे बड़ा कदम है।


 योजना का उद्देश्य

  • हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना, स्कूल में बनाए रखना, और सीखने में सक्षम बनाना।

  • बच्चों के संपूर्ण विकास पर ध्यान – मानसिक, शारीरिक और सामाजिक।

  • शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना ताकि विद्यार्थी सिर्फ पास नहीं, बल्कि सक्षम बनें।

  • अल्पसंख्यक, दिव्यांग और लड़कियों को शिक्षा के समान अवसर देना।


 समग्र शिक्षा अभियान क्या है?

  • यह केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल है।

  • तीन योजनाओं को मिलाकर बनाया गया है:

    1. सर्व शिक्षा अभियान (SSA)

    2. RMSA (माध्यमिक शिक्षा)

    3. शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (Teacher Education)

  • इन तीनों का उद्देश्य — “एक ही छत के नीचे एकीकृत शिक्षा प्रणाली” तैयार करना।


 असम में इस योजना का महत्व

  • असम के ग्रामीण और सीमांत इलाकों में अब शिक्षा की पहुँच बढ़ी है।

  • बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में भी मोबाइल स्कूल और डिजिटल क्लास की शुरुआत की गई है।

  • स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की सुविधा देकर बच्चों को सीखने में सरलता दी जा रही है।

  • राज्य में 60,000 से अधिक स्कूल इस योजना से जुड़ चुके हैं।


 प्रमुख लक्ष्य

  1. स्कूल-छोड़ने की दर घटाना

  2. सीखने की गुणवत्ता बढ़ाना

  3. ICT और स्मार्ट क्लासरूम को प्रोत्साहन

  4. शिक्षक प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट

  5. दिव्यांग बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा


 योजना के प्रमुख घटक

 1. पूर्व-प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षा

  • अब बच्चे को एक सतत शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत रखा गया है।

  • किसी भी स्तर पर ट्रांज़िशन में कठिनाई नहीं होती।

 2. शिक्षक प्रशिक्षण

  • असम के शिक्षकों को NISHTHA प्लेटफॉर्म पर डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

  • इससे शिक्षण-गुणवत्ता और तकनीकी कौशल दोनों में सुधार हुआ है।

 3. लड़कियों की शिक्षा

  • “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” के लक्ष्यों को SSA ने आगे बढ़ाया।

  • बालिका छात्रावास, साइकिल वितरण और स्वच्छता सुविधाओं की व्यवस्था।

 4. दिव्यांग छात्रों के लिए सहायता

  • ब्रेल किताबें, विशेष उपकरण और सहायक शिक्षकों की व्यवस्था।

  • “Inclusive Education Resource Centers” प्रत्येक ज़िले में स्थापित।

 5. डिजिटल एजुकेशन

  • “Smart Class Assam” प्रोजेक्ट के तहत 2,000 से अधिक स्कूलों में ई-लर्निंग सेटअप।

  • बच्चों को AI आधारित लर्निंग ऐप्स से जोड़ा जा रहा है।


 फंडिंग और प्रबंधन

  • केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर लागत साझा करते हैं (60:40 अनुपात में)।

  • शिक्षा विभाग, पंचायत, और ब्लॉक स्तर पर स्कूल मैनेजमेंट कमेटियाँ (SMC) निगरानी करती हैं।


 शिक्षकों की भूमिका

  • SSA असम में “Teacher as Innovator” की सोच को बढ़ावा देता है।

  • शिक्षक अब सिर्फ पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि शिक्षण सामग्री के निर्माता भी हैं।

  • हर शिक्षक को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार क्रिएटिव लर्निंग मॉडल बनाने की आज़ादी है।


 सफलता की झलकियाँ

  • 95% से अधिक बच्चों का नामांकन।

  • ड्रॉपआउट रेट में 30% तक कमी।

  • 10,000+ स्कूलों में ICT आधारित स्मार्ट क्लास की शुरुआत।

  • लड़कियों की उपस्थिति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी।


 असम की नवाचार पहलें

  1. Gunotsav 2.0 – हर स्कूल के प्रदर्शन का मूल्यांकन और सुधार।

  2. Mid-Day Meal Monitoring App – पोषण और उपस्थिति की निगरानी।

  3. Arohan Initiative – विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन और प्रेरणा।

  4. Mission Buniyaad – बुनियादी साक्षरता और गणितीय योग्यता पर फोकस।


 एक्शन प्लान: शिक्षा को आगे बढ़ाने के 5 कदम

  1. हर बच्चे तक पहुँचें:

    • स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान और पुनः नामांकन।

  2. गुणवत्ता को प्राथमिकता दें:

    • शिक्षण सामग्री, टेक्नोलॉजी और शिक्षक प्रशिक्षण में निवेश।

  3. समान अवसर सुनिश्चित करें:

    • लड़कियों, दिव्यांगों और अल्पसंख्यकों पर विशेष ध्यान।

  4. समुदाय की भागीदारी बढ़ाएं:

    • अभिभावक और स्थानीय समितियाँ स्कूलों के फैसलों में शामिल हों।

  5. डिजिटल असम बनाएँ:

    • सभी स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम और ई-लर्निंग को लागू करना।


 मानवीय दृष्टिकोण

  • एक बच्चे की आँखों में चमक तब लौटती है जब उसे पढ़ने का मौका मिलता है।

  • एक माँ का आत्मविश्वास तब बढ़ता है जब उसकी बेटी साइकिल पर स्कूल जाती है।

  • एक शिक्षक का गर्व तब झलकता है जब उसका छात्र मोबाइल पर स्मार्ट क्लास से सीखता है।
    समग्र शिक्षा अभियान ने यह परिवर्तन असम के हर गाँव में संभव किया है।


 भविष्य की दिशा

  • आने वाले वर्षों में असम सरकार का लक्ष्य है —

    • हर स्कूल को डिजिटल शिक्षा केंद्र बनाना।

    • शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ना।

    • विद्यार्थियों के लिए कैरियर काउंसलिंग हब तैयार करना।


 निष्कर्ष

समग्र शिक्षा अभियान सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं —
यह असम की नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर, जागरूक और शिक्षित नागरिक बनाने की दिशा में एक मजबूत सामाजिक आंदोलन है।
यह पहल हमें याद दिलाती है कि –
“हर बच्चे में एक उज्जवल भारत बसता है।”


👉 स्वामी विवेकानंद असम युवा सशक्तिकरण योजना (SVAYEM)

👉 मुख्यमंत्री जीवन प्रेरणा योजना – असम

👉 असम औद्योगिक और निवेश नीति

FAQs – Samagra Shiksha Abhiyan Assam

Q1. समग्र शिक्षा अभियान क्या है?
यह केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त योजना है जो प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा की गुणवत्ता और समानता को बढ़ाने का काम करती है।

Q2. असम में इस योजना का उद्देश्य क्या है?
हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और ड्रॉपआउट दर को घटाना इसका प्रमुख उद्देश्य है।

Q3. इस योजना से किन वर्गों को लाभ है?
लड़कियों, दिव्यांगजनों, अल्पसंख्यक समुदायों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलता है।

Q4. क्या असम में डिजिटल शिक्षा भी शामिल है?
हाँ, “Smart Class Assam” के तहत कई स्कूलों में ICT आधारित ई-लर्निंग क्लासरूम शुरू किए गए हैं।

Q5. योजना में शिक्षकों की भूमिका क्या है?
शिक्षकों को डिजिटल ट्रेनिंग और नई शिक्षण तकनीकें दी जा रही हैं ताकि वे शिक्षा को अधिक प्रभावी बना सकें।

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