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DIDI Drone Yojana: गांव की बेटियों के हाथों में अब टेक्नोलॉजी की कमान

Namo DIDI ड्रोन योजना का चित्र, जिसमें एक आधुनिक ड्रोन हवा में उड़ता हुआ दिखाई दे रहा है, पृष्ठभूमि में खेत और धुंधला शहर का दृश्य है,
दीदी ड्रोन योजना से बनिए ड्रोन पायलट, 

दीदी ड्रोन योजना — ग्रामीण महिलाओं की नई उड़ान | प्रोग्रेस इंडिया


 परिचय: जब महिलाएं आकाश छूने लगें...

कल्पना कीजिए — एक ग्रामीण महिला, जो कल तक खेत में हाथ से खाद डालती थी, आज ड्रोन से पूरे खेत में एक क्लिक में छिड़काव कर रही है!
यह कोई सपना नहीं, बल्कि "दीदी ड्रोन योजना" की ज़मीनी सच्चाई है।


 उद्देश्य क्या है दीदी ड्रोन योजना का?

  • ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित करना

  • कृषि में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना

  • महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना

  • कृषि में सटीकता और उत्पादकता लाना


योजना किसके लिए है?

  • देशभर की ग्रामीण महिलाएं

  • विशेष रूप से SHG (Self Help Group) से जुड़ी महिलाएं

  • जो कृषि या कृषि संबंधित व्यवसाय से जुड़ना चाहती हैं


 योजना की मुख्य बातें (एक नजर में)

बिंदु विवरण
शुरुआत 2024-25 में
लक्ष्य 15,000 महिला ड्रोन ऑपरेटर तैयार करना
प्रशिक्षण कृषि मंत्रालय द्वारा अधिकृत संस्थानों से
ड्रोन सुविधा SHG समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराना
अनुदान ड्रोन पर 80% तक सब्सिडी
उपयोग उर्वरक, कीटनाशक, बीज, छिड़काव आदि में ड्रोन का उपयोग
राज्य योजना पूरे भारत में लागू होगी, शुरुआत कुछ राज्यों से हो रही है

 दीदी ड्रोन योजना का असर 

  • रेखा देवी, जो झारखंड के एक गांव में रहती हैं, आज ड्रोन उड़ाकर खेतों में छिड़काव करती हैं।
    अब गांव के किसान उन्हें फीस देकर सेवा लेते हैं
    पहले दिन की मजदूरी ₹250 थी, अब ड्रोन सेवा से महीना ₹15,000 से ₹20,000 कमाती हैं।

  • आशा बाई, मध्य प्रदेश की SHG की सदस्य, अब 5 गांवों में ड्रोन सेवा दे रही हैं
    वह कहती हैं – "अब हम सिर्फ रोटियां नहीं बेलते, हम तकनीक से खेतों में क्रांति ला रहे हैं।"


 योजना से जुड़ने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

  1. SHG (महिला स्व-सहायता समूह) से जुड़ें

  2. ग्राम पंचायत या जिला कृषि विभाग से योजना की जानकारी लें

  3. प्रशिक्षण संस्थान में रजिस्ट्रेशन कराएं

  4. ड्रोन ऑपरेटर ट्रेनिंग पूरी करें (प्रायः 15–30 दिन)

  5. ड्रोन लेने के लिए आवेदन करें (80% तक सब्सिडी मिलेगी)

  6. कृषकों को सेवा देना शुरू करें और रोज़गार कमाएं


 ड्रोन से खेती में क्या फायदे होते हैं?

  • ✅ कम समय में बड़े क्षेत्र में छिड़काव

  • ✅ उर्वरकों की 50% तक बचत

  • ✅ ज़्यादा सटीक और लक्षित छिड़काव

  • शारीरिक मेहनत की कमी

  • ✅ पर्यावरण को कम नुकसान

  • ✅ फसल की निगरानी और डेटा एनालिटिक्स का लाभ


 कितनी कमाई हो सकती है?

