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UP की Textile & Garmenting Policy 2022: निवेश, रोजगार और वैश्विक कपड़ा केंद्र

उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति 2022 का दस्तावेज़ मेज पर रखा हुआ, जिसमें नीति का शीर्षक प्रमुखता से लिखा है। पृष्ठभूमि में एक सार्वजनिक सभा का दृश्य दिखाई दे रहा है जहाँ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नीति की घोषणा करते हुए मंच पर खड़े हैं, जबकि श्रोता ध्यान से सुन रहे हैं। यह छवि राज्य सरकार की वस्त्र और परिधान क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण नीति को दर्शाती है, जो निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन पर केंद्रित है।

 उत्तर प्रदेश की Textile & Garmenting Policy (2022) ने कपड़ा और परिधान उद्योग को एक नया जोश दिया है। यहाँ इसका सारांश और अवसर बताए गए हैं:

प्रमुख प्रोत्साहन (Incentives)

  1. भूमि एवं स्टाम्प ड्यूटी छूट

    • औद्योगिक क्षेत्र में भूमि खरीद पर 25% सब्सिडी (गौतम बुद्ध नगर में 15%)।

    • स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट (गौतम बुद्ध नगर/ग़ाजियाबाद में 75%) ।

  2. पूंजीगत सब्सिडी

    • संयंत्र व मशीनरी पर 25% पूंजी सहायता, बुन्देलखंड और पूरबांचल में अतिरिक्त 10%

  3. बिजली और कर में रियायत

    • बिजली शुल्क में 100% छूट 10 वर्षों तक।

    • निजी टेक्सटाइल पार्क डेवलपर के लिए 50% पूंजी सहायता (₹50 करोड़ तक) ।

  4. रोज़गार भत्ता & फ्रेट रिइम्बर्समेंट

    • मेगा/सुपर मेगा यूनिटों के लिए ₹3,200 प्रति कर्मचारी प्रति माह, पाँच वर्ष तक ।

    • निर्यात के लिए फ्रेट लागत–रिइम्बर्समेंट:

      • वर्ष 1–2: 75%,

      • वर्ष 3–4: 50%,

      • वर्ष 5: 25% ।

  5. रेशम उद्योग को विशेष सुविधाएं

    • रेशम उत्पादन इकाइयों में पूंजी पर 15–20% सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट।


 अब तक का असर

  • 123 नयी कंपनियों ने ₹2,492 करोड़ का निवेश किया, जिससे लगभग 19,752 नौकरियाँ उत्पन्न हुईं।

  • PM MITRA Mega Textile Park (Lucknow–Hardoi) ने 100,000+ नौकरियाँ दी।

  • Lonex Textile Park, Shamli में ₹726 करोड़ निवेश के साथ दिसंबर 2025 तक 27 एकड़ में 5,000 नौकरियाँ तैयार हो रहीं हैं।


 अवसर और लाभ

  • MSME और स्टार्टअप – पूंजी सहायता, भूमि छूट और बिजली रियायत से लाभान्वित

  • टेक्सटाइल पार्क डेवलपर्स – केंद्र और राज्य दोनों की योजनाओं के तहत समर्थन

  • युवा उद्यमी – मशीनरी, ब्रांडिंग, निर्यात सहायता जैसी सुविधाएं

  • रेशम कृषक/सेल्स यूनिट – विशेष सब्सिडी से लाभ

  • रोज़गारार्थी – फैक्ट्री संचालन, डिजाइन, मार्केटिंग, रिसर्च, गुणवत्ता नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में अवसर


 आपको इसमें कैसे भाग लेना चाहिए?

  1. Invest UP या Nivesh Sarathi पोर्टल पर पंजीकरण करें।

  2. योजना की बुनियादी योग्यता व दस्तावेज़ (भूमि, बैंक खाता, आधार आदि) तैयार रखें।

  3. भूमि एवं पार्क निर्माण के लिए आवेदन करें (जैसे PM MITRA / निजी टेक्सटाइल पार्क)।

  4. मशीनरी/ब्रांडिंग/निर्यात सहायता हेतु पूंजी सब्सिडी के लिए आवेदन करें।

  5. महिला/युवा/रेशम उद्योग में विशेष प्रोत्साहन का फायदा उठाएं।


UP Textile & Garmenting Policy 2022 एक पूर्ण पैकेज है, जिसमें भूमि, पूंजी, बिजली, रोजगार, निर्यात व रेशम समर्थन जैसे प्रमुख घटक शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इस नीति ने UP को भारतीय वासन/कपड़ा मैन्युफैक्चरिंग का कैद्र बनाकर रखा है, निवेश का प्रवाह तेज़ किया है और लाखों नौकरियों का सृजन किया है।


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 FAQ

Q1. यूपी की टेक्सटाइल और गार्मेंटिंग पॉलिसी 2022 क्या है?
यह नीति राज्य में टेक्सटाइल और गार्मेंट उद्योग को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन करने के लिए बनाई गई है।

Q2. इस नीति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उद्योगों को आधुनिक तकनीक, आसान नियम, सब्सिडी और निर्यात बढ़ाने का अवसर देना।

Q3. इसमें उद्यमियों को क्या लाभ मिलते हैं?
भूमि आवंटन में सुविधा, बिजली व टैक्स छूट, पूंजी निवेश पर सब्सिडी और निर्यात प्रोत्साहन।

Q4. इससे स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा?
युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए काम के अवसर और MSMEs को उद्योग विस्तार का मौका।

Q5. कौन-कौन से क्षेत्र इस नीति के तहत फोकस में हैं?
हैंडलूम, पावरलूम, गार्मेंटिंग, टेक्निकल टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट आधारित यूनिट्स।

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