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लेपटॉप ग्रांट योजना – मध्य प्रदेश | छात्र सफलता की डिजिटल चाबी

"मध्य प्रदेश के मेधावी छात्रों को लेपटॉप ग्रांट योजना के अंतर्गत लाभ मिलता हुआ छात्र"
 विद्यार्थियों को तकनीकी सहायता

लेपटॉप ग्रांट योजना – मध्य प्रदेश: डिजिटल भविष्य की ओर एक सशक्त कदम

परिचय
शिक्षा, किसी भी समाज की नींव होती है और तकनीकी संसाधन आज की शिक्षा व्यवस्था में रीढ़ की हड्डी बन चुके हैं। जब देश डिजिटल इंडिया की दिशा में अग्रसर हो रहा है, तब यह आवश्यक हो जाता है कि हमारे विद्यार्थी भी तकनीक से जुड़े रहें। इस आवश्यकता को पहचानते हुए, मध्य प्रदेश सरकार ने छात्रों के लिए लेपटॉप ग्रांट योजना की शुरुआत की है — जो न केवल एक योजना है, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को टेक्नोलॉजी से जोड़ने का पुल भी है।


एक प्रेरणादायक सोच

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह किसी विशेष वर्ग या तबके तक सीमित नहीं है। यह योजना 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती है, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म या सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हों। सरकार का उद्देश्य है — "जो मेहनत करे, उसे संसाधनों की कमी न झेलनी पड़े।"

बेटा हो या बेटी, ग्रामीण हो या शहरी — जो छात्र अपने संघर्ष और लगन से बोर्ड परीक्षा में सफलता पाते हैं, उन्हें एक बेहतर भविष्य की तैयारी के लिए यह योजना मार्गदर्शन करती है।


कैसे बदलता है यह योजना जीवन

कल्पना कीजिए एक ऐसे छात्र की, जो छोटे से गांव में पढ़ाई करता है, जिसके पास न स्मार्टफोन है न इंटरनेट। लेकिन फिर भी वह लगन से पढ़ता है और 12वीं बोर्ड में मेरिट सूची में स्थान बनाता है। यह योजना उसे सिर्फ एक लेपटॉप नहीं देती, बल्कि यह उसके आत्मविश्वास, उसके भविष्य और उसके परिवार की उम्मीदों को एक नया पंख देती है।

कई बार देखा गया है कि कॉलेज में दाखिला तो मिल जाता है, लेकिन प्रोजेक्ट, कोडिंग, ऑनलाइन क्लासेज या डिजिटल फॉर्म भरने जैसे कामों में विद्यार्थियों को तकनीकी संसाधनों की भारी कमी झेलनी पड़ती है। यह योजना उस कमी को दूर करती है और छात्रों को आत्मनिर्भर बनाती है।


योजना का उद्देश्य

  • 12वीं में उत्कृष्ट अंक लाने वाले विद्यार्थियों को तकनीकी सहायता देना

  • डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना

  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बीच की डिजिटल खाई को पाटना

  • प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए तैयारी में मदद करना

  • युवाओं में आत्मविश्वास और डिजिटल कौशल विकसित करना


पात्रता (Eligibility)

  • विद्यार्थी मध्य प्रदेश बोर्ड (MPBSE) से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका हो।

  • प्राप्तांक मेरिट सूची में या सरकार द्वारा तय की गई सीमा से अधिक हो।

  • विद्यार्थी मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी हो।

  • विद्यार्थी कॉलेज में प्रवेश ले चुका हो या प्रवेश की प्रक्रिया में हो।


क्या मिलता है?

