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UP Mahila Samarthya योजना: आत्मनिर्भर महिलाओं की पहचान

 

छवि में एक महिला ग्रामीण पृष्ठभूमि में योजना की जानकारी वाला एक पोस्टर पकड़े हुए दिखाई देती है।


महिला समृद्धि योजना (Mahila Samriddhi Yojana) 

एक केंद्रीय सरकारी पहल है, जिसे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC) के तहत संचालित किया गया है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, विशेष रूप से BPL/SC/ST/Socially backward वर्गों की महिला उद्यमियों को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की राह देना है।👇

प्रमुख उद्देश्य

  • महिला उद्यमियों को माइक्रोफाइनेंस व सूक्ष्म ऋण उपलब्ध कराना।

  • उन्हें स्वरोजगार व उद्यम की दिशा में प्रेरित करना।

  • महिलाओं को वित्तीय सुदृढीकरण एवं सामाजिक सम्मान प्रदान करना। 


 कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

  • परियोजना कुल लागत में 90% तक ऋण (अधिकतम ₹1,40,000 तक)।

  • एकल महिला उद्यमी के लिए टार्गेट राशि ₹125,000 

  • ब्याज दर अर्थसहायक—ऋणदाता (NBCFDC) से 2%, जिसे लाभार्थी से ~6% पर वसूला जाता है 

  • ऋण पुनर्भुगतान: अधिकतम 3–3.5 वर्ष, ग्रेस पीरियड सहित 


✅ पात्रता मानदंड

  • महिला लाभार्थी, आयु 18–55 वर्ष (कुछ स्रोतों में 55 तक) 

  • परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम 

  • SC/ST/OBC/BPL या अन्य कमजोर वर्गों से होनी चाहिए

  • स्व-सहायता समूह (SHG) में सदस्य होना लाभकारी—कम से कम 60% सदस्य पिछड़े वर्ग से हों, अधिकतम 20 सदस्य 

  • सरकारी नौकरी/कर्मचारी नहीं होना चाहिए। कुछ राज्यों में 4‑पहिया वाहन रखने पर अयोग्यता


 आवश्यक दस्तावेज

  • पहचान/निवास प्रमाण—आधार, वोटर ID, राशन कार्ड

  • आय प्रमाण पत्र

  • SHG सदस्यता प्रमाण

  • बैंक खाता विवरण

  • जाति प्रमाण (यदि लागू), पासपोर्ट फोटो 


 आवेदन प्रक्रिया

  1. जुड़ी चैनल पार्टनर एजेंसियों, SHG, या NBCFDC से संपर्क करें

  2. ऑफ़लाइन/ऑनलाइन फॉर्म भरें, दस्तावेज़ संलग्न करें

  3. अनुमोदन के बाद परियोजना लागत के 90% तक की राशि की स्वीकृति

  4. ₹140,000 तक का ऋण DBT के माध्यम से बैंक खाते में जारी

  5. तीन वर्षों में त्रैमासिक किस्तों में ऋण की अदायगी करें 


 लाभ

  • स्वरोजगार आरंभ करने में सहायता

  • कम ब्याज दर पर वित्तपोषण

  • महिलाओं को स्वावलंबी व सम्मानपूर्ण आर्थिक योगदान की दिशा में प्रेरित करना

  • ग्रामीण/पिछड़े क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा


 उत्तर प्रदेश महिला समृद्धि योजना

महिला समृद्धि योजना एक प्रभावशाली माइक्रोक्रेडिट पहल है, जो कम‑आय वाली महिला उद्यमियों को ₹1–1.4 लाख तक का लाभकारी ऋण प्रदान करती है। यदि आप किसी SHG की सदस्य हैं, या स्वरोजगार शुरू करना चाहती हैं—तो यह योजना आपके लिए एक शानदार अवसर है।

👉 सहायता के लिए हमें ईमेल करें

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 FAQ

Q1. उत्तर प्रदेश महिला समृद्धि योजना क्या है?
यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार व उद्यमिता के अवसर देकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए है।

Q2. इस योजना का लाभ किन महिलाओं को मिलेगा?
उत्तर प्रदेश की ग्रामीण व शहरी महिलाओं को, विशेषकर स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को।

Q3. योजना के अंतर्गत क्या सुविधाएं मिलती हैं?
प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग, लोन, मार्केटिंग सपोर्ट और उद्यम शुरू करने की सुविधा।

Q4. आवेदन कैसे करें?
महिला ग्राम संगठनों, बैंकिंग चैनलों या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

Q5. योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वरोजगार-उन्मुख और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।

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