Skip to main content

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक कोचिंग सहायता योजना 2025 – CG

छत्तीसगढ़ के छोटे स्कूली बच्चे नीले और हरे रंग की वर्दी में बैठे हुए हैं। वे एक कक्षा में नीले रंग की दीवार के सामने व्यवस्थित रूप से बैठे हैं।

 योजना का नाम और उद्देश्य

  • नाम : मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना

  • उद्देश्य : निर्माण श्रमिकों के परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता देना

  • लक्ष्य : आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे भी सरकारी, बैंक, रेलवे, पुलिस आदि परीक्षाओं में हिस्सा लें


 पात्रता (Eligibility)

नीचे की सभी शर्तें लागू होती हैं:

  • माता/पिता (या अभिभावक) निर्माण श्रमिक हों एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल में पंजीकृत हों। 

  • पंजीकरण कम से कम 1 वर्ष से सक्रिय होना चाहिए। 

  • केवल पहले दो बच्चों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।

  • कोचिंग उन परीक्षाओं के लिए दी जाएगी, जिनकी तैयारी की पात्रता हो (उच्च माध्यमिक, स्नातक, प्रतियोगी परीक्षाएँ आदि)।

  • जिन श्रमिकों का देहांत हो गया हो या विकलांग हों (निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से सम्बद्ध) — उनके बच्चों को भी कुछ मामलों में आवेदन की अनुमति है।


 कोचिंग का दायरा और अवधि

  • कोचिंग अवधि: 4 से 10 महीने तक (परीक्षा की आवश्यकता और स्तर पर निर्भर) 

  • शामिल परीक्षाएँ:
      • राज्य लोक सेवा आयोग (PSC)
      • छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam)
      • SSC / बैंक अधिकारी परीक्षाएँ
      • रेलवे, पुलिस, अन्य रिक्रूटमेंट परीक्षाएँ 

  • कोचिंग प्रारूप: ऑनलाइन + ऑफलाइन दोनों — विशेष रूप से उन छात्रों को सुविधा देने के लिए जो दूरदराज़ इलाकों में रहते हैं 

  • प्रारंभ में 10 जिलों में कोचिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं (जैसे Raipur, Bilaspur, Durg आदि) 


 आवश्यक दस्तावेज़

नीचे दस्तावेज़ों की सूची है, जिन्हें आवेदन के समय देना होगा:

  • श्रमिक पंजीकरण प्रमाण पत्र (मंडल पंजीकरण)

  • आधार कार्ड (बच्चा एवं अभिभावक)

  • जन्म प्रमाण पत्र / स्कूल रिकॉर्ड

  • पिछली शिक्षा / अंक सूची (यदि हो)

  • मृत/विकलांग श्रमिकों के मामले में मृत्यु / विकलांगता प्रमाण पत्र

  • स्वघोषणा पत्र (आय, सदस्यता अवधि आदि)


 आवेदन प्रक्रिया – स्टेप बाय स्टेप

  1. पंजीकरण जाँच करें — निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल में पंजीकरण सत्यापित करें

  2. ऑनलाइन आवेदन — श्रम विभाग / निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की वेबसाइट पर आवेदन फॉर्म भरें 

  3. दस्तावेज़ अपलोड करें — उपरोक्त प्रमाण पत्रों की स्कैन कॉपी जमा करें

  4. चयन प्रक्रिया — आवेदन सत्यापन, योग्यता जाँच

  5. कोचिंग केंद्र आवंटन — नज़दीकी या उपयुक्त केंद्र चुनें (ऑनलाइन / ऑफलाइन)

  6. कोचिंग शुरू — निर्धारित अवधि तक कोचिंग प्राप्त करें

  7. प्रदर्शन जांच — परीक्षाओं के परिणाम एवं समीक्षा प्रक्रिया


 समयरेखा (Timeline)

  • आवेदन खुले रहने की अवधि: वार्षिक या अधिसूचित अवधि में

  • आवेदन जमा → सत्यापन → कोचिंग आरंभ — यह पूरी प्रक्रिया आमतः 1–2 महीने में पूरी होती है

  • कोचिंग अवधि: 4–10 महीने (जिला, विषय, परीक्षा स्तर पर निर्भर)


 लाभ और प्रभाव

  • आर्थिक बोझ कम — कोचिंग शुल्क न देना पड़ेगा

  • बराबरी का अवसर — पिछड़े पृष्ठभूमि के छात्र बेहतर तैयारी कर सकेंगे

  • भविष्य की संभावनाएँ बढ़ेंगी — सरकारी नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर

  • सकारात्मक उदाहरण — अन्य बच्चों को प्रेरणा


 सफलता की शुरुआत (कुछ उदाहरण)

  • योजना की शुरुआत के बाद Raipur, Durg, Bilaspur में पहले बैच शुरू हो चुके हैं, प्रत्येक में लगभग 50 छात्रों को शामिल किया गया है। 

  • छात्रों ने उत्साहपूर्वक आवेदन किया है, और राज्य सरकार इसे विस्तार देने की योजना बना रही है। 