  • छात्रों को सरकार द्वारा ₹25,000 की राशि ग्रांट के रूप में दी जाती है।

  • यह राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उनके बैंक खाते में दी जाती है।

  • विद्यार्थी इस राशि से अपनी पसंद का लैपटॉप खरीद सकता है।

इस व्यवस्था से छात्र को चयन की आज़ादी मिलती है — वह अपने कोर्स और जरूरत के अनुसार उपयुक्त ब्रांड या मॉडल चुन सकता है।


योजना की प्रक्रिया

  1. MP Online Portal पर छात्र अपना पंजीकरण कराता है।

  2. स्कूल से अंक प्रमाण-पत्र और निवास प्रमाण-पत्र अपलोड किया जाता है।

  3. छात्रों की पात्रता की जांच के बाद सूची जारी होती है।

  4. चुने गए छात्रों को बैंक खाते में ₹25,000 स्थानांतरित किए जाते हैं।

  5. छात्र स्वतंत्र रूप से लैपटॉप खरीद सकते हैं।


मानवता की झलक: कुछ प्रेरणादायक कहानियाँ

सीमा कछवाहा – एक खेत मज़दूर की बेटी की उड़ान

सीमा भोपाल के पास के एक गांव से है। उसके पिता खेतों में मजदूरी करते हैं। 12वीं में 92% अंक लाकर उसने अपने गांव का नाम रोशन किया। जब उसे सरकार की तरफ से लेपटॉप ग्रांट मिली, तो उसकी आंखों में आंसू थे। अब वह B.Sc. की पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन कंप्यूटर कोर्स भी कर रही है।

राहुल सेन – कंप्यूटर साइंस में पहला कदम

रीवा जिले के राहुल को पढ़ाई से बहुत लगाव था, लेकिन उसके पास कोई कंप्यूटर नहीं था। 12वीं में 91% लाने के बाद, उसे यह ग्रांट मिली। उसने अपने पहले प्रोग्राम कोड इसी लैपटॉप पर लिखा और आज वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।


चुनौतियाँ और समाधान

हर योजना की तरह इस योजना में भी कुछ चुनौतियाँ हैं:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों को आवेदन प्रक्रिया समझने में कठिनाई होती है।

  • कुछ छात्रों को समय पर राशि नहीं मिल पाती है।

इसके लिए ज़रूरत है —
✔ स्कूल शिक्षकों की जागरूकता
✔ पंचायत स्तर पर डिजिटल हेल्प डेस्क
✔ नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शिता


एक योजना जो सिर्फ लैपटॉप नहीं, भरोसा देती है

लेपटॉप एक साधन है, लेकिन इसके पीछे सरकार का उद्देश्य कहीं बड़ा है — “हर मेहनती छात्र तक तकनीकी शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना।”
आज के दौर में जब ऑनलाइन परीक्षा, डिजिटल लाइब्रेरी, वर्चुअल क्लास, कोडिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग जैसे क्षेत्र बढ़ रहे हैं, तब यह योजना समय की मांग को पूरा करती है।

यह उन माता-पिता के लिए भी आशा की किरण है जो कहते हैं —
"हम तो ज्यादा नहीं पढ़े, लेकिन हमारी बेटी अब लैपटॉप पर पढ़ेगी, डॉक्टर बनेगी।"


निष्कर्ष

"लेपटॉप ग्रांट योजना – मध्य प्रदेश" सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की जिंदगी को बदलने वाली एक क्रांति है। यह योजना दिखाती है कि जब सरकार, समाज और विद्यार्थी एक साथ आगे बढ़ते हैं, तब शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि तकनीक से जुड़कर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।

यह योजना हर उस छात्र को यह विश्वास देती है कि
“तुम सिर्फ सपने मत देखो, हम उन्हें पूरा करने के लिए तुम्हारे साथ हैं।”


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लेपटॉप ग्रांट योजना – मध्य प्रदेश | FAQ

लेपटॉप ग्रांट योजना – मध्य प्रदेश FAQ ?

यह योजना किसके लिए है?
यह योजना मध्य प्रदेश बोर्ड के उन मेधावी छात्रों के लिए है जिन्होंने 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए हैं।
योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
छात्रों को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जिससे वे नया लैपटॉप खरीद सकें।
क्या यह राशि सीधे खाते में आती है?
हाँ, पात्र छात्रों के बैंक खाते में राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन स्कूल या जिले की शिक्षा अधिकारी के माध्यम से किया जा सकता है। पात्र छात्रों की सूची भी पोर्टल पर उपलब्ध होती है।
क्या यह योजना हर साल मिलती है?
हाँ, यह योजना हर वर्ष योग्य 12वीं उत्तीर्ण छात्रों को दी जाती है। इसके लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाती है।

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