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अंगनवाड़ी / ICDS सेवाएँ – बिहार सरकार द्वारा मातृ और बाल कल्याण की दिशा में मजबूत पहल

एक आंगनवाड़ी केंद्र के सामने लोग सेवाएं लेने के लिए खड़े हैं, जिसमें एक इमारत और हरे-भरे पेड़ दिखाई दे रहे हैं, साथ ही दूसरी तस्वीर में एक शिक्षिका बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ा रही है।
ICDS – Building a Healthy Bihar!

 अंगनवाड़ी / ICDS सेवाएँ – बिहार सरकार

(हर बच्चे, हर मां की सेहत और पोषण की गारंटी)


 परिचय

  • ICDS (Integrated Child Development Services) भारत सरकार की सबसे बड़ी सामुदायिक योजना है।

  • बिहार सरकार इसे अंगनवाड़ी केंद्रों के ज़रिए लागू करती है।

  • इसका मकसद है –
    ✅ बच्चों को कुपोषण से बचाना
    ✅ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सहायता देना
    ✅ महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जागरूकता देना


 ICDS का मुख्य उद्देश्य

  • हर बच्चे को पोषण और स्वास्थ्य सुविधा देना।

  • जन्म से 6 साल तक के बच्चों का सर्वांगीण विकास।

  • माताओं को सुरक्षित गर्भावस्था और प्रसव की सुविधा।

  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना।


 लक्षित लाभार्थी

  • 0 से 6 साल तक के बच्चे

  • गर्भवती महिलाएँ

  • स्तनपान कराने वाली माताएँ

  • किशोरियाँ (11–18 साल)

  • ग्रामीण और शहरी गरीब परिवार


 ICDS / अंगनवाड़ी की मुख्य सेवाएँ

1️⃣ पूरक पोषण आहार (Supplementary Nutrition)

  • बच्चों को संतुलित और पौष्टिक भोजन।

  • गर्भवती व धात्री महिलाओं को अतिरिक्त आहार।

  • Take Home Ration (THR) व्यवस्था – परिवार के लिए राशन पैक।

2️⃣ स्वास्थ्य सेवाएँ

  • बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण।

  • टीकाकरण और विटामिन सप्लीमेंट।

  • डायरिया, खसरा, एनीमिया जैसी बीमारियों की रोकथाम।

3️⃣ स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएँ

  • गर्भवती महिलाओं की ANC जांच।

  • हाई रिस्क केस को प्राथमिक/जिला अस्पताल भेजना।

  • बच्चों की वृद्धि निगरानी (Growth Monitoring)।

4️⃣ स्वास्थ्य और पोषण शिक्षा

  • महिलाओं को आहार, स्तनपान और साफ-सफाई की जानकारी।

  • बच्चों की देखभाल और टीकाकरण का महत्व समझाना।

5️⃣ प्री-स्कूल नॉन-फॉर्मल एजुकेशन

  • 3–6 साल के बच्चों के लिए खेल-खेल में पढ़ाई।

  • अक्षरज्ञान, गिनती और सामाजिक मूल्यों की शिक्षा।

  • बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना।


 बिहार सरकार की विशेष पहलें

  • हर पंचायत में अंगनवाड़ी केंद्र

  • मोबाइल ऐप और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पारदर्शिता।

  • Take Home Ration की व्यवस्था से महिलाओं को सुविधा।

  • पोषण ट्रैकर ऐप – बच्चों की ग्रोथ की डिजिटल निगरानी।


 लाभ कैसे मिलता है?

  • नजदीकी अंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर पंजीकरण।

  • गर्भवती महिला या बच्चे का नाम दर्ज कराना।

  • नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण आहार प्राप्त करना।

  • स्कूल जाने लायक बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा।


 अंगनवाड़ी सेवाओं का असर बिहार में

  • कुपोषण दर में गिरावट।

  • स्कूल ड्रॉपआउट दर कम हुई।

  • मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी।

  • महिलाओं में स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ी।


 लाभार्थियों के लिए आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड / पहचान पत्र

  • गर्भवती महिला के लिए मातृत्व कार्ड

  • बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र

  • बैंक खाता विवरण (DBT के लिए)

  • परिवार की पहचान (राशन कार्ड / निवास प्रमाण पत्र)


 सरकार की चुनौतियाँ और समाधान

❌ चुनौतियाँ

  • ग्रामीण इलाकों में केंद्रों की कमी।

  • कुपोषण दर अभी भी ऊँची।

  • जागरूकता की कमी।

✅ समाधान

  • हर गांव तक ICDS का विस्तार।

  • डिजिटल टेक्नोलॉजी से बेहतर निगरानी।

  • सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय महिलाओं को शामिल करना।


 एक्शन प्लान (टास्क लिस्ट स्टाइल)

✔️ हर बच्चे का पंजीकरण कराएं।
✔️ गर्भवती महिला अपनी ANC जांच नियमित कराएं।
✔️ बच्चों को समय पर टीकाकरण दिलाएं।
✔️ Take Home Ration का सही उपयोग करें।
✔️ पोषण शिक्षा सत्र में शामिल हों।
✔️ स्वास्थ्य समस्या हो तो तुरंत रेफरल अस्पताल जाएं।

बिहार सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं की सूची – एक स्थान पर पूरी जानकारी | Progress India

मिशन इंद्रधनुष – बच्चों और माताओं के लिए पूर्ण टीकाकरण का संकल्प | Progress India

जननी एवं बाल सुरक्षा योजना – सुरक्षित मातृत्व और नवजात संरक्षण की सरकारी पहल | Progress India


 हर बच्चे को पोषण, हर मां को सुरक्षा!

  • ICDS / अंगनवाड़ी सेवाएँ बिहार की रीढ़ हैं जो बच्चों और महिलाओं की सेहत की गारंटी देती हैं।

  • यह सिर्फ पोषण योजना नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है।

  • हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने बच्चे और परिवार को इन सेवाओं से जोड़े।


FAQs

Q1. ICDS / अंगनवाड़ी सेवाएँ क्या हैं?
👉 यह बच्चों (0–6 साल), गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं और किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा देने की सरकारी योजना है।

Q2. अंगनवाड़ी केंद्र पर क्या-क्या सुविधाएँ मिलती हैं?
👉 पूरक पोषण आहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, पोषण शिक्षा और प्री-स्कूल शिक्षा।

Q3. इन सेवाओं का लाभ कैसे उठाएँ?
👉 नजदीकी अंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकरण कराकर पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएँ पाएं।

Q4. कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
👉 आधार कार्ड, राशन कार्ड/निवास प्रमाण पत्र, गर्भवती महिलाओं के लिए मातृत्व कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र।

Q5. बिहार में ICDS का क्या असर हुआ है?
👉 कुपोषण दर घटी है, मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है, और ग्रामीण परिवारों में स्वास्थ्य व शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

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