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राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रमोशन योजना (NAPS) जानकारी

एक समूह में युवा प्रशिक्षु, जो असम में राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रमोशन योजना के तहत प्रशिक्षण ले रहे हैं,
NAPS

राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रमोशन योजना (NAPS) – आत्मनिर्भर युवाओं की ओर कदम

युवाओं को प्रशिक्षण और स्टाइपेंड, उद्योगों को स्किल्ड वर्कफोर्स। 

 परिचय

  • भारत सरकार ने युवाओं को रोजगार और कौशल से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रमोशन योजना (NAPS) शुरू की।

  • इसका मुख्य उद्देश्य है – उद्योग और युवाओं के बीच पुल बनाना

  • युवाओं को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अनुभव और स्टाइपेंड की सुविधा मिलती है।

  • वहीं, कंपनियों को प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद।


 योजना के मुख्य उद्देश्य

✔ कौशल आधारित प्रशिक्षण बढ़ाना।
✔ उद्योगों में अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देना।
✔ युवाओं को रोजगार के अवसर देना।
✔ उद्योगों को प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराना।
✔ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान।


 कौन लाभ उठा सकता है? (Eligibility)

  • आयु: 14 वर्ष या उससे अधिक।

  • योग्यता: 5वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक के विद्यार्थी।

  • आईटीआई पास या नॉन-आईटीआई युवा दोनों आवेदन कर सकते हैं।

  • बेरोजगार युवा जो काम सीखना चाहते हैं।


 योजना के तहत लाभ (Benefits)

👉 युवाओं के लिए

  • वास्तविक उद्योगों में प्रशिक्षण।

  • स्किल्स + अनुभव + रोजगार अवसर।

  • सरकार से स्टाइपेंड की आर्थिक मदद।

  • भविष्य में स्थाई नौकरी मिलने की संभावना।

👉 उद्योग/कंपनी के लिए

  • सरकार स्टाइपेंड का 25% या अधिकतम ₹1500 प्रति अप्रेंटिस प्रति माह देगी।

  • प्रशिक्षण लागत का हिस्सा सरकार वहन करेगी।

  • कंपनियों को स्किल्ड वर्कफोर्स उपलब्ध होगा।


 योजना के घटक (Components)

  1. अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग को बढ़ावा देना

    • विभिन्न सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षित करना।

  2. स्टाइपेंड की मदद

    • युवाओं को ट्रेनिंग के दौरान आर्थिक सहयोग।

  3. बेसिक ट्रेनिंग कॉस्ट

    • सरकार द्वारा नियोक्ताओं को बेसिक ट्रेनिंग कॉस्ट का भुगतान।


 योजना में शामिल सेक्टर

  • मैन्युफैक्चरिंग

  • सर्विस सेक्टर

  • आईटी और सॉफ्टवेयर

  • कंस्ट्रक्शन

  • इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स

  • हेल्थकेयर

  • ऑटोमोबाइल्स

  • एग्रीकल्चर आधारित उद्योग


 आवेदन प्रक्रिया (Step by Step)

 युवाओं के लिए

  1. NAPS पोर्टल पर जाएं – apprenticeshipindia.gov.in

  2. “Candidate Registration” पर क्लिक करें।

  3. नाम, ईमेल, मोबाइल और आधार से रजिस्ट्रेशन करें।

  4. अपनी शिक्षा और कौशल की जानकारी भरें।

  5. उपलब्ध अवसरों में से अप्रेंटिसशिप चुनें।

 उद्योग/कंपनी के लिए

  1. NAPS पोर्टल पर “Employer Registration” करें।

  2. कंपनी का विवरण और आवश्यक अप्रेंटिस की जानकारी दें।

  3. अप्रेंटिस चुनें और ट्रेनिंग शुरू करें।

  4. सरकार द्वारा स्टाइपेंड सब्सिडी प्राप्त करें।


 योजना क्यों ज़रूरी है? 