 सावधानियाँ एवं महत्वपूर्ण निहित बातें

  • आवेदन करने से पूर्व दस्तावेज़ पूरी तरह भरी होनी चाहिए

  • यदि कोचिंग केंद्र बहुत दूर हो, ऑनलाइन विकल्प चुनना बेहतर

  • कोचिंग बीच में छोड़ने पर लाभ हटाया जा सकता है

  • आवेदन की अंतिम तारीख एवं निर्देशों को समय-समय पर जांचें

  • योजना संबंधी सूचना ब्लॉक-स्तर अधिकारी, श्रम कार्यालय, मंडल कार्यालय से लें


 कार्यान्वयन — एक्शन प्लान

क्रम क्रिया ज़िम्मेदार समयसीमा
1 जिला स्तर पर सूची तैयार करना — कितने बच्चे आवेदन करेंगे जिला अधिकारी + मंडल 1 सप्ताह
2 आवेदन जागरूकता अभियान (पर्चे, मीटिंग, गांव स्तर) ग्राम समन्वयक 1–2 सप्ताह
3 आवेदन शिविर / मोबाइल पोंच केंद्र लगाना श्रम विभाग अधिकारी 2 सप्ताह
4 आवेदन संग्रह व दस्तावेज़ सत्यापन लाभार्थी + कार्यालय टीम निरंतर
5 केंद्रों में बैच गठन एवं कोचिंग शुरुआत मंडल + केंद्र प्रबंधन 1 माह के भीतर
6 समीक्षा और मूल्यांकन (मासिक / त्रैमासिक) प्रभागीय निरीक्षक कोचिंग अवधि के दौरान
7 परीक्षा परिणाम व फीडबैक संकलन विभागीय टीम कोचिंग समाप्ति के बाद

✅ निष्कर्ष

  • यह योजना शिक्षा में समता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • निर्माण श्रमिकों के बच्चों के सपने को पंख देने में सहायक है।

  • उचित कार्यान्वयन और जागरूकता से अधिकतम लाभार्थियों तक पहुँचा जा सकता है।

  • Progress India इस योजना को जनसामान्य तक पहुंचाने और समर्थन देने में आपकी मदद कर सकती है।


👉 दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना – छत्तीसगढ़

👉 निर्माण मजदूर कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण योजना

छत्तीसगढ़ की सभी सरकारी योजनाओं की पूरी सूची 2025

FAQ (Frequently Asked Questions)

Q1. मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक कोचिंग सहायता योजना क्या है?
👉 यह छत्तीसगढ़ सरकार की योजना है, जिसमें निर्माण श्रमिकों के बच्चों को सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जाती है।

Q2. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
👉 ऐसे छात्र जिनके माता-पिता छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिक हैं और पंजीकरण कम से कम 1 वर्ष पुराना है।

Q3. किन परीक्षाओं की कोचिंग मिलती है?
👉 राज्य लोक सेवा आयोग (CGPSC), Vyapam, SSC, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस, और अन्य सरकारी परीक्षाएँ।

Q4. कोचिंग कहाँ और कितनी अवधि की होती है?
👉 कोचिंग 4 से 10 महीनों की होती है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से दी जाती है।

Q5. आवेदन कैसे करें?
👉 shramevjayate.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें या नज़दीकी श्रम कार्यालय में संपर्क करें।

Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

बिहार सरकार की योजनाएँ 2025: पूरी अपडेटेड सूची और लाभ

योजनाएँ 2025 बिहार सरकार की योजनाएँ 2025 – आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली सबसे ज़रूरी योजनाएँ 2025 में बिहार सरकार की योजनाएँ सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीनी जरूरतों को देखते हुए बनाई जा रही हैं— ग्रामीण, महिलाएँ, किसान, छात्र, और युवाओं के जीवन में सीधा प्रभाव डालने वाली योजनाएँ।  1. योजना: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) (युवा वर्ग के लिए सबसे प्रभावी योजना) मुख्य उद्देश्य किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर छात्र की पढ़ाई पैसे की वजह से न रुके। 4 लाख रुपये तक की बिना-गारंटी शिक्षा ऋण सुविधा। कौन लाभ ले सकता है? बिहार का निवासी छात्र। 12वीं पास। उच्च शिक्षा (Graduation / Professional Courses) कर रहा हो। लाभ 4 लाख तक का लोन सिर्फ 1% ब्याज पढ़ाई पूरी होने के बाद ही EMI कई कोर्सेज 0% ब्याज पर भी उपलब्ध एक्शन स्टेप वेबसाइट पर जाएँ → 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in ऑनलाइन आवेदन, डॉक्यूमेंट अपलोड जिला स्तर पर वेरिफिकेशन → बैंक से स्वीकृति  2. योजना: मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना 2025 उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को छोटा व्यवस...

राजस्थान में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं: आसान प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज़

अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हुआ आसान!  राजस्थान में जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं? जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र न केवल दस्तावेज हैं, बल्कि ये व्यक्ति की पहचान, अस्तित्व और अधिकारों का प्रमाण होते हैं। अगर आप राजस्थान में रहते हैं और सोच रहे हैं कि यह सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं – तो यह गाइड आपके लिए है।  भाग 1: जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)  क्यों ज़रूरी है जन्म प्रमाण पत्र? स्कूल में एडमिशन के लिए आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भविष्य में पहचान पत्र बनवाने के लिए  कब बनवाएं? बच्चे के जन्म के 21 दिन के भीतर आवेदन करना सबसे बेहतर होता है। देर से आवेदन पर अफिडेविट और मजिस्ट्रेट अप्रूवल की ज़रूरत हो सकती है।  जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़: बच्चे का नाम (अगर रखा गया हो) माता-पिता की पहचान (Aadhaar, वोटर ID) अस्पताल से मिला जन्म प्रमाण पत्र (यदि हॉस्पिटल में जन्म हुआ) निवास प्रमाण पत्र (Electricity Bill, Ration Card आदि) ...