Skip to main content

भारत में चार नए श्रम कानून लागू: वेतन, PF, छुट्टी में बदलाव

औद्योगिक मजदूर सुरक्षा हेलमेट, चश्मा और रिफ्लेक्टिव जैकेट पहने हुए फैक्ट्री के अंदर गंभीर भाव से कैमरे की ओर देख रहा है।
चार नए श्रम कानून 

चार नए श्रम कानून लागू हुए – जानिए आपकी नौकरी, वेतन और छुट्टियों पर क्या असर पड़ेगा?


परिचय – यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में लंबे समय से श्रम कानून जटिल, पुराने और विभागों में बंटे हुए थे।
मजदूर, कर्मचारी और कंपनियां – सभी को नियम समझने में दिक्कत आती थी।

इसलिए सरकार ने करीब 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर 4 बड़े कोड (Labour Codes) तैयार किए।
अब देशभर में चार नए श्रम कानून लागू हो चुके हैं, जिनका सीधा असर हर व्यक्ति पर पड़ेगा जो किसी कंपनी, कारखाने, दुकान, संस्था या संगठन में काम करता है।

चारों कोड हैं:

  1. वेतन संहिता (Code on Wages)

  2. औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code)

  3. सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code)

  4. व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परिस्थिति संहिता (OSH Code)

आइए इन्हें सबसे सरल बिंदुओं में समझते हैं ताकि हर कर्मचारी को यह पूरी तरह समझ में आए।


1) वेतन संहिता (Code on Wages, 2019)

इसका असर आपके वेतन, ओवरटाइम, पेरोल और न्यूनतम मजदूरी पर पड़ता है।

मुख्य बिंदु

  • Basic Salary कम से कम 50% होना अनिवार्य
    यानी बेसिक और अलाउंस मिलाकर 50% से कम नहीं हो सकता।

  • इससे आपका PF, Gratuity और अन्य लाभ स्वतः बढ़ेंगे

  • ओवरटाइम पेमेंट अब और सख्ती से लागू।

  • सभी सेक्टर — सरकारी, निजी, कॉन्ट्रैक्ट — एक समान न्यूनतम मजदूरी के दायरे में आएंगे।

आप पर इसका सीधा असर

  • Take-Home Salary (हाथ में मिलने वाला वेतन) थोड़ा कम हो सकता है

  • लेकिन PF → बढ़ेगा,

  • Gratuity → बढ़ेगी,

  • लंबी अवधि में आपकी बचत सुरक्षित होगी


2) औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code, 2020)

इसका असर कंपनियों, फैक्ट्रियों और कर्मचारियों के रिश्तों पर पड़ता है।

मुख्य बिंदु

  • कंपनियों को अपने कर्मचारियों को Lay-off / Retrenchment / Closure करने से पहले नए नियम मानने होंगे।

  • 300 कर्मचारियों तक की कंपनियां बिना सरकारी अनुमति अपने स्टाफ स्ट्रक्चर में बदलाव कर सकती हैं (पहले यह सीमा 100 थी)।

  • यूनियन बनाने के नियम सरल किए गए।

  • स्ट्राइक/हड़ताल के लिए 14 दिन पूर्व नोटिस अनिवार्य।

सीधा असर

  • उद्योगों में स्थिरता बढ़ेगी

  • विवाद कम होंगे

  • कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे

  • कंपनियों के लिए संचालन आसान होगा


3) सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code, 2020)

यह कामगारों को सोशल सिक्योरिटी और कल्याणकारी सुविधाएं देता है।

मुख्य बिंदु

  • PF, ESI, मातृत्व लाभ, ग्रेच्युटी – सभी को एक कोड में शामिल किया गया।

  • गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जैसे Swiggy, Zomato, Ola, Uber) भी सोशल सिक्योरिटी दायरे में आएंगे।

  • कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा कवच और फायदें।

  • Maternity Leave और Benefit's संरचना और मजबूत।

  • कामगारों को कवर करने की सीमा बढ़ाई गई

आप पर असर

  • सोशल सिक्योरिटी मजबूत होगी

  • बीमारी, दुर्घटना, गर्भावस्था और बुढ़ापे में सुरक्षा

  • PF + Gratuity का कवरेज बढ़ेगा

  • अनियमित/दैनिक मजदूरी वाले भी लाभ पा सकेंगे


4) व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परीस्थिति संहिता (OSH Code, 2020)

