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UP में Samekit Siksha और सहायक उपकरण योजना: समावेशी शिक्षा की दिशा

उत्तर प्रदेश में एक शिक्षिका दिव्यांग बच्चों के साथ कक्षा में पढ़ाई कर रही है, जिसमें एक बच्चा व्हीलचेयर पर बैठा है और सहायक उपकरणों के साथ शिक्षा प्राप्त कर रहा है, पृष्ठभूमि में अन्य बच्चे और शैक्षिक सामग्री दिखाई दे रही है।

उत्तर प्रदेश में Samekit Siksha (समेकित शिक्षा) और सहायक उपकरण योजना दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में समावेशिता बढ़ाने के लक्ष्य से संचालित हैं। नीचे इसके प्रमुख पहलुओं की जानकारी दी गई है:


 1. Samekit Siksha – समेकित शिक्षा पहल

  • पहचान और नामांकन: ‘Samarth’ तकनीकी सिस्टम के ज़रिए 2020–21 में 3,15,806 दिव्यांग बच्चों की पहचान व नामांकन हुआ।

  • समाविष्ट कक्षाएं: दिव्यांग और सामान्य छात्रों को एक साथ पढ़ाने वाले कक्षाएं शुरू – लखनऊ, आज़मगढ़, प्रयागराज समेत 7 जिलों में मॉडल स्कूल ‌चालित।

  • शिक्षण सामग्री:

    • कक्षा 1–3 के लिए एक्सेसिबल वर्कशीट

    • ब्रेल पाठ्यपुस्तकें, लो-विजन किट, बड़े फोंट वाली किताबें, ऐबेकस आदि।

  • शिक्षा समर्थन टीम:

    • विशेष शिक्षक (ब्रेल, भाषण, सुनवाई और बौद्धिक दिव्यांगता में प्रशिक्षित)

    • फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा छात्रों के लिए थेरेपी बनाई जाती है।

  • घर-आधारित शिक्षा: गंभीर दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए घर पर शिक्षण सामग्री एवं दोस्ताना शिक्षा योजना।


 2. सहायक उपकरण योजना (Assistive Devices)

  • सहायक उपकरण शिविर:

    • ALIMCO, कानपुर की साझेदारी से बच्चों को ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, स्मार्ट केन, ब्रेल किट, कैलीपर, रोलाटर, CP चेयर, हियरिंग एड, Digiplayer, आदि उपकरण दिए जाते हैं।

    • बुलंदशहर, शामली, अम्बेडकरनगर जैसे जिलों में भी इस तरह के शिविर आयोजित हुए।

  • आर्थिक भागीदारी:

    • ADIP योजना के तहत एलिमको व SSA मिलकर लागत साझा करते हैं—SSA 40%, ALIMCO 60% basiceducation.up.gov.in

  • PM SHRI / समग्र शिक्षा अभियान के तहत भी स्कूलों में उपकरण बांटे गए—जैसे Bulandshahr में 104 बच्चों को उपकरण प्रदान हुए।


 क्या लाभ मिलेगा?

  1. समान शिक्षा—दिव्यांग + सामान्य बच्चे एक कक्षा में पढ़कर आत्मनिर्भर बनेंगे।

  2. ब्लाइंड सपोर्ट—ब्रेल किट, स्मार्ट कैन, लो-विजन किट से पढ़ाई आरामदायक होगी।

  3. चलने व सुनने की सुविधा—व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, हियरिंग एड से विद्यालय आना–जाना संभव होगा।

  4. चिकित्सीय देखभाल—फिजियोथेरेपी व थेरेपी प्लान समय-समय पर उपलब्ध है।


यदि आप चाहें तो  हमें ईमेल करें

इसे भी पढ़ें: JRDU, चित्रकूट: दिव्यांगों को उच्च शिक्षा में सशक्त बनाने वाला विश्वविद्यालय

उत्तर प्रदेश की प्रमुख सरकारी योजनाएँ – 2025 तक की सूची

यूपी में कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण वितरण योजना

FAQs 

Q1. समेकित शिक्षा व सहायक उपकरण योजना क्या है?

👉 यह योजना दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के साथ सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है।

Q2. किन बच्चों को इस योजना का लाभ मिलता है?
👉 शारीरिक, दृष्टि, श्रवण या बौद्धिक दिव्यांगता वाले स्कूली बच्चों को इसका लाभ मिलता है।

Q3. योजना के अंतर्गत कौन-कौन से उपकरण दिए जाते हैं?
👉 व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, ब्रेल किताबें, विशेष टूलकिट और अन्य सहायक उपकरण दिए जाते हैं।

Q4. आवेदन कैसे किया जाता है?
👉 आवेदन स्कूल स्तर पर या जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के माध्यम से किया जा सकता है।

Q5. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
👉 दिव्यांग बच्चों को समान अवसर देकर शिक्षा की गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता बढ़ाना।

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