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भू-अभिलेख में त्रुटियाँ कैसे सुधारें? | भूमि रिकॉर्ड सुधार प्रक्रिया – Progress India

एक व्यक्ति कार्यालय में गंभीरता से दस्तावेजों की समीक्षा कर रहा है, जिसमें जमाबंदी या खतियान सुधारने से संबंधित कागजात हैं, पृष्ठभूमि में खिड़कियां और कार्यालय का माहौल दिखाई दे रहा है।
progress india land records

 Progress India – भू-अभिलेख में त्रुटियाँ (Land Records Errors)


 परिचय

  • जमीन का सही रिकॉर्ड होना हर नागरिक का अधिकार है।

  • लेकिन कई बार भू-अभिलेख (Land Records/खतियान/जमाबंदी) में गलतियाँ दर्ज हो जाती हैं।

  • ये गलतियाँ आगे चलकर मालिकाना हक, बिक्री, विरासत और विवाद में बड़ी समस्या बन सकती हैं।

  • इसलिए इन त्रुटियों को पहचानना और सही करवाना ज़रूरी है।


सामान्य त्रुटियाँ (Common Errors in Land Records)

  • मालिक का नाम गलत लिखा होना

  • रकबा (क्षेत्रफल) कम/ज़्यादा दर्ज होना

  • खेसरा नंबर या प्लॉट नंबर बदल जाना

  • वंशावली या वारिस का नाम दर्ज न होना

  • नक्शे (Land Map) और खतियान में अंतर

  • एक ही जमीन पर दोहरी प्रविष्टि (Duplicate Entry)

  • पुरानी जमाबंदी हटकर नई अपडेट न होना

  • गलत caste/relationship entry


 त्रुटियाँ क्यों होती हैं? (Causes of Errors)

  • पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल करते समय टाइपिंग मिस्टेक

  • नकल/कॉपी के दौरान गलती

  • नाम में स्पेलिंग बदलाव (जैसे शर्मा को सरमा)

  • जमीन खरीद-बिक्री का अपडेट न होना

  • वारिस का नाम न जोड़े जाना

  • अधिकारियों की लापरवाही

  • कभी-कभी जानबूझकर की गई गड़बड़ी


 समाधान की ज़रूरत क्यों?

  • गलत भू-अभिलेख से कानूनी विवाद पैदा होते हैं।

  • बैंक से लोन लेने में समस्या आती है।

  • जमीन बेचने या खरीदने में दिक्कत होती है।

  • वारिसों के बीच विवाद बढ़ता है।

  • कई बार सरकार की योजनाओं से वंचित रहना पड़ता है।


 त्रुटियाँ सुधारने की प्रक्रिया (Step by Step Guide)

1. त्रुटि की पहचान करें

  • खतियान / जमाबंदी / नक्शा ऑनलाइन या तहसील से प्राप्त करें।

  • मूल दस्तावेज़ (Sale Deed, Gift Deed, वसीयत, Partition आदि) से तुलना करें।

2. आवेदन तैयार करें

  • एक लिखित आवेदन तैयार करें जिसमें बताएं –

    • त्रुटि कहाँ है?

    • सही जानकारी क्या होनी चाहिए?

    • आपके पास क्या प्रमाण हैं?

3. आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें

  • जमीन का रजिस्ट्रेशन पेपर

  • पुराने खतियान / जमाबंदी की कॉपी

  • आधार कार्ड / पहचान पत्र

  • वारिसाना प्रमाण पत्र (यदि वंशावली का मामला है)

  • शपथ पत्र (Affidavit)

4. संबंधित कार्यालय में जमा करें

  • तहसील कार्यालय (Circle Office/CO Office)

  • राजस्व कर्मचारी (Karamchari/अमीन)

  • कई राज्यों में ऑनलाइन पोर्टल भी उपलब्ध है (जैसे – बिहार भूलेख, झारखंड Jharbhoomi, उत्तर प्रदेश Bhulekh आदि)

5. जांच और सत्यापन

  • अधिकारी आपके आवेदन और दस्तावेज़ की जांच करेंगे।

  • मौके पर जमीन की मापी (survey) भी कराई जा सकती है।

6. आदेश और सुधार

  • SDM/CO आदेश देंगे और रिकॉर्ड अपडेट होगा।

  • आपको सुधारित खतियान/जमाबंदी की कॉपी मिलेगी।


 समयसीमा और शुल्क

  • साधारण त्रुटि सुधार – 30 से 60 दिन।

  • विवादित मामलों में – 3 से 6 महीने या कोर्ट केस होने पर और अधिक समय।

  • शुल्क – राज्यवार अलग होता है (₹50 से ₹500 तक)।


 अगर आवेदन पर कार्रवाई न हो

  • RTI (सूचना का अधिकार) दाखिल करें → आवेदन की स्थिति पूछें।

  • अपील करें → SDM, ADM या कलेक्टर स्तर पर।

  • कोर्ट जाएँ → यदि प्रशासन सुधारने से इंकार करे तो सिविल कोर्ट से आदेश लिया जा सकता है।


 ऑनलाइन सुविधा

  • कई राज्यों में अब ऑनलाइन सुधार आवेदन की सुविधा है।

  • आप पोर्टल पर जाकर नाम/रकबा सुधार का आवेदन कर सकते हैं।

  • स्टेटस ट्रैक करने की भी सुविधा उपलब्ध है।


 प्रैक्टिकल टिप्स

  • हमेशा मूल दस्तावेज़ और जमीन का नक्शा संभालकर रखें।

  • खतियान/जमाबंदी समय-समय पर ऑनलाइन चेक करते रहें।

  • जमीन खरीदने से पहले उसकी प्रविष्टि ज़रूर जांचें।

  • किसी एजेंट पर निर्भर न रहें – खुद प्रक्रिया समझें।

  • विवाद बढ़ने से पहले आवेदन देकर सुधार करवाएं।


 Progress India की सलाह


 खतियान में नाम सुधार

  • जमीन जीवन की सबसे अहम संपत्ति है।

  • गलत भू-अभिलेख आपके अधिकार को कमज़ोर कर सकता है।

  • सही समय पर कार्रवाई करके न सिर्फ विवाद रोका जा सकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी साफ-सुथरा रिकॉर्ड छोड़ा जा सकता है।


FAQ (मानव-पढ़ने योग्य)

Q1. भू-अभिलेख में नाम गलत हो जाए तो क्या करें?
Ans: तहसील कार्यालय में सुधार आवेदन दें, साथ में पहचान पत्र और पुराने दस्तावेज़ संलग्न करें।

Q2. रकबा गलत दर्ज हो तो समाधान कैसे होगा?
Ans: आवेदन के साथ जमीन की मापी (survey) करानी पड़ती है, जिसके बाद अधिकारी सुधार आदेश जारी करते हैं।

Q3. क्या ऑनलाइन आवेदन से भी सुधार संभव है?
Ans: हाँ, कई राज्यों में भूलेख पोर्टल पर ऑनलाइन नाम/रकबा सुधार का विकल्प उपलब्ध है।

Q4. सुधार में कितना समय लगता है?
Ans: साधारण त्रुटि में 30–60 दिन और विवादित मामले में 3–6 महीने लग सकते हैं।

Q5. अगर अधिकारी आवेदन स्वीकार न करें तो क्या करें?
Ans: आप RTI लगाकर स्थिति पूछ सकते हैं या SDM/कलेक्टर स्तर पर अपील कर सकते हैं।

#LandRecords #ProgressIndia #खतियान #जमाबंदी

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