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देवी अहिल्याबाई नारी शक्ति मिशन 2025 – सशक्त नारी, समृद्ध मध्यप्रदेश

"ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं का समूह प्रशिक्षण सत्र में भाग लेते हुए, सामने एक पोस्टर पर देवी अहिल्याबाई नारी शक्ति मिशन 2025 लिखा हुआ, पास में एक महिला ट्रेनर और कंप्यूटर स्क्रीन दिखाई दे रही है।"


देवी अहिल्याबाई नारी शक्ति मिशन 2025 – नारी सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम


 प्रस्तावना: जब नारी सशक्त होती है, तो राष्ट्र सशक्त होता है

भारत की संस्कृति में स्त्री को शक्ति का रूप माना गया है। लेकिन सच्चाई यह भी है कि लंबे समय तक महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ी रहीं। मध्य प्रदेश सरकार ने इस असंतुलन को दूर करने के लिए वर्ष 2025 में एक ऐतिहासिक पहल की है – देवी अहिल्याबाई नारी शक्ति मिशन 2025। यह योजना केवल सरकारी आंकड़ों के लिए नहीं, बल्कि लाखों महिलाओं के जीवन में एक वास्तविक बदलाव लाने की एक मानवीय कोशिश है।

यह मिशन एक प्रेरणास्रोत महिला – देवी अहिल्याबाई होलकर – के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 18वीं सदी में सामाजिक न्याय, धर्म, और प्रशासन के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किए। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि जब एक महिला को अवसर और सम्मान मिलता है, तो वह पूरे समाज की दिशा बदल सकती है।


 उद्देश्य: नारी को सशक्त बनाने का पूर्ण मॉडल

देवी अहिल्याबाई नारी शक्ति मिशन 2025 का उद्देश्य है:

  • महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना

  • उन्हें स्वरोजगार, कौशल, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं देना

  • घरेलू हिंसा, बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और आर्थिक असमानता को दूर करना

  • महिलाओं को नीति-निर्धारण और नेतृत्व में भागीदार बनाना

यह मिशन एक समन्वित दृष्टिकोण से काम करता है, जिसमें सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन तीन प्रमुख स्तंभ हैं।


 योजना का संक्षिप्त परिचय

इस योजना की शुरुआत महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा की गई है। यह राज्य की महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक रूप से मज़बूत करने के लिए बहुपरियोजनात्मक मिशन है। इसका कार्यान्वयन जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर किया जा रहा है।


 प्रमुख घटक / पहलू

1. स्वरोजगार और उद्यमिता

  • महिलाओं को ऋण सुविधा, ब्याज अनुदान, और मार्केट लिंक प्रदान किया जा रहा है।

  • स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षित कर स्थायी आय स्रोत बनाए जा रहे हैं।

2. कौशल विकास और डिजिटल शिक्षा

  • आईटीआई, कौशल केंद्र, और डिजिटल लर्निंग हब के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

  • सिलाई, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर ऑपरेटर, मोबाइल रिपेयरिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण।

3. महिला सुरक्षा और हेल्पलाइन

  • 181 महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, और महिला थाना को अधिक सक्रिय और सक्षम बनाया गया है।

  • प्रत्येक जिले में महिला समर्पण कक्ष स्थापित किए गए हैं जहाँ महिलाएं अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकती हैं।

4. शिक्षा और छात्रवृत्ति

  • गरीब और मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति, साइकिल, और डिजिटल डिवाइस दिए जा रहे हैं।

  • 10वीं-12वीं के बाद करियर गाइडेंस और कोचिंग सहायता भी दी जा रही है।

5. स्वास्थ्य और पोषण

  • महिला स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण, आयरन व कैल्शियम की दवा, और मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी सेवाएँ।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ एंड न्यूट्रिशन वैन भेजी जा रही हैं।


 मानवीय कहानियाँ – बदलाव की ज़मीनी मिसालें

गुना की सरला बाई

सरला बाई कभी खेतों में मजदूरी करती थीं। देवी अहिल्याबाई मिशन के तहत उन्हें सिलाई मशीन और 6 महीने का प्रशिक्षण मिला। अब वे गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण दे रही हैं।
"पहले दूसरों के लिए काम करती थी, अब खुद की दुकान है, खुद का सम्मान है," – सरला मुस्कुराते हुए कहती हैं।

खरगोन की शबीना

शबीना ने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। मिशन के तहत उसे कंप्यूटर शिक्षा मिली और आज वह लोक सेवा केंद्र में काम कर रही है।
"पहले मेरे पास पहचान नहीं थी, अब गांव में लोग मुझे ‘दीदी’ कहकर सम्मान देते हैं।"


