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NAFLD स्क्रीनिंग इनिशिएटिव – हेल्दी लिवर मिशन के तहत फैटी लिवर की समय रहते पहचान और रोकथाम

"मानव शरीर के लिवर का चित्र जिसमें वसा की परतें जमा हैं — फैटी लिवर (NAFLD) के लक्षणों को दर्शाता हुआ मेडिकल डाया्ग्राम।"


 NAFLD (Non‑Alcoholic Fatty Liver Disease) स्क्रीनिंग इनिशिएटिव की विस्तृत जानकारी:


 परिचय: ये बीमारी चुपचाप घर करती है

NAFLD, यानी गैर-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज, एक ऐसी बीमारी है जो अक्सर बिना संकेत के कई साल तक चलती है। शायद आप शराब नहीं पी रहे, लेकिन फिर भी लीवर आपके शरीर में फैट जमा कर सकता है, जो समय के साथ जानलेवा भी हो सकता है।

भारत में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। खासकर अधिक वजन, डायबिटीज़ या मेटाबॉलिक सिंड्रोम वाले लोगों में इसकी संभावना बढ़ जाती है। इसी खामोशी को तोड़ने के लिए अब सरकारें और स्वास्थ्य संस्थान मिलकर जागरूकता बढ़ा रहे हैं और NAFLD स्क्रीनिंग अभियान शुरू कर रहे हैं।


 मध्यप्रदेश में NAFLD स्क्रीनिंग की शुरुआत

1 जून 2025 से मध्यप्रदेश सरकार ने Institute of Liver and Biliary Sciences (ILBS), नई दिल्ली के साथ मिलकर राज्य स्तरीय NAFLD स्क्रीनिंग शुरू की है, खासकर 30 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए।

  • ASHA स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर BMI, कमर का माप और डायबिटीज़ का इतिहास जैसे संकेत एकत्र करती हैं।

  • रिस्क वाले मरीजों को Community Health Officer (CHO) को रेफर किया जाता है।

  • रक्त जांच (SGOT, SGPT, प्लेटलेट काउंट) व जरूरत पड़ने पर Fibroscan जैसे उपकरण से आगे की जांच की जाती है।


 क्यों है ये पहल महत्वपूर्ण?

  • शुरुआत में NAFLD में कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन इसमें जोड़ों का दर्द, थकावट या पेट फूलना बढ़ सकता है।

  • अगर इलाज नहीं हुआ तो यह लड़ने योग्य है — लेकिन आगे चलकर लीवर सिरोसिस, लिवर कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह जैसी स्थितियों को जन्म दे सकता है ।

  • मध्यप्रदेश के कार्यक्रम के पहले चरण में पहले 50,000 से अधिक लोगों की जांच की गई है और Nirogi Kaya Abhiyan के तहत यह 50,000 से ऊपर पहुंच चुका है ।


 स्क्रीनिंग और उसका प्रभाव

  • शुरुआती चरण में BMI >23, कमर का माप 80 से.मी. महिलाओं में, 90 से.मी. पुरुषों में, और मधुमेह का इतिहास बताता है कि किसी व्यक्ति को जरूर जांच करवानी चाहिए ।

  • इसके बाद पार्क-कोड जैसे ब्लड टेस्ट, Fibroscan जैसी जांच चलती है।

  • साथ ही पोषण, व्यायाम और जीवनशैली में सुधार की सलाह दी जाती है — घर पर उपलब्ध खाना और शराब/तम्बाकू से दूर रहना।


 अन्य राज्यों में पहल की मिसालें

 झारखंड (रांची)

19 अप्रैल 2025 से रांची जिले में बड़े पैमाने पर NAFLD स्क्रीनिंग शुरू हुई: फ़ेज़ 1 में 30,000 उच्च‑जोखिम व्यक्ति, फिर जुलाई–नवंबर में सभी 18+ आयु वर्ग की स्क्रीनिंग।
मोबाइल Fibro‑Scan वैन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में जांच की शुरुआत हुई है ।

 तमिलनाडु (जावधु हिल्स)

तीव्र दाब वाले वातावरण में आदिवासी इलाकों में 50,000 व्यक्ति को स्क्रीन किया: 10–14% उच्च जोखिम FAG-4 फ़ाइब्रोसिस में थे और आगे Fibroscan के लिए भेजे गए ।


