Skip to main content

UP 181 महिला हेल्पलाइन: महिलाओं की सुरक्षा और सहायता

छवि में एक महिला पारंपरिक साड़ी में खेतों की पृष्ठभूमि में मुस्कुराती हुई दिखाई दे रही है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्पलाइन की पहुंच को दर्शाती है।

181 महिला हेल्पलाइन उत्तर प्रदेश सरकार की एक टोल-फ्री 24x7 सेवा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न, या संकट की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करना है।

क्या है 181 महिला हेल्पलाइन?

विशेषता विवरण
 हेल्पलाइन नंबर 181 (किसी भी फोन से कॉल करें)
 समय 24 घंटे, 7 दिन (हर दिन चालू)
 राज्य उत्तर प्रदेश (अन्य राज्यों में भी है, पर यूपी में अलग संचालन)
 सेवा महिला सुरक्षा, परामर्श, राहत, पुनर्वास, पुलिस/चिकित्सा/कानूनी मदद

किन मामलों में मदद मिलती है?

  1. घरेलू हिंसा (पति या परिवार द्वारा उत्पीड़न)

  2. यौन उत्पीड़न या छेड़छाड़

  3. दहेज उत्पीड़न / धमकी

  4. मानसिक प्रताड़ना या तलाक संबंधित समस्याएं

  5. बाल विवाह या जबरन विवाह की शिकायतें

  6. मानव तस्करी, एसिड अटैक या बलात्कार पीड़िता की सहायता

  7. आवास, काउंसलिंग और पुनर्वास की जरूरत


 181 कॉल पर क्या होता है?

चरण विवरण
 कॉल करें 181 पर कॉल करने पर महिला ऑपरेटर बात करेगी
 समस्या बताएं अपनी स्थिति, स्थान, समस्या और ज़रूरत बताएं
 दिशा-निर्देश काउंसलिंग, पुलिस, मेडिकल या लीगल सहायता उपलब्ध
 ज़रूरत हो तो पुलिस/चाइल्डलाइन/डीएम ऑफिस को जोड़ा जाता है
 गोपनीयता जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है

 कौन चला रहा है?

  • उत्तर प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग

  • संचालन में प्रशिक्षित महिला काउंसलर, पैरालीगल व सोशल वर्कर होती हैं।

  • जरूरत होने पर वन स्टॉप सेंटर (OSC) से जोड़ा जाता है जहाँ मेडिकल, लीगल व रहने की सुविधा होती है।


 कहां कहां उपलब्ध?

उत्तर प्रदेश के हर जिले में 181 सेवा लागू है।
प्रमुख केंद्रों में:

  • लखनऊ

  • वाराणसी

  • कानपुर

  • प्रयागराज

  • आगरा

  • मेरठ आदि


✅ अन्य संबंधित सेवाएं

सेवा नंबर
 पुलिस इमरजेंसी 112
 बाल हेल्पलाइन 1098
 महिला हेल्पलाइन (मोबाइल सुरक्षा) 1090
 एम्बुलेंस 108
 सामान्य आपदा 1078

 उदाहरण केस:

अगर कोई महिला अपने पति द्वारा प्रताड़ित की जा रही है और शिकायत दर्ज नहीं करा पा रही है, वह 181 पर कॉल करके सहायता मांग सकती है — वहां से उसे काउंसलिंग, OSC सेंटर में आश्रय, और FIR में मदद मिल सकती है।


 महिलाओं की सुरक्षा, सरकार की जिम्मेदारी

181 महिला हेल्पलाइन एक सशक्त, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा है जो महिला को उसकी स्थिति के अनुसार मानवता और गोपनीयता के साथ मदद देती है।




 FAQ

Q1. 181 महिला हेल्पलाइन क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की 24x7 टोल-फ्री सेवा है जो महिलाओं को सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराती है।

Q2. इस हेल्पलाइन पर कौन कॉल कर सकता है?
किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या संकट का सामना कर रही महिलाएं।

Q3. कॉल करने पर क्या सुविधाएं मिलती हैं?
आपातकालीन सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और आश्रय की सुविधा।

Q4. यह सेवा कब उपलब्ध है?
यह सेवा पूरे 24 घंटे और सभी 7 दिन उपलब्ध है।

Q5. क्या यह सेवा मुफ्त है?
हाँ, 181 महिला हेल्पलाइन पूरी तरह निशुल्क है।

Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

UP Take Home Ration (THR) योजना: बच्चों व माताओं हेतु पोषण

  Take Home Ration (THR)   एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य  गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरी बालिकाएं और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन  प्रदान करना है, ताकि कुपोषण को रोका जा सके। THR का उद्देश्य क्या है? भारत सरकार की "एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)" योजना के अंतर्गत, THR (टेक होम राशन) का मकसद है: बच्चों में कुपोषण की रोकथाम गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण बढ़ाना किशोरी बालिकाओं को पोषण और आयरन देना बाल मृत्यु दर और कम वजन वाले बच्चों की संख्या को कम करना THR में क्या-क्या मिलता है? लाभार्थियों को पैक्ड या तैयार राशन सामग्री घर ले जाने के लिए दी जाती है , जैसे: रेडी-टू-ईट (RTE) मिश्रण गेहूं, चना, सोयाबीन, मूंगफली, घी/तेल, शक्कर आदि से बना एनर्जी फूड कभी-कभी अंडा, दूध पाउडर या आयरन सप्लीमेंट्स भी हर राज्य में THR का फॉर्मूला अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए: लाभार्थी मात्रा और पोषण (प्रतिदिन) 6 माह – 3 वर्ष के बच्चे 500 कैलोरी, 12-15g प्रोटीन गर्भवती / धात्री महिला 600 कैलोरी, 18-20g प्रोटीन...

बिहार सरकार की योजनाएँ 2025: पूरी अपडेटेड सूची और लाभ

योजनाएँ 2025 बिहार सरकार की योजनाएँ 2025 – आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली सबसे ज़रूरी योजनाएँ 2025 में बिहार सरकार की योजनाएँ सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीनी जरूरतों को देखते हुए बनाई जा रही हैं— ग्रामीण, महिलाएँ, किसान, छात्र, और युवाओं के जीवन में सीधा प्रभाव डालने वाली योजनाएँ।  1. योजना: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) (युवा वर्ग के लिए सबसे प्रभावी योजना) मुख्य उद्देश्य किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर छात्र की पढ़ाई पैसे की वजह से न रुके। 4 लाख रुपये तक की बिना-गारंटी शिक्षा ऋण सुविधा। कौन लाभ ले सकता है? बिहार का निवासी छात्र। 12वीं पास। उच्च शिक्षा (Graduation / Professional Courses) कर रहा हो। लाभ 4 लाख तक का लोन सिर्फ 1% ब्याज पढ़ाई पूरी होने के बाद ही EMI कई कोर्सेज 0% ब्याज पर भी उपलब्ध एक्शन स्टेप वेबसाइट पर जाएँ → 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in ऑनलाइन आवेदन, डॉक्यूमेंट अपलोड जिला स्तर पर वेरिफिकेशन → बैंक से स्वीकृति  2. योजना: मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना 2025 उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को छोटा व्यवस...