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कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कैसे करें – स्टेप-बाय-स्टेप गाइड | अपने उपभोक्ता अधिकार पाएं

एक भव्य कोर्ट भवन का चित्र, जिसमें बड़े-बड़े खंभे और सीढ़ियाँ हैं, और लोग परिसर में चलते हुए दिखाई दे रहे हैं,

कंज्यूमर कोर्ट का लाभ कैसे उठाएं – आसान भाषा में पूरी गाइड

(Progress India के लिए विशेष लेख)


1. कंज्यूमर कोर्ट क्या है?

  • यह एक उपभोक्ता अधिकार संरक्षण का मंच है।

  • अगर कोई कंपनी, दुकान या सेवा प्रदाता आपको गलत प्रोडक्ट बेचता है या सर्विस में धोखा देता है, तो आप यहाँ शिकायत कर सकते हैं।

  • यहाँ आपका केस जल्दी, आसान और कम खर्च में निपटता है।


2. कब जाएं कंज्यूमर कोर्ट?

  • गलत या खराब प्रोडक्ट मिलने पर।

  • सर्विस का वादा पूरा न होने पर।

  • बिल में गलत चार्ज जोड़े जाने पर।

  • वारंटी/गारंटी के बावजूद रिपेयर या रिप्लेस न करने पर।

  • नकली सामान बेचने या ठगी होने पर।


3. पहले ये स्टेप लें – कोर्ट जाने से पहले

✔️ बिल/इनवॉइस संभालें – यह आपके केस का सबसे बड़ा सबूत है।
✔️ कंपनी को लिखित शिकायत भेजें – ईमेल या रजिस्टर्ड पोस्ट से।
✔️ समय सीमा दें – जैसे, “7 दिन में समाधान करें”।
✔️ रेस्पॉन्स का इंतजार करें – अगर जवाब न मिले या संतोषजनक न हो, तभी कोर्ट जाएं।


4. कंज्यूमर कोर्ट में केस दर्ज करने की प्रक्रिया

Step 1 – सही फोरम चुनें

  • जिला फोरम (DFRC) – अगर विवाद की राशि ₹50 लाख तक है।

  • राज्य आयोग (SCDRC) – ₹50 लाख से ₹2 करोड़ तक।

  • राष्ट्रीय आयोग (NCDRC) – ₹2 करोड़ से ऊपर।


Step 2 – शिकायत तैयार करें

  • आपका नाम, पता, फोन नंबर।

  • विपक्षी (कंपनी/दुकानदार) का नाम और पता।

  • घटना की तारीख और पूरा विवरण।

  • नुकसान का हिसाब और मुआवजे की मांग।

  • सबूत – बिल, फोटो, ईमेल, चैट स्क्रीनशॉट।


Step 3 – फीस जमा करें

  • केस की रकम के अनुसार नॉमिनल फीस (₹100 से ₹5000) लगती है।

  • कोर्ट में डिमांड ड्राफ्ट, IPO या ऑनलाइन पेमेंट से जमा कर सकते हैं।


Step 4 – शिकायत दाखिल करें

  • पर्सनली कोर्ट में जाकर या

  • ई-दाख़िल पोर्टल (edaakhil.nic.in) के जरिए ऑनलाइन।


5. ई-दाख़िल से शिकायत कैसे करें? (मोबाइल फ्रेंडली)

  1. edaakhil.nic.in खोलें।

  2. रजिस्टर करें – नाम, मोबाइल, ईमेल भरें।

  3. ओटीपी से वेरिफिकेशन करें।

  4. शिकायत फॉर्म भरें – पूरी डिटेल और सबूत अपलोड करें।

  5. फीस ऑनलाइन भरें और सबमिट करें।

  6. केस नंबर और सुनवाई की तारीख मोबाइल पर मिलेगी।


6. सुनवाई के दौरान ध्यान रखने वाली बातें

  • समय पर पहुंचें – लेट होने से केस अटक सकता है।

  • अपने सबूत और गवाह साथ लाएं।

  • शांत और प्रोफेशनल रहें – भावुक होकर बहस न करें।

  • लिखित बयान और डॉक्यूमेंट की कॉपी विपक्षी को दें।

  • अगर जरूरत हो तो मुफ्त सरकारी वकील भी मिल सकता है।


7. फैसले के बाद

  • अगर फैसला आपके पक्ष में है, तो कंपनी को समय सीमा में मुआवजा या सुधार करना होगा।

  • आदेश का पालन न होने पर आप एग्जीक्यूशन एप्लीकेशन दाखिल कर सकते हैं।

  • फैसले से असंतुष्ट होने पर 30 दिन के अंदर अपील कर सकते हैं।


8. कंज्यूमर कोर्ट में केस जीतने के टिप्स

🔹 हमेशा लिखित सबूत रखें – मौखिक बातों का असर कम होता है।
🔹 केस जल्दी दर्ज करें – देरी से आपका दावा कमजोर हो सकता है।
🔹 ऑनलाइन लेन-देन का स्क्रीनशॉट रखें।
🔹 वारंटी/गारंटी कार्ड की फोटो खींचकर रखें।
🔹 शिकायत में स्पष्ट और सरल भाषा का प्रयोग करें।


9. महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार

  • Consumer Protection Act 2019 के तहत:
    ✅ आपको सही और सुरक्षित प्रोडक्ट का हक है।
    ✅ गलत विज्ञापन या जानकारी पर रोक लगाने का अधिकार।
    ✅ नुकसान होने पर मुआवजा पाने का अधिकार।
    ✅ शिकायत दर्ज करने के लिए देश के किसी भी कंज्यूमर फोरम में जाने का अधिकार।


10. कहां से लें मदद?

  • राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) – 1800-11-4000

  • WhatsApp शिकायत – 8800001915

  • Emailnch-ca@nic.in

  • वेबसाइटconsumerhelpline.gov.in


11. कंज्यूमर कोर्ट 

कंज्यूमर कोर्ट सिर्फ बड़े केस के लिए नहीं, बल्कि आपके छोटे-छोटे उपभोक्ता अधिकार के लिए भी है।
अगर आपको ठगी, गलत बिलिंग, खराब सर्विस जैसी समस्या हो, तो चुप न रहें।
सबूत जुटाएं, समय पर शिकायत करें और अपने हक की लड़ाई लड़ें।


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FAQs

Q1. कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत करने के लिए क्या जरूरी है?
आपको खरीद का बिल, वारंटी/गारंटी कार्ड, और घटना का सबूत जैसे फोटो, वीडियो या चैट प्रूफ चाहिए।

Q2. क्या बिना वकील के कंज्यूमर कोर्ट में केस कर सकते हैं?
हाँ, आप खुद केस दर्ज कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मुफ्त सरकारी वकील भी मिल सकता है।

Q3. कंज्यूमर कोर्ट में केस कितने दिन में निपटता है?
आम तौर पर 3 से 6 महीने में फैसला आ सकता है, लेकिन केस की जटिलता के अनुसार समय बदल सकता है।

Q4. ई-दाख़िल पोर्टल क्या है?
ई-दाख़िल एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां आप कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज कर सकते हैं और केस की स्थिति देख सकते हैं।

Q5. केस जीतने पर मुआवजा कब मिलता है?
कोर्ट द्वारा तय समय सीमा में, आमतौर पर 30 से 60 दिनों में।

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