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म्यूटेशन / क्लेम से जुड़ी शिकायतें कैसे दर्ज करें? | बिहार में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया | Progress India

एक व्यावसायिक कार्यालय का दृश्य जिसमें एक व्यक्ति कंप्यूटर पर काम कर रहा है, पृष्ठभूमि में अन्य कर्मचारी बैठक में बैठे हैं, आधुनिक कार्यालय सेटिंग के साथ खिड़कियां और पौधे।
mutation complaint process

म्यूटेशन / क्लेम से जुड़ी शिकायतें कैसे दर्ज करें?

(Progress India – आसान गाइड)


 म्यूटेशन (Mutation) क्या है?

  • म्यूटेशन का मतलब है ज़मीन का मालिकाना हक़ बदलने की सरकारी प्रक्रिया।

  • जब कोई ज़मीन खरीदी-बेची जाती है या विरासत में मिलती है, तब भूमि रिकॉर्ड (खतियान, जमाबंदी) में नाम बदलना ज़रूरी होता है।

  • यही नाम बदलने की प्रक्रिया "म्यूटेशन" कहलाती है।


 कब म्यूटेशन कराना ज़रूरी है?

  • जमीन खरीदने-बेचने के बाद

  • पैतृक संपत्ति में बंटवारे के बाद

  • विरासत (वंशावली / वारिसाना) के आधार पर

  • दान, वसीयत या ट्रांसफर डीड के बाद


 म्यूटेशन से जुड़े आम विवाद

  1. अधिकारियों द्वारा नाम दर्ज करने में लापरवाही

  2. गलत नाम / पिता का नाम / वंशावली दर्ज होना

  3. विरोधी पक्ष द्वारा झूठे दस्तावेज़ लगाना

  4. पहले से ही दूसरे व्यक्ति का नाम चढ़ा होना

  5. रिश्वत या देरी से जुड़ी दिक़्क़तें


 शिकायत दर्ज करने की ज़रूरत कब पड़ती है?

  • जब आपका म्यूटेशन आवेदन महीनों तक पेंडिंग रहे

  • जब गलत नाम, गलत रकबा या गलत खाता संख्या दर्ज हो जाए

  • जब पटवारी / अंचल कार्यालय आवेदन स्वीकार न करे

  • जब किसी तीसरे व्यक्ति ने आपत्ति (Claim) कर दी हो

  • जब आदेश आने के बाद भी ज़मीन रिकॉर्ड अपडेट न हो


 शिकायत दर्ज करने के विकल्प

👉 शिकायत दर्ज करने के कई रास्ते हैं।

  1. ऑनलाइन पोर्टल से शिकायत

    • राज्य सरकार की भूमि राजस्व पोर्टल पर जाकर

    • म्यूटेशन एप्लिकेशन नंबर डालकर शिकायत करें

    • शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकता है

  2. राजस्व कार्यालय (ऑफलाइन शिकायत)

    • संबंधित अंचल कार्यालय / सर्कल ऑफिस में लिखित आवेदन दें

    • आवेदन में—नाम, खाता संख्या, प्लॉट नंबर और समस्या साफ लिखें

  3. जन शिकायत पोर्टल (Lok Samadhan / Jansunwai)

    • राज्य सरकार का नागरिक शिकायत पोर्टल

    • यहाँ शिकायत सीधे उच्चाधिकारियों तक पहुँचती है

  4. आरटीआई (RTI) आवेदन

    • अगर आपका म्यूटेशन लंबित है, तो RTI के तहत सूचना माँग सकते हैं

    • RTI के ज़रिए देरी का कारण और जिम्मेदार अधिकारी की जानकारी मिलती है

  5. अपील (Appeal) दाखिल करना

    • अगर निचले स्तर के अधिकारी ने गलत आदेश दिया है

    • तो SDM, ADM या सिविल कोर्ट में अपील की जा सकती है


 शिकायत दर्ज करने का आसान एक्शन प्लान

✔️ Step 1 – सभी दस्तावेज़ इकट्ठा करें

  • बिक्री पत्र (Sale Deed) / वारिसाना प्रमाण पत्र

  • खतियान / खाता / जमाबंदी की कॉपी

  • आवेदन पर्ची (Mutation Application Receipt)

