Skip to main content

छत्तीसगढ़ सूक्ष्म वन उत्पाद योजनाएँ – वनवासियों की आय बढ़ी

सूक्ष्म वन उत्पाद (MFP)। उत्पादों में बेंत की टोकरियों में सूखे खाद्य पदार्थ, कांच के जार में शहद और जामुन, लकड़ी के टुकड़े, टेरारियम में संरक्षित फूल और औषधीय जड़ी बूटियों के गुच्छे शामिल हैं।

 सूक्ष्म वन उत्पाद (Minor Forest Produce, MFP) — एक परिचय

  • सूक्ष्म वन उत्पाद का अर्थ: जंगलों में पाए जाने वाले फल, बीज, जड़ी-बूटी, शहद, लेव, कुम्हल, तेंदू पत्ता, वनेहरा आदि।

  • ऐसे उत्पाद जो वान्य संसाधन का हिस्सा हैं और वन निवासियों की आजीविका से जुड़े हैं।

  • छत्तीसगढ़ में लगभग 52 प्रकार के MFP जंगलों में पाए जाते हैं। 

  • राज्य में इन उत्पादों का संग्रह, प्रसंस्करण और विपणन संरचनाएँ पहले से मौजूद हैं। 


 प्रमुख योजनाएँ और नीतियाँ

1. MSP + मूल्य समर्थन कार्यक्रम (MSP for MFP)

  • केंद्र सरकार की “Mechanism for Marketing of Minor Forest Produce (MFP) through Minimum Support Price (MSP)” योजना। 

  • इसका मकसद: वन उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देना, जिससे उन्हें उचित लाभ मिले।

  • छत्तीसगढ़ में CGMFPFED (छ.ग. Minor Forest Produce Federation) MSP क्रियान्वयन एजेंसी है। 

  • उदाहरण: 2024-25 में विभिन्न MFP के लिए MSP दरें निर्धारित की गई हैं, जैसे मलकंगनी, कालमेघ, रीठा आदि। 

2. राज्य सहकारी संघ एवं मण्डी नेटवर्क

  • छ.ग. Minor Forest Produce Co-operative Federation Ltd. द्वारा राज्य स्तर पर सहकारी संरचना संचालित। 

  • वन उत्पादों की ख़रीद और विपणन के लिए “NWFP marts” मण्डियाँ बनाई गई हैं। 

  • “Van Dhan Vikas Kendra” और SHG (स्व-सहायता समूह) नेटवर्क के माध्यम से मूल्य संवर्धन गतिविधियाँ। (trifed.tribal.gov.in)

3. राज्य + केंद्र सहयोग एवं प्रोत्साहन

  • राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर फंड, प्रशिक्षण, मूल्य समर्थन और मार्केटिंग सुविधा देती है।

  • हाल ही में CGMFPFED और NCOL (National Collateral & Offtake) के बीच MoU हुआ है ताकि MFP उत्पादों को ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन और बेहतर बाजार मिले।

  • छत्तीसगढ़ को MFP खरीद और प्रसंस्करण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी मिले हैं। 


 कार्यप्रणाली (Action Plan / Steps)

  1. संभागीय सूची और सर्वेक्षण

    • वन क्षेत्रों में किस प्रकार के MFP उपलब्ध हैं, इसकी सूची बनाना।

    • संवेदनशील वन प्रजातियों और सुरक्षा उपायों का ध्यान।

  2. पंजीकरण और पहचान

    • MFP संग्राहकों / कलेक्टरों का पंजीकरण।

    • संग्रह केन्द्रों का निर्धारण (गाँव स्तर, मण्डी स्तर)।

  3. MSP दर जारी करना

    • केंद्र सरकार द्वारा MSP दरें जारी होती हैं, राज्य उन्हें लागू करता है। 

    • संग्रह वर्ष के अनुसार दरों में समय-समय पर अद्यतन। 

  4. खरीद प्रक्रिया और भुगतान

    • ऊपरी मंडल / सहकारी संघ द्वारा MFP की खरीद। 

    • बेचे गए उत्पाद के लिए भुगतान DBT / बैंक खाते के माध्यम से। 

    • यदि खरीद राशि ₹1,000 से कम हो, तो नकद भुगतान भी किया जाता है। 

  5. मूल्य संवर्धन (Value Addition)

    • कच्चे उत्पाद से प्रक्रिया (साफ़, सुखाना, पैकेजिंग आदि) करना।

    • सहकारी समूहों / Van Dhan केंद्रों को प्रशिक्षित करना।

    • ब्रांडिंग और विपणन (जैसे “Chhattisgarh Herbals” ब्रांड) 

  6. विपणन और बाज़ार विस्तार

    • राज्य / राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बेचना।

    • बायो एवं ऑर्गेनिक प्रमाणन प्राप्त करना। 

    • सहयोगी मार्केटिंग चैनल, ऑनलाइन मंच आदि।


 उपलब्धियाँ और प्रभाव

  • छत्तीसगढ़ ने वान उपजों की खरीद में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया — 20,270 मीट्रिक टन MFP रु. 52.80 करोड़ के मूल्य पर खरीदे गए। 

  • छत्तीसगढ़ को MFP योजना में अग्रणी राज्य माना गया है, 52 MFP को MSP सूची में शामिल किया गया। 

  • राज्य को न केवल खरीदी बल्कि मूल्य संवर्धन और पोस्ट-प्रोसेसिंग गतिविधियों में राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। 

