Skip to main content

25 मीटर / 50 मीटर राइफल पिस्टल शूटिंग क्या है? जानिए नियम, स्कोप और भारतीय प्रदर्शन

25 मीटर और 50 मीटर राइफल-पिस्टल शूटिंग में निशाना लगाते हुए भारतीय शूटर
25 मीटर और 50 मीटर राइफल-पिस्टल शूटिंग में निशाना लगाते हुए

 25 मीटर / 50 मीटर राइफल पिस्टल शूटिंग: लक्ष्य पर सटीकता की असली परीक्षा

 क्या है राइफल-पिस्टल शूटिंग?

  • यह एक प्रतिस्पर्धी खेल है जिसमें खिलाड़ी को पिस्टल या राइफल से तय दूरी (25 मीटर या 50 मीटर) पर स्थित लक्ष्य पर निशाना लगाना होता है।

  • यह खेल न केवल फिजिकल स्टेबिलिटी, बल्कि मेंटल फोकस और धैर्य का भी इम्तिहान लेता है।


 यह खेल क्यों खास है?

  • दिमाग और दिल दोनों की जुगलबंदी: शूटिंग खिलाड़ी को हर शॉट से पहले खुद को स्थिर करना होता है।

  • सटीकता का विज्ञान: मिलिमीटर की गलती पदक छीन सकती है।

  • हर वर्ग के लिए खेल: यह खेल महिलाओं, पुरुषों, दिव्यांगों – सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध है।


 25 मीटर और 50 मीटर में अंतर

विषय 25 मीटर 50 मीटर
हथियार पिस्टल राइफल
समय कम समय में अधिक शॉट धीमा और नियंत्रित शॉट्स
लक्ष्य बड़ा और नजदीक छोटा और दूर
इवेंट्स Rapid Fire, Standard, Sports Pistol Prone, 3 Position Rifle, Free Pistol

 तैयारी कैसे करें?

 मानसिक तैयारी

  • ध्यान (Meditation): मानसिक फोकस के लिए रोज 10 मिनट।

  • विज़ुअलाइज़ेशन: लक्ष्य पर सटीक शॉट्स की कल्पना करें।

 फिजिकल तैयारी

  • बॉडी बैलेंस ट्रेनिंग: शारीरिक संतुलन बनाए रखने के लिए योग और कोर एक्सरसाइज़ करें।

  • ब्रीदिंग टेक्निक: सांस पर नियंत्रण के बिना सटीक निशाना संभव नहीं।

 तकनीकी तैयारी

  • हथियार की जानकारी: अपने राइफल या पिस्टल को समझें – वजन, ग्रिप, संतुलन।

  • शूटिंग गियर: शूटिंग जैकेट, चश्मा, कंप्रेशन बूट्स आवश्यक हैं।


 भारत के प्रमुख शूटर जिन्होंने दुनिया में नाम रोशन किया

  • अभिनव बिंद्रा: भारत के पहले ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट (राइफल, 10 मीटर)

  • गगन नारंग: लंदन ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज जीतने वाले (राइफल, 10 मीटर)

  • मनु भाकर: 25 मीटर पिस्टल में युवा चमकती सितारा

  • सौरभ चौधरी: पिस्टल शूटिंग के दमदार नाम


 कहां-कहां होती हैं ट्रेनिंग?

भारत के कुछ प्रमुख शूटिंग रेंज:

  • डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, दिल्ली

  • गुड़गांव शूटिंग अकादमी, हरियाणा

  • गगन नारंग गन फॉर ग्लोरी, पुणे

  • राजीव गांधी शूटिंग रेंज, हैदराबाद


 कैसे बनें प्रोफेशनल शूटर?

 स्टेप बाय स्टेप गाइड:

  1. स्कूल या कॉलेज में खेल से जुड़ें

  2. स्थानीय शूटिंग क्लब से मेंबरशिप लें

  3. राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लें

  4. नेशनल रैंकिंग के लिए ट्रायल दें

  5. Shooting Federation of India (SFI) से पंजीकरण कराएं

  6. कोच से नियमित प्रशिक्षण लें और फिटनेस बनाए रखें


 प्रतियोगिता प्रारूप क्या होता है?

 25 मीटर पिस्टल इवेंट:

  • खिलाड़ियों को तेज़ी से निशाना लगाना होता है (Rapid Fire)।

  • कुल स्कोर और टाइमिंग दोनों मायने रखते हैं।

 50 मीटर राइफल इवेंट:

  • खिलाड़ी को स्थिरता और एकाग्रता के साथ तीन अलग-अलग पोजिशन (Prone, Standing, Kneeling) में शूटिंग करनी होती है।


 करियर के अवसर

  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता

  • सेना, पुलिस, CISF जैसी सेवाओं में सीधी भर्ती

  • कोचिंग, शूटिंग रेंज ऑपरेशन और फिटनेस ट्रेनर


 सरकारी सहायता और योजनाएं


 शूटिंग खेल के मानवीय पहलू

  • धैर्य का विकास: जीवन के तनावपूर्ण क्षणों में स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है।

  • साहस और आत्मविश्वास: हर सफल शॉट आत्मबल बढ़ाता है।

  • लक्ष्य निर्धारण का अभ्यास: खिलाड़ी खेल में जो अनुशासन सीखता है, वही उसे जीवन में भी उपयोगी बनाता है।