  • आधार कार्ड / पहचान पत्र

✔️ Step 2 – समस्या लिखें

  • जैसे: “मेरे नाम के स्थान पर गलत नाम चढ़ा दिया गया है”

  • या “6 महीने से म्यूटेशन पेंडिंग है, कोई सुनवाई नहीं हो रही”

✔️ Step 3 – सही मंच चुनें

  • छोटा विवाद = अंचल कार्यालय

  • गंभीर मामला = जिला कार्यालय / अपीलीय प्राधिकारी

  • भ्रष्टाचार / रिश्वत = लोक शिकायत पोर्टल / विजिलेंस

✔️ Step 4 – आवेदन दर्ज करें

  • लिखित या ऑनलाइन शिकायत करें

  • एक रसीद / रजिस्ट्रेशन नंबर ज़रूर लें

✔️ Step 5 – ट्रैक करें

  • ऑनलाइन पोर्टल से स्टेटस देखें

  • अगर समय पर कार्रवाई न हो, तो RTI या अपील करें

✔️ Step 6 – कानूनी उपाय अपनाएँ

  • अगर सभी स्तर पर न्याय न मिले, तो सिविल कोर्ट का सहारा लें


 शिकायत दर्ज करते समय ध्यान देने वाली बातें

  • आवेदन में स्पष्ट भाषा का उपयोग करें

  • हमेशा प्रमाणिक दस्तावेज़ों की कॉपी लगाएँ

  • आवेदन की रसीद या शिकायत नंबर सुरक्षित रखें

  • समय पर फॉलो-अप करें

  • अफवाहों या झूठे दस्तावेज़ों से बचें


 म्यूटेशन शिकायत के लाभ

  • गलत रिकॉर्ड सुधार जाता है

  • असली मालिकाना हक साबित होता है

  • भविष्य के विवादों से बचाव होता है

  • कोर्ट में भी यह मजबूत सबूत माना जाता है


 अगर शिकायत का समाधान न हो तो क्या करें?

  • अपीलीय अधिकारी के पास अपील करें

  • राज्य राजस्व परिषद (Revenue Board) तक जाएँ

  • अंत में सिविल कोर्ट में केस दर्ज करें


 संक्षेप में (Quick Recap)

 म्यूटेशन ज़मीन के मालिकाना हक की पहचान है।
 इसमें गड़बड़ी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करनी चाहिए।
 शिकायत के विकल्प:

 सही दस्तावेज़ और सही मंच चुनना सबसे अहम है।  और पढ़ें


✅ यह पूरा गाइड आपको स्टेप-बाय-स्टेप बताता है कि अगर म्यूटेशन / क्लेम से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो आप क्या करें और कहाँ शिकायत दर्ज करें।  #ProgressIndia


FAQ (Unique & Human Touch)

Q1. म्यूटेशन क्या है और इसकी ज़रूरत क्यों पड़ती है?
👉 म्यूटेशन ज़मीन के मालिकाना हक़ को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया है। खरीद-बिक्री, वारिसाना, या बंटवारे के बाद यह अनिवार्य है।

Q2. अगर म्यूटेशन गलत दर्ज हो जाए तो क्या करें?
👉 तुरंत अंचल कार्यालय में लिखित शिकायत दें या ऑनलाइन पोर्टल से शिकायत दर्ज करें। प्रमाणिक दस्तावेज़ ज़रूर लगाएँ।

Q3. म्यूटेशन से जुड़ी शिकायत ऑनलाइन कैसे दर्ज करें?
👉 राज्य सरकार की भूमि राजस्व पोर्टल पर जाएँ, आवेदन नंबर डालें और शिकायत दर्ज करें। स्टेटस भी वहीं से ट्रैक कर सकते हैं।

Q4. अगर अधिकारी कार्रवाई न करें तो कहाँ जाएँ?
👉 पहले SDM/ADM के पास अपील करें। समाधान न होने पर राजस्व परिषद या सिविल कोर्ट का सहारा लें।

Q5. क्या RTI से म्यूटेशन शिकायत में मदद मिलती है?
👉 हाँ, RTI से आप आवेदन की स्थिति और देरी का कारण जान सकते हैं, जिससे अधिकारी कार्रवाई करने पर मजबूर होते हैं।

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