यह कर्मचारियों के सुरक्षित कार्य-परिस्थिति से जुड़ा कानून है।

मुख्य बिंदु

  • कार्यस्थल में सुरक्षा मानक आधुनिक बनाए गए

  • महिलाओं को हर शिफ्ट में काम करने की अनुमति,
    लेकिन सुरक्षा उपाय अनिवार्य होंगे

  • कार्य के घंटे, छुट्टियां, सुविधा, स्वच्छता, वेंटिलेशन पर विशेष जोर

  • फैक्टरियों, खदानों, डॉकयार्ड्स में सुरक्षा नियम कड़े

सीधा असर

  • सुरक्षित कार्य वातावरण

  • दुर्घटनाओं में कमी

  • महिलाओं के लिए ज्यादा अवसर

  • कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर


अब सबसे महत्वपूर्ण – आपकी नौकरी और पैसों पर क्या असर पड़ेगा?

✔ 1. Basic Salary 50% पर फिक्स

PF और Gratuity बढ़ेगी → Long-term में फायदेमंद
Take-home salary थोड़ा कम हो सकता है।

✔ 2. EPF और ESI का कवरेज बढ़ेगा

पहले सिर्फ बड़ी कंपनियों में होता था, अब छोटे संस्थानों के कर्मचारी भी लाभ उठाएंगे।

✔ 3. महिलाओं को अधिक अधिकार

हर शिफ्ट में काम करने का अवसर
सुरक्षित वातावरण की गारंटी

✔ 4. काम के घंटे री-अरेंज हो सकते हैं

ज्यादातर राज्यों में 12 घंटे के शिफ्ट की अनुमति
लेकिन कुल हफ्ते के घंटे लिमिटेड रहेंगे (48 घंटे)

✔ 5. ओवरटाइम का भुगतान पक्का

डबल वेतन नियम सख्ती से लागू होगा।


 एक्शन-प्लान: कर्मचारी अभी क्या करें?

Step 1 – अपना Appointment Letter + Salary Breakup देखें

  • Basic Salary 50% है या नहीं

  • Allowances कैटेगरी चेक करें

Step 2 – PF योगदान की जानकारी लें

  • अपने UAN में लॉगिन करें

  • PF employer share और employee share देखें

Step 3 – HR/Employer से अपडेट लें

  • नई Salary Structure कब लागू होगी?

  • नई Working Hours Policy

  • ओवरटाइम के नियम

Step 4 – अपनी Social Security Check करें

  • ESI कार्ड

  • PF स्टेटमेंट

  • Gratuity पात्रता

  • Accident / Health coverage

Step 5 – महिलाओं के लिए विशेष जांच

  • रात की शिफ्ट में सुरक्षा व्यवस्था

  • Transport

  • CCTV, सुरक्षा गार्ड

  • Internal Support टीम


 – वास्तविक अनुभव (Case Studies)

केस 1 – सीमा शर्मा (Call Center)

“नई पॉलिसी के बाद हमारी Basic Salary बढ़ी और PF भी अब ज्यादा कट रहा है। पहले खलता था कि हाथ में कम आ रहा है, लेकिन PF में ज्यादा पैसे देखकर अच्छा लगता है। सुरक्षित महसूस करती हूँ।”

केस 2 – विपिन यादव (Factory Worker)

“ओवरटाइम की असली पेमेंट अब मिलती है। पहले सिर्फ काम करवाते थे, पैसे कम देते थे। अब नियम सख्त हैं।”

केस 3 – रिया सिंह (IT Sector)

“Flexible hours और security compliance ने हमें रात की शिफ्ट में भी काम का भरोसा दिया है। Women-friendly workplace बन रहा है।”


चार नए श्रम कानून – फायदे एक नजर में (Quick Benefits)