  • एक महिला ड्रोन ऑपरेटर औसतन
    ₹500–₹1000 प्रति एकड़ छिड़काव शुल्क ले सकती है

  • एक महीने में 30–50 एकड़ सेवा देने पर
    ₹15,000–₹40,000 तक की कमाई संभव है

  • SHG द्वारा सामूहिक रूप से ड्रोन का उपयोग करके
    ज्यादा गांवों में सेवा दी जा सकती है


 प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाएगा?

  • ड्रोन उड़ाना और उसका रखरखाव

  • कृषि के लिए उपयुक्त छिड़काव तकनीक

  • सुरक्षा मानक और नियम

  • GPS आधारित ट्रैकिंग

  • किसानों से संवाद और सेवा प्रबंधन


 सरकार की मदद में क्या मिलेगा?

  • ✴️ ड्रोन पर 80% सब्सिडी

  • ✴️ 5% से कम ब्याज पर ऋण सुविधा

  • ✴️ फील्ड सपोर्ट और मेंटेनेंस सुविधा

  • ✴️ डिजिटल स्किल ट्रेनिंग

  • ✴️ SHG को एक व्यवसायिक इकाई के रूप में विकसित करना


 महिला सशक्तिकरण और तकनीक का मिलन

  • भारत की गांव की महिलाएं अब
    सिर्फ सिलाई-कढ़ाई तक सीमित नहीं

  • वे ड्रोन टेक्नोलॉजी से देश की कृषि क्रांति में भागीदारी कर रही हैं

  • यह योजना सिर्फ रोजगार नहीं,
    एक सम्मानजनक पहचान और लीडरशिप का मंच है


 अगले 5 सालों में लक्ष्य

  • 15,000 महिलाएं → ड्रोन ऑपरेटर

  • 5,000 SHG → ड्रोन आधारित सर्विस प्रोवाइडर

  • 100+ ट्रेनिंग सेंटर → देशभर में

  • हर जिले में → कम से कम 1 महिला ड्रोन टीम


 योजना का संदेश

"जब तक खेतों में महिलाएं उड़ान नहीं भरेंगी,
तब तक देश की कृषि में सच्चा विकास नहीं होगा।"


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 FAQs: दीदी ड्रोन योजना से जुड़े आम सवाल

Q1. क्या पुरुष भी योजना में भाग ले सकते हैं?
👉 नहीं, यह योजना केवल ग्रामीण महिलाओं के लिए है, विशेषकर SHG से जुड़ी महिलाओं के लिए।

Q2. क्या ड्रोन खरीदने में पूरी लागत खुद देनी होगी?
👉 नहीं, सरकार 80% तक सब्सिडी दे रही है। केवल 20% SHG को देना होगा।

Q3. प्रशिक्षण कहां होता है?
👉 अधिकृत प्रशिक्षण संस्थानों में, जिसे सरकार तय करती है। राज्य के कृषि विभाग से जानकारी लें।

Q4. योजना की अवधि कितनी है?
👉 योजना चरणबद्ध तरीके से पूरे भारत में लागू होगी। कोई तय अंतिम तिथि नहीं।

Q5. अगर SHG न हो तो क्या कोई महिला इसमें शामिल हो सकती है?
👉 SHG बनाकर ही योजना से जुड़ा जा सकता है। जिला स्तर पर SHG बनाने की प्रक्रिया सरल है।

Q6. क्या ड्रोन उड़ाने के लिए लाइसेंस चाहिए?
👉 हां, DGCA द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग और प्रमाणपत्र आवश्यक होगा।


अगर आप चाहते हैं कि गांव की दीदी भी आत्मनिर्भर भारत का चेहरा बने,
तो इस योजना की जानकारी हर पंचायत, हर गांव और हर घर तक पहुंचाइए।

Progress India आपके साथ है — प्रगति की दिशा में हर कदम

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