  • लाखों युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद भी अनुभव की कमी के कारण नौकरी से वंचित रह जाते हैं।

  • उद्योगों को कुशल श्रमिक नहीं मिलते।

  • NAPS इस खाई को भरता है।

  • यहाँ युवा सिर्फ पढ़ाई नहीं करते बल्कि काम करके सीखते हैं

  • यही अनुभव उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनाता है।


 योजना का असर (Impact)

✔ अब तक लाखों युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ा गया।
✔ हजारों उद्योगों ने NAPS से प्रशिक्षित स्टाफ लिया।
✔ स्किल इंडिया मिशन को सीधी मजबूती।
✔ युवाओं में आत्मविश्वास और रोजगार की संभावना बढ़ी।


 टास्क लिस्ट – अगर आप युवा हैं 

  •  NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।

  •  अपनी शिक्षा और कौशल दर्ज करें।

  •  कंपनियों द्वारा ऑफर की गई अप्रेंटिसशिप देखें।

  •  मनपसंद सेक्टर चुनें और आवेदन करें।

  •  ट्रेनिंग शुरू करें और स्टाइपेंड पाएं।


 टास्क लिस्ट – अगर आप कंपनी हैं 

  •  NAPS पोर्टल पर Employer Registration करें।

  •  अप्रेंटिसशिप के लिए रिक्तियां डालें।

  •  योग्य उम्मीदवारों को अप्रेंटिस के रूप में चुनें।

  •  सरकार से सब्सिडी का लाभ उठाएं।

  •  ट्रेनिंग देकर भविष्य के लिए स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करें।


 योजना से जुड़े सवाल (FAQ Style)

❓ क्या NAPS सिर्फ ITI पास छात्रों के लिए है?
👉 नहीं, 5वीं पास से लेकर ग्रेजुएट तक कोई भी आवेदन कर सकता है।

❓ क्या सभी सेक्टर इसमें शामिल हैं?
👉 हां, मैन्युफैक्चरिंग से लेकर आईटी और सर्विस सेक्टर तक लगभग सभी।

❓ अप्रेंटिसशिप कितने समय की होती है?
👉 6 महीने से 36 महीने तक।

❓ स्टाइपेंड कौन देता है?
👉 नियोक्ता (कंपनी) देती है, लेकिन सरकार उसका हिस्सा सब्सिडी के रूप में देती है।

❓ क्या ट्रेनिंग के बाद नौकरी पक्की होती है?
👉 यह कंपनी की जरूरत और उम्मीदवार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।


 निष्कर्ष

  • राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रमोशन योजना (NAPS) युवाओं और उद्योग दोनों के लिए फायदेमंद है।

  • यह युवाओं को काम का अनुभव + स्टाइपेंड देता है।

  • कंपनियों को स्किल्ड वर्कफोर्स मिलती है।

  • आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

👉 अगर आप युवा हैं तो तुरंत NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।
👉 अगर आप कंपनी हैं तो इस योजना का लाभ उठाकर प्रशिक्षित कर्मचारी तैयार करें।


 "कौशल भारत मिशन की जानकारी पढ़ें"

"मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के लाभ जानें"

"स्वामी विवेकानंद असम युवा सशक्तिकरण योजना देखें"

FAQ (5 सवाल-जवाब)

Q1. NAPS क्या है?
👉 राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रमोशन योजना युवाओं को उद्योग में प्रशिक्षण और स्टाइपेंड देने की योजना है।

Q2. इस योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
👉 5वीं पास से लेकर ग्रेजुएट और ITI पास सभी युवा आवेदन कर सकते हैं।

Q3. योजना का लाभ उद्योगों को कैसे मिलता है?
👉 सरकार उद्योगों को स्टाइपेंड का 25% (अधिकतम ₹1500) और प्रशिक्षण लागत की मदद देती है।

Q4. अप्रेंटिसशिप की अवधि कितनी होती है?
👉 यह 6 महीने से लेकर 36 महीने तक हो सकती है।

Q5. आवेदन कहाँ करें?
👉 apprenticeshipindia.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें।

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