✔ अधिक PF → सुरक्षित भविष्य
✔ अधिक Gratuity → लंबे समय का लाभ
✔ सभी कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी
✔ महिलाओं के लिए बेहतर अवसर
✔ कार्यस्थल पर सुरक्षा और हेल्थ सुविधाएं
✔ ओवरटाइम की गारंटी
✔ नौकरी की पारदर्शिता
✔ उद्योगों में स्थिरता


Challenges (चुनौतियां)

  • Take-home salary थोड़ा कम होना

  • कंपनियों को सिस्टम अपडेट में लागत

  • छोटे व्यवसायों पर अनुपालन का दबाव

  • नए बदलाव समझने में समय लगना


EPS योजना 2025 – कर्मचारियों के लिए आजीवन पेंशन और सुरक्षा की गारंटी 


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या चारों श्रम कानून पूरे भारत में लागू हैं?

हाँ, केंद्र ने पास किए हैं, राज्य नियम बनाकर लागू कर रहे हैं।

Q2. क्या इससे मेरी Salary बढ़ेगी या घटेगी?

Basic Salary बढ़ेगी → PF बढ़ेगा
Take-home Salary थोड़ी कम हो सकती है।

Q3. क्या 12 घंटे की शिफ्ट अनिवार्य है?

नहीं, यह विकल्प है। कुल घंटे 48 प्रति सप्ताह ही रहेंगे।

Q4. क्या ओवरटाइम का पैसा अब जरूर मिलेगा?

हाँ, डबल रेट पर मिलेगा।

Q5. क्या महिलाओं को रात में काम करने की अनुमति है?

हाँ, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होने पर ही।

Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

बिहार सरकार की योजनाएँ 2025: पूरी अपडेटेड सूची और लाभ

योजनाएँ 2025 बिहार सरकार की योजनाएँ 2025 – आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली सबसे ज़रूरी योजनाएँ 2025 में बिहार सरकार की योजनाएँ सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीनी जरूरतों को देखते हुए बनाई जा रही हैं— ग्रामीण, महिलाएँ, किसान, छात्र, और युवाओं के जीवन में सीधा प्रभाव डालने वाली योजनाएँ।  1. योजना: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) (युवा वर्ग के लिए सबसे प्रभावी योजना) मुख्य उद्देश्य किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर छात्र की पढ़ाई पैसे की वजह से न रुके। 4 लाख रुपये तक की बिना-गारंटी शिक्षा ऋण सुविधा। कौन लाभ ले सकता है? बिहार का निवासी छात्र। 12वीं पास। उच्च शिक्षा (Graduation / Professional Courses) कर रहा हो। लाभ 4 लाख तक का लोन सिर्फ 1% ब्याज पढ़ाई पूरी होने के बाद ही EMI कई कोर्सेज 0% ब्याज पर भी उपलब्ध एक्शन स्टेप वेबसाइट पर जाएँ → 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in ऑनलाइन आवेदन, डॉक्यूमेंट अपलोड जिला स्तर पर वेरिफिकेशन → बैंक से स्वीकृति  2. योजना: मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना 2025 उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को छोटा व्यवस...

राजस्थान में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं: आसान प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज़

अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हुआ आसान!  राजस्थान में जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं? जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र न केवल दस्तावेज हैं, बल्कि ये व्यक्ति की पहचान, अस्तित्व और अधिकारों का प्रमाण होते हैं। अगर आप राजस्थान में रहते हैं और सोच रहे हैं कि यह सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं – तो यह गाइड आपके लिए है।  भाग 1: जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)  क्यों ज़रूरी है जन्म प्रमाण पत्र? स्कूल में एडमिशन के लिए आधार कार्ड और पासपोर्ट बनवाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भविष्य में पहचान पत्र बनवाने के लिए  कब बनवाएं? बच्चे के जन्म के 21 दिन के भीतर आवेदन करना सबसे बेहतर होता है। देर से आवेदन पर अफिडेविट और मजिस्ट्रेट अप्रूवल की ज़रूरत हो सकती है।  जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़: बच्चे का नाम (अगर रखा गया हो) माता-पिता की पहचान (Aadhaar, वोटर ID) अस्पताल से मिला जन्म प्रमाण पत्र (यदि हॉस्पिटल में जन्म हुआ) निवास प्रमाण पत्र (Electricity Bill, Ration Card आदि) ...