Skip to main content

UP का EMC 2.0: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर से 15,000+ नौकरियाँ

उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 का एक आधुनिक दृश्य, जिसमें सफेद वर्दी पहने भारतीय कर्मचारी सर्किट बोर्ड और इलेक्ट्रॉनिक घटकों पर काम करते दिखाई दे रहे हैं। पृष्ठभूमि में लंबी उत्पादन लाइनें, चमकीली लाइटिंग और संगठित विनिर्माण इकाइयाँ हैं, जो राज्य की उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को दर्शाती हैं।
UP का EMC 2.0

 उत्तर प्रदेश में Electronics Manufacturing Cluster 2.0 (EMC 2.0) योजना ने ईएसडीएम (Electronics Systems Design & Manufacturing) क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाया है। आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है, इससे रोजगार कैसे मिलेगा और आप कैसे इससे जुड़ सकते हैं👇

EMC 2.0 की विशेषताएँ

  • फ़ेडरल स्कीम (Modified EMC 2.0) के तहत, राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए world-class infrastructure विकसित किया जा रहा है।

  • इसमें दो मॉडल शामिल हैं:

    1. Greenfield EMC – नई विनिर्माण इकाइयां।

    2. Brownfield EMC/ Common Facility Centers (CFCs) – मौजूदा क्लस्टर्स में सुधार।

  • वित्तीय सहायता:

    • Greenfield में 50% परियोजना लागत तक की मदद (₹50 करोड़ प्रति 100 एकड़ तक)

    • Brownfield में 75% लागत सहायता


 यूपी में EMC 2.0 का क्रांतिकारी विकास

  • बदला निर्माण ढांचा: Greater Noida (YEIDA द्वारा) में 200 एकड़ में EMC विकसित की जा रही है।

  • ₹417 करोड़ के निवेश से इसका निर्माण शुरू, जो लगभग 15,000 सीधी नौकरियां पैदा करेगा।

  • इस EMC में plug‑and‑play सुसज्जित फैक्ट्री शेड्स, सीवेज, हॉस्टल, स्वास्थ्य सुविधाएँ, औरskill development सेंटर शामिल होंगे।


 यूपी कैसे बन रहा इलेक्ट्रॉनिक्स हब?

  • यूपी में अब 3 EMC और 14 SEZs मौजूद हैं, जिससे यह मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में 55% हिस्सेदारी रखता है।

  • इतने पैमाने पर निवेश (लगभग ₹21,642 करोड़ पिछले 5 वर्षों में) ने इसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में भी स्थिर आधार दिया है।

  • जीएससी क्लस्टर में Samsung, Vivo, Oppo, Haier, Lava जैसे बड़े नामों की भागीदारी है।


 रोजगार और अवसर

  • अनुमानित 15,000+ सीधी नौकरियां, और साथ ही हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर।

  • युवाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली, टेस्टिंग, R&D, सामग्री प्रबंधन, और सहायक सेवाओं में नौकरियाँ।

  • स्टार्टअप्स और MSMEs को CFCs और Plug‑and‑Play infrastructure के ज़रिए समर्थन।


 आप इसमें कैसे भाग लें?

  1. Invest UP / StartInUP पोर्टल पर अपने व्यवसाय/Startup को पंजीकृत करें।

  2. Land allotment के लिए YEIDA या UPSIDA से संपर्क करें।

  3. परियोजना का डाइजस्ट तैयार करें: fab area, निवेश, संभावित रोजगार आदि।

  4. EMC 2.0 के तहत उपलब्ध इन्वीस्टमेंट स्कीम (Green/Brownfield) के लिए आवेदन करें।

  5. काम शुरू होने पर skill development और plug‑and‑play assets का प्रयोग करें।

  6. रोजगार चाहने वाले युवाओं को CFC या इकाई में शामिल होने का अवसर दें।


 FAQ

Q1. EMC 2.0 क्या है?
EMC 2.0 (Electronic Manufacturing Cluster 2.0) केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों के लिए क्लस्टर विकसित किए जाते हैं।

Q2. यूपी में EMC 2.0 क्यों महत्वपूर्ण है?
यह यूपी को इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने, विदेशी निवेश आकर्षित करने और लाखों युवाओं को रोजगार देने में मदद करता है।

Q3. इस योजना से उद्योगों को क्या लाभ मिलता है?
इंफ्रास्ट्रक्चर, सस्ती जमीन, टैक्स छूट, बिजली-पानी की सुविधा और सप्लाई चेन सपोर्ट।

Q4. कौन-कौन से क्षेत्र EMC 2.0 से लाभान्वित होंगे?
मोबाइल निर्माण, चिप डिजाइन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स।

Q5. इससे स्थानीय युवाओं को कैसे फायदा होगा?
टेक्निकल स्किल्स में ट्रेनिंग, स्टार्टअप अवसर और नए उद्योगों में रोजगार।

UP की Textile & Garmenting Policy 2022: निवेश, रोजगार और वैश्विक कपड़ा केंद्र

Industrial Parks व SEZs से बढ़ता निवेश और रोजगार: उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश की प्रमुख सरकारी योजनाएँ – 2025 तक की सूची