 सामाजिक प्रभाव

  1. महिला रोजगार में वृद्धि: हजारों महिलाएं अब खुद का व्यवसाय चला रही हैं।

  2. बाल विवाह में कमी: शिक्षा और जागरूकता ने नाबालिग शादी की दर कम की है।

  3. घरेलू हिंसा रिपोर्टिंग में बढ़ोतरी: महिलाएं अब आवाज़ उठाने लगी हैं।

  4. नेतृत्व में भागीदारी: महिला सरपंच, SHG प्रमुखों की संख्या बढ़ी है।


 तकनीकी एकीकरण

  • "नारी शक्ति मोबाइल ऐप" के ज़रिए महिलाएं योजना में खुद को रजिस्टर कर सकती हैं।

  • डिजिटल पहचान, डैशबोर्ड, और SMS अलर्ट सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ी है।

  • ई-शक्ति पोर्टल पर सभी गतिविधियों का रियल टाइम ट्रैकिंग किया जाता है।


 चुनौतियाँ

  1. गांवों में इंटरनेट और मोबाइल साक्षरता की कमी

  2. पारिवारिक और सामाजिक सोच में बदलाव की गति धीमी

  3. कुछ स्थानों पर योजना की जानकारी का अभाव

  4. कार्यकर्ताओं की संख्या और संसाधनों की सीमित उपलब्धता

समाधान के उपाय:

  • जागरूकता शिविरों की संख्या बढ़ाना

  • पंचायत स्तर पर महिला नेतृत्व को और सक्रिय बनाना

  • स्थानीय NGO और स्वयंसेवी संस्थाओं को जोड़ना


 देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा

इस मिशन का नाम देवी अहिल्याबाई पर रखा जाना सिर्फ सम्मान की बात नहीं, एक सशक्त प्रतीक है। अहिल्याबाई ने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया था कि जब स्त्री को नेतृत्व मिलता है, तो वह न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र को दिशा दे सकती है। आज का मिशन उसी विचार की आधुनिक पुनर्परिभाषा है।


 निष्कर्ष: नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति

देवी अहिल्याबाई नारी शक्ति मिशन 2025 सिर्फ एक योजना नहीं है, यह सामाजिक परिवर्तन की क्रांति है। यह उस सोच को चुनौती देता है जो स्त्री को सीमित करता है। यह उसे हौसला देता है, आत्मविश्वास देता है, और कहता है –

"तुम सिर्फ बेटी नहीं, शक्ति हो।"

इस मिशन का असर तब सबसे गहरा होगा, जब हम सभी – सरकार, समाज और नागरिक – इसे केवल योजना नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएँ।

आइए, हम मिलकर मध्य प्रदेश की हर बेटी, हर माँ, हर महिला के लिए ऐसा वातावरण बनाएँ, जहाँ वह निर्भय होकर जी सके, अपने सपनों को आकार दे सके, और कह सके –
"मैं भी देवी अहिल्याबाई की तरह, समाज की निर्माता हूँ।"


लाडली लक्ष्मी पहल – बेटियों को शिक्षा,_ सम्मान और सुरक्षित भविष्य की ओर एक सशक्त कदम

ICDS और आंगनबाड़ी सेवाएँ – बच्चों, महिलाओं और गर्भवती माताओं के लिए संपूर्ण पोषण और देखभाल

मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना – अनाथ_ बच्चों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान _की गारंटी

मुख्यमंत्री कन्या_ विवाह योजना – बेटियों की शादी में सरकार देगी ₹55,000 की सम्मान राशि

लाडली बहना योजना और लाडली_ बहना आवास योजना 2025 – हर बहन के आत्मसम्मान और अपने घर का सपना होगा पूरा

देवी अहिल्याबाई नारी शक्ति मिशन 2025 - FAQ

देवी अहिल्याबाई नारी शक्ति मिशन 2025 – सामान्य प्रश्न (FAQ)

यह मध्य प्रदेश सरकार की एक बहुपरियोजनात्मक पहल है जिसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, शिक्षित, सुरक्षित और नेतृत्वशील बनाना है।

  • 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं
  • स्व-सहायता समूहों की सदस्य महिलाएं
  • ग्रामीण, शहरी और पिछड़े वर्ग की महिलाएं
  • ऐसी महिलाएं जो स्वरोजगार या प्रशिक्षण लेना चाहती हैं
  • स्वरोजगार हेतु ऋण सहायता
  • कौशल विकास प्रशिक्षण
  • महिला हेल्पलाइन और सुरक्षा केंद्र
  • डिजिटल शिक्षा और करियर गाइडेंस

आप स्थानीय पंचायत, महिला एवं बाल विकास कार्यालय, या nariyatra.mp.gov.in पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

नहीं, यह योजना पूरी तरह से निशुल्क है। सभी प्रशिक्षण, किट और सहयोग सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है।

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