 विशेषज्ञों की चेतावनी

  1. King George's यूनिवर्सिटी, लखनऊ में कहा गया कि फैटी लीवर बच्चों में भी बढ़ रहा है — और शुरुआती जांच, स्वस्थ जीवनशैली ही इससे लड़ने का अस्त्र है।


 देशव्यापी नीति और गाइडलाइंस

  • भारत सरकार ने NP-NCD (नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज) में NAFLD को शामिल किया है ।

  • सितंबर 2024 में Ministry of Health ने revised operational guidelines और training manual जारी किए।

  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्क्रीनिंग के लिए अल्ट्रासाउंड और non-invasive स्कोर (APRI, FIB-4) का पूर्वानुमान उपयोग बढ़ाया जा रहा है ।


 किसे कराना चाहिए जांच?

  • 30+ आयु वर्ग के लोग, खासकर जो मोटे, मधुमेह, उच्च रक्तचाप या मेटाबॉलिक सिंड्रोम से जुड़े हैं।

  • पुरानी बीमारी वाले व्यक्ति, जैसे हाइपोथाइरायडिज्म, PCOS।

  • प्राथमिक देखभाल डॉक्टर LFT (लीवर फ़ंक्शन टेस्ट) या अल्ट्रासाउंड से शुरुआती संकेत पा सकते हैं और समय रहते आगे की जांच करवा सकते हैं ।


 अनुभव‑कहानीयाँ: जागरूकता की मिसाल

एक गाँव की वृद्धा, जहाँ ASHA कार्यकर्ता ने उसके बालकनी में वजन और कमर मापा, और उसे Fibroscan के लिए भेजा। उसका फैटी लीवर शुरुआती चरण में पाया गया, और पोषण + हल्का व्यायाम के जरिए उसे माता‑पिता की सेवा करने के लिए ऊर्जा मिली।


 निष्कर्ष: समय रहते बचाव की शुरुआत करें

NAFLD एक चुपचाप बढ़ने वाली बीमारी है, जो अगर समय पर पहचान ली जाए तो पलटने योग्य अवस्था तक बनी रहती है।

  • सक्रिय स्क्रीनिंग पहल हमें मोटापे, मधुमेह और उच्च रक्तचाप से भी लड़ने में सशक्त बनाती है।

  • सरकार + स्वास्थ्यकर्मी + सामुदायिक जागरूकता का सम्मिलन भविष्य सुरक्षित कर सकता है।

  • इसलिए अगर आप 30+ हैं, या आपके परिवार में इन बीमारियों का इतिहास है, तो ASHA/CHO/PHC से संपर्क करें और मुफ्त NAFLD जांच करवाएं।


यदि आप चाहें तो 

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104 टोल-फ्री हेल्थ हेल्पलाइन – आपकी सेहत से जुड़ी हर चिंता का समाधान, एक कॉल पर

NAFLD स्क्रीनिंग इनिशिएटिव – FAQs

NAFLD स्क्रीनिंग इनिशिएटिव – सामान्य प्रश्न

1. NAFLD क्या होता है?

NAFLD यानी नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज, एक ऐसी बीमारी है जिसमें लिवर में वसा जमा हो जाती है, बिना शराब के सेवन के। यह लिवर को नुकसान पहुँचा सकती है यदि समय पर इलाज न हो।

2. यह बीमारी किन लोगों को ज़्यादा होती है?

NAFLD का खतरा मोटे लोगों, डायबिटीज़ या हाई ब्लड प्रेशर वालों, और 30+ उम्र के व्यक्तियों में ज़्यादा होता है।

3. Healthy Liver Mission क्या है?

यह मध्य प्रदेश सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य लिवर संबंधी बीमारियों की समय पर जांच, रोकथाम और इलाज सुनिश्चित करना है।

4. स्क्रीनिंग कहां और कैसे होती है?

आप अपने नजदीकी PHC, CHC, या सरकारी अस्पताल में जाकर निःशुल्क जांच करवा सकते हैं। 104 हेल्पलाइन से जानकारी भी ले सकते हैं।

5. NAFLD से कैसे बच सकते हैं?

नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, वजन नियंत्रित रखना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना इसका सबसे अच्छा बचाव है।

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