 निष्कर्ष

“25 मीटर / 50 मीटर शूटिंग कोई सामान्य खेल नहीं, यह जीवन जीने का तरीका है – एकाग्रता, अनुशासन और धैर्य का संगम।”

यदि सही मार्गदर्शन, संसाधन और समर्पण हो – तो कोई भी युवा भारत के लिए ओलंपिक पदक जीत सकता है। शूटिंग सिर्फ बंदूक से गोली चलाना नहीं, यह आत्म-नियंत्रण और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है।


 Progress India का संदेश

✅ खेल सिर्फ एक विकल्प नहीं, करियर और आत्म-निर्माण का रास्ता है।
✅ यदि आपके पास इच्छाशक्ति है, तो हमारे देश के पास संसाधन और अवसर हैं।
✅ आइए, 25 मीटर / 50 मीटर शूटिंग को अपनाएं – और बनाएं भविष्य को सटीक और गौरवशाली।


यदि आप चाहें तो

स्कीट और ट्रैप शूटिंग: भविष्य के निशानेबाजों के लिए एक मार्गदर्शिका | Progress India

बैडमिंटन: आत्मविश्वास, फिटनेस और भविष्य का खेल – जानिए हर स्तर पर इसका प्रभाव

बायथलॉन: शूटिंग और स्कीइंग का रोमांचक मेल | Progress India

कैसे बनें प्रोफेशनल शूटर – स्टेप बाय स्टेप गाइड 2025 | Progress India

 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):

  1. 25 मीटर राइफल-पिस्टल शूटिंग क्या होती है?
    यह एक प्रिसिजन शूटिंग स्पर्धा है जिसमें 25 मीटर की दूरी से टारगेट पर निशाना लगाया जाता है।

  2. 50 मीटर राइफल शूटिंग में क्या खास है?
    यह लंबी दूरी की शूटिंग स्पर्धा है जिसमें स्थिरता, संतुलन और मानसिक एकाग्रता की परीक्षा होती है।

  3. क्या महिलाएं भी इन स्पर्धाओं में हिस्सा ले सकती हैं?
    हां, महिलाएं दोनों ही कैटेगरी में भाग लेती हैं और भारत की कई महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं।

  4. इसमें कौन-कौन से हथियार उपयोग किए जाते हैं?
    .22 कैलिबर स्पोर्ट्स पिस्टल और राइफल्स का उपयोग किया जाता है, जो विशेष मानकों पर आधारित होती हैं।

  5. भारत में प्रशिक्षण की क्या सुविधाएं हैं?
    भारत में SAI सेंटर, निजी अकादमियां और राज्यस्तरीय शूटिंग रेंज में अच्छे कोच और उपकरण उपलब्ध हैं।

Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

UP Take Home Ration (THR) योजना: बच्चों व माताओं हेतु पोषण

  Take Home Ration (THR)   एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य  गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरी बालिकाएं और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन  प्रदान करना है, ताकि कुपोषण को रोका जा सके। THR का उद्देश्य क्या है? भारत सरकार की "एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)" योजना के अंतर्गत, THR (टेक होम राशन) का मकसद है: बच्चों में कुपोषण की रोकथाम गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण बढ़ाना किशोरी बालिकाओं को पोषण और आयरन देना बाल मृत्यु दर और कम वजन वाले बच्चों की संख्या को कम करना THR में क्या-क्या मिलता है? लाभार्थियों को पैक्ड या तैयार राशन सामग्री घर ले जाने के लिए दी जाती है , जैसे: रेडी-टू-ईट (RTE) मिश्रण गेहूं, चना, सोयाबीन, मूंगफली, घी/तेल, शक्कर आदि से बना एनर्जी फूड कभी-कभी अंडा, दूध पाउडर या आयरन सप्लीमेंट्स भी हर राज्य में THR का फॉर्मूला अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए: लाभार्थी मात्रा और पोषण (प्रतिदिन) 6 माह – 3 वर्ष के बच्चे 500 कैलोरी, 12-15g प्रोटीन गर्भवती / धात्री महिला 600 कैलोरी, 18-20g प्रोटीन...

बिहार सरकार की योजनाएँ 2025: पूरी अपडेटेड सूची और लाभ

योजनाएँ 2025 बिहार सरकार की योजनाएँ 2025 – आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली सबसे ज़रूरी योजनाएँ 2025 में बिहार सरकार की योजनाएँ सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीनी जरूरतों को देखते हुए बनाई जा रही हैं— ग्रामीण, महिलाएँ, किसान, छात्र, और युवाओं के जीवन में सीधा प्रभाव डालने वाली योजनाएँ।  1. योजना: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) (युवा वर्ग के लिए सबसे प्रभावी योजना) मुख्य उद्देश्य किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर छात्र की पढ़ाई पैसे की वजह से न रुके। 4 लाख रुपये तक की बिना-गारंटी शिक्षा ऋण सुविधा। कौन लाभ ले सकता है? बिहार का निवासी छात्र। 12वीं पास। उच्च शिक्षा (Graduation / Professional Courses) कर रहा हो। लाभ 4 लाख तक का लोन सिर्फ 1% ब्याज पढ़ाई पूरी होने के बाद ही EMI कई कोर्सेज 0% ब्याज पर भी उपलब्ध एक्शन स्टेप वेबसाइट पर जाएँ → 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in ऑनलाइन आवेदन, डॉक्यूमेंट अपलोड जिला स्तर पर वेरिफिकेशन → बैंक से स्वीकृति  2. योजना: मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना 2025 उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को छोटा व्यवस...