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गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता योजना 2025: आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सुरक्षा।

गर्भवती महिलाओं का एक समूह, जो आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहा है, एक सभागार में बैठा हुआ है। सभी महिलाएँ अपने हाथों से पेट को सहारा दे रही हैं और एक सकारात्मक वातावरण में हैं।
गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता
भारत सरकार और राज्य सरकारें  गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए कई योजनाएँ चलाती हैं। इनमें से कुछ राष्ट्रीय योजनाएँ हैं, जिनका लाभ सभी पात्र महिलाओं को मिलता है। नीचे प्रमुख योजनाओं और उनके लाभों की सूची दी गई है:

1. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

➤ पहली जीवित संतान या दूसरी संतान (यदि बेटी है) पर

लाभ:

  • ₹5,000 की आर्थिक सहायता (तीन किस्तों में)

  • किश्तें:

    1. ₹1,000 – गर्भावस्था पंजीकरण पर

    2. ₹2,000 – 6 माह के बाद एक एएनसी (ANC) के बाद

    3. ₹2,000 – प्रसव के बाद टीकाकरण के साथ

  • आवेदन: pmmvy.wcd.gov.in या नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र / स्वास्थ्य केंद्र पर फॉर्म भरें।


2. जननी सुरक्षा योजना (JSY)

➤ गरीब, BPL, SC/ST महिलाओं के लिए

लाभ:

  • ₹1,400 तक की राशि संस्थागत प्रसव (सरकारी अस्पताल में) पर

  • ASHA कार्यकर्ता द्वारा अस्पताल में भर्ती और देखरेख

  • ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक लाभ, शहरी में थोड़ा कम

आवेदन:

  • सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), CHC या आंगनवाड़ी केंद्र में रजिस्ट्रेशन कराएँ।

  • अस्पताल में प्रसव के बाद लाभ सीधे बैंक खाते में मिलता है।


3. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

➤ बेटी के जन्म पर माता-पिता के लिए

लाभ:

  • बेटी के नाम पर खाता खोलें (10 वर्ष तक)

  • ₹250–₹1.5 लाख प्रति वर्ष जमा

  • 7.6%+ ब्याज और टैक्स फ्री राशि

  • 18 वर्ष की उम्र में आंशिक निकासी, 21 में पूरी निकासी

आवेदन:

  • पोस्ट ऑफिस या बैंक (SBI, PNB, आदि) में खाता खोलें

  • जन्म प्रमाणपत्र, आधार, पासबुक जरूरी


4. मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजनाएँ (राज्यवार)

कुछ उदाहरण:

➤ मध्य प्रदेश – लाडली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना

  • ₹4,000-6,000 तक की राशि

  • गरीबी रेखा से नीचे (BPL), अनुसूचित जाति/जनजाति महिलाओं को लाभ

➤ उत्तर प्रदेश – नंदिनी योजना

  • गर्भवती महिला को पोषण सहायता के रूप में नकद व राशन

➤ राजस्थान – भामाशाह योजना

  • संस्थागत प्रसव पर प्रोत्साहन राशि ₹2,500 तक

👉 अपने राज्य की वेबसाइट या निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र / जिला अस्पताल से जानकारी लें


✅ कौन पात्र होता है?

  • भारतीय नागरिक

  • पहली या दूसरी जीवित संतान के लिए

  • आयु ≥ 18 वर्ष

  • आधार और बैंक खाता अनिवार्य

  • गर्भावस्था की स्थिति सरकारी अस्पताल/ANM से प्रमाणित


 आवेदन करने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़:

  • आधार कार्ड (महिला का)

  • MCP कार्ड (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड)

  • गर्भावस्था प्रमाण (ANM / डॉक्टर से)

  • बैंक पासबुक / खाता विवरण

  • पति का पहचान पत्र (कुछ योजनाओं में आवश्यक)

  • पासपोर्ट साइज फोटो


📞 सहायता के लिए:

  • PMMVY हेल्पलाइन: 011-23382393

  • आंगनवाड़ी / ASHA कार्यकर्ता से संपर्क करें

  • https://pmmvy.wcd.gov.in




FAQ (Frequently Asked Questions)

Q1. गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता योजना क्या है?
👉 यह योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सुधार के लिए वित्तीय मदद प्रदान करती है।

Q2. इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
👉 19 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं जो पहली बार गर्भवती हैं और सरकारी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं।

Q3. कितनी राशि मिलती है?
👉 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत ₹5000 तक की सहायता किस्तों में दी जाती है।

Q4. आवेदन कैसे करें?
👉 महिलाएं नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र या pmmvy.gov.in पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।

Q5. इस योजना से क्या लाभ होता है?
👉 गर्भवती महिला और बच्चे के पोषण स्तर में सुधार, प्रसव पूर्व देखभाल और स्वास्थ्य सुरक्षा।

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