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यूपी सरकार की योजनाएँ – महिलाओं और बच्चों के लिए

उत्तर प्रदेश के एक गाँव में रंग-बिरंगी साड़ियों में महिलाएँ और बच्चों का एक समूह, पृष्ठभूमि में मिट्टी के घर और हरे-भरे खेत।

 उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएँ चलाई हैं, जिन्होंने जन्म से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वरोज़गार तक प्रत्येक चरण में सहायता सुनिश्चित की है। प्रमुख योजनाएँ इस प्रकार हैं:

कन्या एवं बालिका कल्याण

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना

बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई के अलग‑अलग चरणों में ₹15,000 तक की आर्थिक सहायता।

  • जन्म– ₹5,000, टीकाकरण– ₹2,000, 1वीं– ₹3,000, 6वीं– ₹3,000, 9वीं– ₹5,000, 12वीं/ग्रेजुएशन– ₹5,000 

भाग्य लक्ष्मी/कन्या दान/BBBP

  • बेटी के जन्म पर विकास अनुदान, शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए अतिरिक्त सहायता। केंद्र की Beti Bachao Beti Padhao के साथ समन्वयित 


विवाह और बाल पालन

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख तक हो तो प्रत्येक बेटी पर विवाह हेतु ₹1 लाख तक आर्थिक सहायता (₹51,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख) 

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना

जो बच्चे अनाथ या बेघर हो गए हों, उन्हें बाल कल्याण संस्थानों में आवास व पोषण‑शिक्षा की सुविधा 


स्वास्थ्य, सुरक्षा और पेंशन

मुख्यमंत्री मातृत्व वंदना योजना

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ₹5,000 की तीन‑चरण में सहायता 

निराश्रित महिला पेंशन योजना

विधवा/अनाथ/परित्यक्ता महिलाओं के लिए ₹500–₹1,000 प्रति माह की पेंशन

रानी लक्ष्मीबाई महिला सशक्तिकरण योजना

महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोज़गार इकाइयों के लिए ऋण व प्रशिक्षण 

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना

ग्रामीण छात्राओं को मुफ्त स्कूटी प्रदान की जाती है जिससे वह अपनी शिक्षा जारी रख सकें 


जागरूकता एवं सहायता नेटवर्क

मिशन शक्ति (Mission Shakti)

महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण कार्यों का समेकित ढांचा—‘संबल’ (हेल्पलाइन, वन‑स्टॉप सेंटर, नारी अदालत) और ‘समर्थ्य’ (स्वाधार गृह, कार्यशील‑महिला हॉस्टल आदि)

181 महिला हॉटलाइन

24×7 हिंसा, उत्पीड़न आदि मामलों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन उपलब्ध 


बच्चों का पोषण एवं इलाज

Take Home Ration (THR)

बच्चों (3–6 वर्ष), गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण समर्थन हेतु THR यूनिट्स का विस्तार—₹273.5 करोड़ का बजट; 347 अतिरिक्त यूनिट बनाने का लक्ष्य 

जन्मजात विकारों में मुफ्त सर्जरी

जन्मजात श्रवण–वाणी दोष वाले बच्चों को ₹6 लाख तक मुफ्त ऑपरेशन—204+ बच्चों का लाभ 


आर्थिक सशक्तिकरण योजनाएँ

महिला समृद्धि योजना

महिलाओं को स्वरोजगार इकाइयों पर ₹1,40,000 तक का ऋण उपलब्ध 

UP महिला समर्थ योजना (UP Mahila Samarthya)

स्किल‑डेवलपमेंट, प्रशिक्षण और रोजगार के लिए सहायता प्रदान करती है 

केंद्र-राज्य संयुक्त: Stand-up India

महिला उद्यमियों के लिए ₹10 लाख–₹1 करोड़ तक ऋण की सुविधा 


आवेदन कैसे करें?

योजना आवेदन के तरीके
अधिकांश योजनाओं के लिए जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय या राज्य पोर्टल
कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह आदि PFMS के माध्यम से सीधे DBT
हेल्पलाइन (181) कॉल कर तत्काल मदद
मातृत्व वंदना, स्कूटी योजना स्वास्थ्य केंद्र/स्कूली स्त्रोत

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों को जन्म से विवाह तक, स्वास्थ्य‑पोषण से सुरक्षा, शिक्षा‑स्वरोज़गार से आर्थिक सशक्तिकरण तक हर क्षेत्र में नीतिगत व योजनात्मक सहायता उपलब्ध है।
यदि आप किसी योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो संबंधित विभागों से संपर्क करें या आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें।

भाग्य लक्ष्मी योजना: बेटियों के जन्म पर आर्थिक सुरक्षा


FAQs

Q1. यूपी सरकार महिलाओं और बच्चों के लिए कौन-कौन सी योजनाएँ चलाती है?
मुख्य योजनाओं में भाग्य लक्ष्मी योजना, कन्या सुमंगला योजना, पोषण अभियान, मातृ वंदना योजना और बाल विकास कार्यक्रम शामिल हैं।

Q2. इन योजनाओं का लाभ किसे मिलता है?
उत्तर प्रदेश की गरीब, कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं व बच्चों को इन योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है।

Q3. योजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिलाओं को सशक्त बनाना, बच्चों को शिक्षा और पोषण देना तथा समाज में समान अवसर उपलब्ध कराना।

Q4. आवेदन कैसे किया जा सकता है?
ऑनलाइन पोर्टल, आंगनबाड़ी केंद्र और समाज कल्याण विभाग के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

Q5. इन योजनाओं से समाज को क्या लाभ होगा?
महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी और परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होगा।

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