Skip to main content

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) 2025: पूरी जानकारी

एक किसान अपने खेत में फसलों की सिंचाई करते हुए, जिसमें वह एक नली से पानी डाल रहा है। खेत में हरी-भरी फसलें और पृष्ठभूमि में नीला आकाश और पहाड़ दिखाई दे रहे हैं।
कृषि सिंचाई करते किसान

 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)

✅ 1. पात्रता (Eligibility)

  • आपके पास खुद की कृषि योग्य जमीन होनी चाहिए।

  • किसान से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (SHG), ट्रस्ट, सहकारी समिति, पैदावार समूह, या लीज / कॉन्ट्रैक्ट (कम से कम 7 वर्ष) की सदस्यता भी मान्य है।


 2. आवश्यक दस्तावेज़ (Documents)

  • Aadhaar CARD

  • मकान/पता प्रमाण (ration card आदि)

  • जमीन के कागजात (खतौनी/खसरा/जमाबंदी की नकल)

  • बैंक पासबुक (IFSC सहित)

  • पासपोर्ट साइज फोटो

  • मोबाइल नंबर


 3. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step)

  1. PMKSY की आधिकारिक वेबसाइट (pmksy.gov.in) पर जाएँ।

  2. वेबसाइट पर आपका राज्य का कृषि विभाग पोर्टल खुलेगा।

  3. Register/Login करें – ईमेल और मोबाइल OTP से सत्यापन करें।

  4. “Apply Online” या “New Application” लिंक पर क्लिक करें।

  5. अपने व्यक्तिगत व भूमि विवरण भरें।

  6. आवश्यक दस्तावेज़ स्कैन कर अपलोड करें।

  7. सबमिट करें और Acknowledgement Slip / Reference Number प्राप्त करें।

  8. आपकी जानकारी ब्लॉक / जिला स्तर पर सत्यापित की जाएगी।

  9. आवेदन स्वीकृत होने पर, आप ड्रिप/स्प्रिंकलर वेंडर चुन सकते हैं

  10. किसान अपनी हिस्सेदारी की राशि RTGS/बैंक ट्रांसफर से या सीधा वेंडर को दे सकता है।

  11. स्वीकृति मिलने पर आपको ~45 दिनों में कार्यादेश (work order) मिलेगा।


 4. सब्सिडी विवरण (Subsidy Details)

  • लघु/सीमांत किसानों को लगभग 55% तक की सब्सिडी

  • अन्य किसान को करीब 45% सब्सिडी

  • उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में केंद्र 90% और राज्य 10% खर्च वहन करती है

  • कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाता


📞 5. सहायता और ट्रैकिंग

Q1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) क्या है?
👉 यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को सिंचाई की आधुनिक तकनीक, जल संरक्षण और ‘हर खेत को पानी’ उपलब्ध कराना है।

Q2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
👉 सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, जल का कुशल उपयोग और कृषि उत्पादकता बढ़ाना।

Q3. इसमें आवेदन कौन कर सकता है?
👉 सभी किसान, विशेषकर छोटे और सीमांत किसान, इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

Q4. आवेदन कैसे करें?
👉 किसान pmksy.gov.in पोर्टल या राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

Q5. किसानों को क्या लाभ मिलता है?
👉 ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर सब्सिडी, पानी की बचत, फसल उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी।

Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

UP Take Home Ration (THR) योजना: बच्चों व माताओं हेतु पोषण

  Take Home Ration (THR)   एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य  गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरी बालिकाएं और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन  प्रदान करना है, ताकि कुपोषण को रोका जा सके। THR का उद्देश्य क्या है? भारत सरकार की "एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)" योजना के अंतर्गत, THR (टेक होम राशन) का मकसद है: बच्चों में कुपोषण की रोकथाम गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण बढ़ाना किशोरी बालिकाओं को पोषण और आयरन देना बाल मृत्यु दर और कम वजन वाले बच्चों की संख्या को कम करना THR में क्या-क्या मिलता है? लाभार्थियों को पैक्ड या तैयार राशन सामग्री घर ले जाने के लिए दी जाती है , जैसे: रेडी-टू-ईट (RTE) मिश्रण गेहूं, चना, सोयाबीन, मूंगफली, घी/तेल, शक्कर आदि से बना एनर्जी फूड कभी-कभी अंडा, दूध पाउडर या आयरन सप्लीमेंट्स भी हर राज्य में THR का फॉर्मूला अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए: लाभार्थी मात्रा और पोषण (प्रतिदिन) 6 माह – 3 वर्ष के बच्चे 500 कैलोरी, 12-15g प्रोटीन गर्भवती / धात्री महिला 600 कैलोरी, 18-20g प्रोटीन...

LPC क्या है? जमीन का स्वामित्व प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं | Progress India

LPC क्या है? | Land Possession Certificate का मतलब, उपयोग और पूरी जानकारी  प्रस्तावना भारत में ज़मीन-जायदाद से जुड़े काम अक्सर मुश्किल और पेचीदा लगते हैं। गांव से लेकर शहर तक, हर कोई कभी न कभी जमीन के कागज, खाता-खेसरा, खतियान या LPC जैसे शब्दों से सामना करता है। बहुत लोग पूछते हैं: 👉 LPC आखिर है क्या? 👉 इसे कहां से और क्यों लिया जाता है? 👉 संपत्ति से जुड़े मामलों में इसकी जरूरत कब पड़ती है? आइए इसे आसान भाषा और एक्शन-प्लान स्टाइल में समझते हैं।  स्टेप 1: LPC की फुल फॉर्म और मतलब समझें LPC = Land Possession Certificate हिंदी में: भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र / भूमि दखल प्रमाण पत्र यह सरकारी दस्तावेज बताता है कि जमीन किसके कब्जे (Possession) में है और किसके नाम पर दर्ज है।  स्टेप 2: LPC का महत्व क्यों है? जमीन के विवाद से बचने के लिए। बैंक से लोन लेने के लिए। जमीन बेचने या खरीदने के समय। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए। Mutation (नामांतरण) और Registry में सपोर्टिंग डाक्यूमेंट के तौर पर। 👉 मतलब साफ है – LPC आपकी जमीन का कानूनी सुर...