  • कोविड काल में लगभग ₹120 करोड़ मूल्य के MFP खरीदे गए। 

  • CGMFPFED और राज्यों के बीच केंद्र व राज्य स्तर पर नेटवर्क मजबूत हुआ। 


 चुनौतियाँ और सुधार के सुझाव

चुनौतियाँ

  • बाजार पहुँच और दूरी कारण बनाए रखना कठिन है।

  • कुछ उत्पादों में गुणवत्ता और प्रमाणन की कमी।

  • अवैध / अति संग्रह की समस्या जिससे उत्पादन स्थिर न हो।

  • मूल्य संवर्धन हेतु संसाधन और तकनीकी कमी।

  • वन अधिकार एवं भूमि स्वामित्व विवाद। 

सुधार सुझाव

  • स्थानीय प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और प्रशिक्षण केंद्र बनाना।

  • केंद्र-राज्य समन्वय बेहतर करना।

  • संवर्धन केंद्रों को आधुनिक उपकरण और संसाधन देना।

  • ब्रांडिंग एवं आयात-निर्यात सहयोग बढ़ाना।

  • सतत और न्यायपूर्ण संग्रह नीतियाँ अपनाना।


 मानवीय दृष्टिकोण — जीवन की कहानियाँ

“पहले जंगल से कुछ मिलता ही नहीं था, अब MSP से हमें अच्छा दाम मिलता है।”
“महिलाओं की SHG ने वन उत्पाद को पैक कर बेहतर मूल्य दिलाया।”

इन कहानियों में जंगल और जीवन जुड़े हैं — इन योजनाओं ने आजीविका के साथ सम्मान भी लौटा दिया है।


 निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ की सूक्ष्म वन उत्पाद खरीद / प्रोत्साहन योजनाएँ वन-निवासियों को आर्थिक सुरक्षा, औऱ वन संसाधनों के सतत उपयोग की राह देती हैं।
MSP + सहकारी संघ + मूल्य संवर्धन मॉडल ने इस क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है।
लेकिन निरंतर सुधार, बेहतर मार्केटिंग और नीति समर्थन से यह क्षेत्र और मजबूत हो सकता है।


हाफ बिजली बिल योजना छत्तीसगढ़ – आधा बिजली बिल राहत

छ.ग. सौर सुजल योजना 2025 – किसानों के लिए सौर पंप योजना

नरवा-गरवा-घुरवा-बारी योजना 2025 – छत्तीसगढ़ का ग्रामीण मॉडल

FAQs (4 Relevant Questions)

Q1. सूक्ष्म वन उत्पाद योजनाएँ क्या हैं?
ये योजनाएँ जंगलों से प्राप्त लघु उत्पादों (जैसे तेंदू पत्ता, शहद, बीज, जड़ी-बूटियाँ) की खरीद और मूल्य समर्थन से जुड़ी हैं।

Q2. इन योजनाओं से किसे लाभ मिलता है?
छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी और ग्रामीण संग्राहक परिवारों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

Q3. MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) क्या होता है?
सरकार द्वारा तय किया गया वह मूल्य, जिस पर MFP उत्पाद खरीदे जाते हैं ताकि संग्राहकों को उचित दर मिले।

Q4. इस योजना का संचालन कौन करता है?
छत्तीसगढ़ माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस को-ऑपरेटिव फेडरेशन (CGMFPFED) इन योजनाओं का क्रियान्वयन करती है।

Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

बिहार सरकार की योजनाएँ 2025: पूरी अपडेटेड सूची और लाभ

योजनाएँ 2025 बिहार सरकार की योजनाएँ 2025 – आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली सबसे ज़रूरी योजनाएँ 2025 में बिहार सरकार की योजनाएँ सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीनी जरूरतों को देखते हुए बनाई जा रही हैं— ग्रामीण, महिलाएँ, किसान, छात्र, और युवाओं के जीवन में सीधा प्रभाव डालने वाली योजनाएँ।  1. योजना: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) (युवा वर्ग के लिए सबसे प्रभावी योजना) मुख्य उद्देश्य किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर छात्र की पढ़ाई पैसे की वजह से न रुके। 4 लाख रुपये तक की बिना-गारंटी शिक्षा ऋण सुविधा। कौन लाभ ले सकता है? बिहार का निवासी छात्र। 12वीं पास। उच्च शिक्षा (Graduation / Professional Courses) कर रहा हो। लाभ 4 लाख तक का लोन सिर्फ 1% ब्याज पढ़ाई पूरी होने के बाद ही EMI कई कोर्सेज 0% ब्याज पर भी उपलब्ध एक्शन स्टेप वेबसाइट पर जाएँ → 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in ऑनलाइन आवेदन, डॉक्यूमेंट अपलोड जिला स्तर पर वेरिफिकेशन → बैंक से स्वीकृति  2. योजना: मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना 2025 उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को छोटा व्यवस...

राजस्थान में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं: आसान प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज़

अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हुआ आसान!  राजस्थान में जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं? जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र न केवल दस्तावेज हैं, बल्कि ये व्यक्ति की पहचान, अस्तित्व और अधिकारों का प्रमाण होते हैं। अगर आप राजस्थान में रहते हैं और सोच रहे हैं कि यह सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं – तो यह गाइड आपके लिए है।  भाग 1: जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)  क्यों ज़रूरी है जन्म प्रमाण पत्र? स्कूल में एडमिशन के लिए आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भविष्य में पहचान पत्र बनवाने के लिए  कब बनवाएं? बच्चे के जन्म के 21 दिन के भीतर आवेदन करना सबसे बेहतर होता है। देर से आवेदन पर अफिडेविट और मजिस्ट्रेट अप्रूवल की ज़रूरत हो सकती है।  जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़: बच्चे का नाम (अगर रखा गया हो) माता-पिता की पहचान (Aadhaar, वोटर ID) अस्पताल से मिला जन्म प्रमाण पत्र (यदि हॉस्पिटल में जन्म हुआ) निवास प्रमाण पत्र (Electricity Bill, Ration Card आदि) ...