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PMEGP / KVIC योजना – अपना व्यवसाय शुरू करने का सुनहरा अवसर, पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी

PMEGP/KVIC योजना बिहार के तहत ग्रामीण क्षेत्र में लोग पारंपरिक तरीके से घास और रस्सी बनाने का कार्य करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन को दर्शाता है।
PMEGP/KVIC योजना बिहार का कार्यान्वयन

 PMEGP / KVIC: क्या है यह योजना?

  • PMEGP: MSME मंत्रालय की एक क्रेडिट‑लिंक्ड सब्सिडी योजना, जिसे KVIC द्वारा संचालित किया जाता है (msme.gov.in)।

  • उद्देश्य: ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नए माईक्रो‑एंटरप्राइज स्थापित कर स्वरोज़गार पैदा करना और स्थानीय MSME को बढ़ावा देना


 मुख्य लाभ

  1. परियोजना लागत पर सब्सिडी

    • ग्रामीण में 35%, शहरी में 25% (SC/ST, महिला, अल्पसंख्यक आदि के लिए अधिक)

    • परियोजना लागत: मैन्युफैक्चरिंग में ₹25 लाख तक, बिज़नेस/सर्विस में ₹10 लाख तक ।

  2. लोन सुविधा

    • बैंक से मिलने वाले ऋण में मार्जिन‑मनी सब्सिडी

    • उदाहरण: राष्ट्रीय स्तर पर ₹884–906 करोड़ के लोन में ₹300 करोड़ सब्सिडी हाल ही में वितरित।

  3. बृहद प्रोत्साहन

    • PMFME जैसे अन्य योजनाओं के साथ जुड़कर खाद्य प्रसंस्करण को विशेष समर्थन मिलता है।


 बिहार में इस योजना का प्रभाव

  • पूर्वी क्षेत्र (जिसमें बिहार शामिल है) को ₹22 करोड़ की सब्सिडी मिली, लगभग 996 परियोजनाओं के लिए।

  • व्यापारी प्रेरणाएँ: भागलपुर के राजीव ने ₹30 लाख लोन से दो उद्यम – कंक्रीट उत्पाद और टोफू विनिर्माण – शुरू किए, जिससे स्थानीय रोजगार पैदा हुआ।


 पात्रता और प्रक्रिया

  • आयु: 18 वर्ष से अधिक; सामान्य श्रेणी के लिए कम से कम 8वीं पास; बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए हाई स्कूल पास होना आवश्यक ।

  • प्रोजेक्ट लागत: ₹10 लाख से ऊपर मैन्युफैक्चरिंग, ₹5 लाख से ऊपर सेवा वर्ग में।

  • पात्रता: नई इकाइयाँ; पूर्व में सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाली योजनाएँ मान्य नहीं।

  • आवेदन: ऑनलाइन के माध्यम से PMEGP पोर्टल पर या जिला स्तर पर KVIC/KVIB कार्यालय में जाकर (msme.gov.in)।


 हालिया स्थिति और संपदा

  • देशभर में: कुल 10.18 लाख माइक्रो‑एंटरप्राइज़ स्थापित, ₹73,348 करोड़ ऋण स्वीकृत और ₹27,166 करोड़ सब्सिडी वितरित।

  • रोज़गार सिर्जन: 90 लाख से अधिक लोगों को सीधी–अप्रत्यक्ष रोज़गार प्रदान ।

  • बिहार में: पूर्वी क्षेत्र में योजनांतर्गत समर्थन मिल रहा, तथा भागलपुर जैसे शहरों में युवाओं द्वारा सफल उद्यम शुरू किए जा रहे हैं ।


✅ कैसे आवेदन करें?

  1. उद्योग विचार तय करें – खाने से जुड़ी यूनिट, हस्तशिल्प, सेवा या निर्माण।

  2. अर्हता जांचें – उपरोक्त पात्रता की शर्तों की पूर्ति।

  3. PMEGP पोर्टल/डीसी कार्यालय में आवेदन करें – DRF (District Resource Facilitation) अधिकारियों से सलाह लें।

  4. दस्तावेज तैयार रखें – फर्म/व्यवसाय योजना, पहचान, आयु, पहचान प्रमाण व बैंक विवरण।

  5. लोन मंजूरी के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में लगेगी; फंड का उपयोग व्यवसाय के विकास में करें।


सारांश तालिका

पहलु विवरण
सब्सिडी दर ग्रामीण: 35%, शहरी: 25% (विशेष श्रेणियों में अधिक)
लोन सीमा ₹25 लाख (मैन्युफैक्चरिंग), ₹10 लाख (सेवा)
आवेदन पोर्टल kviconline.gov.in,  pmegpeportal
बिहार सहायता पूर्वी क्षेत्र में ₹22 करोड़; सफल स्थानीय केस मौजूद

इस योजना से बिहार में विशेषकर युवा, महिलाएं, अल्पसंख्यक और ग्रामीण उद्यमी स्वरोज़गार स्थापित कर सकते हैं। यदि आप किसी व्यवसाय (जैसे टोफू बनाना, कंक्रीट उत्पाद, पारंपरिक उद्योग आदि) शुरू करने की सोच रहे हैं, तो:

योजना के तहत प्रोजेक्ट के उदाहरण

  • अगर कोई युवा सिलाई मशीन सेंटर खोलना चाहता है → ₹2-3 लाख का प्रोजेक्ट → बैंक लोन + 25-35% सब्सिडी।

  • कोई महिला उद्यमी ब्यूटी पार्लर शुरू करना चाहती है → ₹5 लाख का प्रोजेक्ट → बैंक लोन + सब्सिडी।

  • ग्रामीण क्षेत्र का युवा हनी प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहता है → ₹10 लाख तक → सब्सिडी से आसानी।
    👉 इस तरह छोटे-छोटे प्रोजेक्ट से हजारों युवाओं को रोज़गार मिल रहा है।


 महिलाओं के लिए फायदे

  • महिलाओं को अतिरिक्त सब्सिडी (ग्रामीण क्षेत्र में 35% तक)।

  • उन्हें छोटे-छोटे उद्योग जैसे –

    • पापड़/आचार उद्योग

    • ब्यूटी पार्लर

    • सिलाई- कढ़ाई

    • डेयरी या पोल्ट्री
      में आर्थिक सहयोग।

  • इससे महिलाएं आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता हासिल कर रही हैं।


 योजना से होने वाले बड़े फायदे

  • बिहार में स्वरोजगार का माहौल तैयार हुआ।

  • युवाओं में उद्यमिता की भावना बढ़ी।

  • ग्रामीण इलाकों में रोज़गार के अवसर बने।

  • पलायन की समस्या पर कुछ हद तक नियंत्रण।

  • महिलाओं और वंचित वर्ग की भागीदारी बढ़ी


  – एक उदाहरण

सोचिए, दरभंगा का अमित कुमार, जिसने बी.कॉम किया लेकिन नौकरी नहीं मिली।

  • उसने PMEGP के तहत हैंडलूम यूनिट शुरू करने के लिए आवेदन किया।

  • बैंक से ₹8 लाख लोन मिला और ₹2.5 लाख सब्सिडी।

  • अब उसके यूनिट में 12 लोग काम कर रहे हैं।
    👉 यह योजना न केवल अमित के लिए बल्कि उसके गांव के लिए भी रोज़गार की किरण बन गई।


 योजना की चुनौतियाँ

  • ❌ बैंक लोन स्वीकृति में देरी।

  • ❌ कई युवाओं को प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की जानकारी नहीं।

  • ❌ जागरूकता की कमी।

✅ समाधान:

  • बैंक प्रक्रिया को और सरल बनाना।

  • युवाओं के लिए Project Report Assistance Cell खोलना।

  • गांव-गांव में Awareness Campaign


 अब तक का असर (बिहार में)

  • हजारों युवाओं ने इस योजना से यूनिट शुरू किए।

  • ग्रामीण महिलाओं ने स्वरोजगार में बढ़चढ़कर भाग लिया।

  • KVIC और बिहार सरकार लगातार नए-नए प्रशिक्षण प्रोग्राम चला रही है।
    👉 यह योजना बिहार में आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास की रीढ़ बन गई है।


 भविष्य की संभावनाएँ

  • PMEGP को डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया से जोड़ना।

  • युवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मार्केटिंग की ट्रेनिंग।

  • बिहार के पारंपरिक उद्योग (मधुबनी पेंटिंग, सिल्क, हनी, मखाना) को PMEGP के साथ स्केल-अप करना।


✅ PMEGP योजना: युवाओं के सपनों को स्वरोजगार में बदलने का अवसर

PMEGP / KVIC योजना सिर्फ लोन देने की स्कीम नहीं है, यह युवाओं को सपनों को कारोबार में बदलने का मौका देती है।
बिहार सरकार और KVIC मिलकर हजारों युवाओं को स्वरोजगार की राह पर ला चुके हैं।
👉 आने वाले समय में यह योजना बिहार को रोज़गार और आत्मनिर्भरता का हब बना सकती है।

✍️ तैयार किया गया – Progress India के लिए

मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना – बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहारा देने की एक सशक्त पहल

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना बिहार 2025 – 10 लाख तक आर्थिक सहायता से स्वरोजगार का अवसर | Progress India

बिहार सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं की सूची – एक स्थान पर पूरी जानकारी | Progress India

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FAQ (Frequently Asked Questions)

Q1. PMEGP योजना क्या है?
👉 प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी स्कीम है, जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक लोन और सरकारी सब्सिडी मिलती है।

Q2. PMEGP योजना का लाभ कौन ले सकता है?
👉 18 वर्ष से अधिक आयु का बेरोजगार युवक/युवती, स्वयं सहायता समूह, ट्रस्ट, सोसाइटी और सहकारी संस्थाएं।

Q3. कितनी सब्सिडी मिलती है?
👉 ग्रामीण क्षेत्र: सामान्य 25%, SC/ST/महिला/ओबीसी/दिव्यांग 35%।
👉 शहरी क्षेत्र: सामान्य 15%, आरक्षित वर्ग 25%।

Q4. लोन की अधिकतम सीमा क्या है?
👉 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट: ₹25 लाख तक।
👉 सर्विस सेक्टर: ₹10 लाख तक।

Q5. आवेदन कैसे करें?
👉 आवेदन ऑनलाइन PMEGP पोर्टल (kviconline.gov.in) पर किया जाता है।

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