सारांश

पहल फीचर्स
EMC 2.0 Plug‑and‑Play फैक्ट्री, CFCs, लेआउट सपोर्ट
 Greater Noida EMC ₹417 करोड़, 200 एकड़, 15,000 नौकरियां
UP का आंकड़ा 55% मोबाइल निर्माण, 3 EMC, भारी निवेश
रोजगार, निवेश, स्टार्टअप्स/स्टार्टअप इकोसिस्टम


Comments

Popular posts from this blog

UP में दिव्यांगों के लिए UPSRTC निःशुल्क बस यात्रा सुविधा

Free Travel Facility for Persons with Disabilities उत्तर प्रदेश में दिव्यांगों के लिए UPSRTC (राज्य परिवहन निगम) द्वारा निःशुल्क बस यात्रा सुविधा उपलब्ध है। इसे Free Travel Facility for Persons with Disabilities Rules‑2019 के अंतर्गत लागू किया गया है। नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है 👇  कौन लाभ उठा सकता है? कोई भी दिव्यांग (≥40% विकलांगता) 80% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति साथ में एक सहयात्री का भी लाभ उठा सकते हैं   कहाँ से-सब तक यात्रा? UPSRTC की सभी ‘ordinary’ (साधारण) बसों में मुफ्त यात्रा राजधानी, सिटी / ई‑बसों में भी यह सुविधा लागू  सुविधा राज्य-सीमा के अंदर और बाहर दोनों क्षेत्रों में मान्य है ✔️ आवश्यक दस्तावेज मूल disability certificate (Chief Medical Officer/Comp. Medical Officer द्वारा जारी) Aadhaar कार्ड या UDID कार्ड (उपस्थिति अनिवार्य) ( uphwd.gov.in )  नियम और उपयोग कैसे करें? बस स्टाफ को यात्रा आरंभ से पहले दस्तावेज़ दिखाएं रिजिस्ट्रेशन या अग्रिम टिकटिंग अनिवार्य नहीं है; बस में सवार होते समय यह ...

UP Take Home Ration (THR) योजना: बच्चों व माताओं हेतु पोषण

  Take Home Ration (THR)   एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य  गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, किशोरी बालिकाएं और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन  प्रदान करना है, ताकि कुपोषण को रोका जा सके। THR का उद्देश्य क्या है? भारत सरकार की "एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)" योजना के अंतर्गत, THR (टेक होम राशन) का मकसद है: बच्चों में कुपोषण की रोकथाम गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण बढ़ाना किशोरी बालिकाओं को पोषण और आयरन देना बाल मृत्यु दर और कम वजन वाले बच्चों की संख्या को कम करना THR में क्या-क्या मिलता है? लाभार्थियों को पैक्ड या तैयार राशन सामग्री घर ले जाने के लिए दी जाती है , जैसे: रेडी-टू-ईट (RTE) मिश्रण गेहूं, चना, सोयाबीन, मूंगफली, घी/तेल, शक्कर आदि से बना एनर्जी फूड कभी-कभी अंडा, दूध पाउडर या आयरन सप्लीमेंट्स भी हर राज्य में THR का फॉर्मूला अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए: लाभार्थी मात्रा और पोषण (प्रतिदिन) 6 माह – 3 वर्ष के बच्चे 500 कैलोरी, 12-15g प्रोटीन गर्भवती / धात्री महिला 600 कैलोरी, 18-20g प्रोटीन...

बिहार सरकार की योजनाएँ 2025: पूरी अपडेटेड सूची और लाभ

योजनाएँ 2025 बिहार सरकार की योजनाएँ 2025 – आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली सबसे ज़रूरी योजनाएँ 2025 में बिहार सरकार की योजनाएँ सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीनी जरूरतों को देखते हुए बनाई जा रही हैं— ग्रामीण, महिलाएँ, किसान, छात्र, और युवाओं के जीवन में सीधा प्रभाव डालने वाली योजनाएँ।  1. योजना: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (BSCC) (युवा वर्ग के लिए सबसे प्रभावी योजना) मुख्य उद्देश्य किसी भी आर्थिक रूप से कमजोर छात्र की पढ़ाई पैसे की वजह से न रुके। 4 लाख रुपये तक की बिना-गारंटी शिक्षा ऋण सुविधा। कौन लाभ ले सकता है? बिहार का निवासी छात्र। 12वीं पास। उच्च शिक्षा (Graduation / Professional Courses) कर रहा हो। लाभ 4 लाख तक का लोन सिर्फ 1% ब्याज पढ़ाई पूरी होने के बाद ही EMI कई कोर्सेज 0% ब्याज पर भी उपलब्ध एक्शन स्टेप वेबसाइट पर जाएँ → 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in ऑनलाइन आवेदन, डॉक्यूमेंट अपलोड जिला स्तर पर वेरिफिकेशन → बैंक से स्वीकृति  2. योजना: मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना 2025 उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को छोटा व्यवस...