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मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना 2025

एक श्रमिक का कार्टून शैली में चित्र, जो एक कुर्सी पर बैठा है और अपने हाथों से हैंडल पकड़े हुए है। वह सफेद शर्ट और काले पैंट पहने हुए है

 योजना का नाम & उद्देश्य

  • नाम: मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना

  • उद्देश्य: निर्माण श्रमिकों को स्वास्थ्य व आर्थिक सुरक्षा देना जब वे गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती हों

  • लक्ष्य: रोग या दुर्घटना की स्थिति में उच्च चिकित्सा खर्च से राहत देना


 पात्रता (Eligibility)

नीचे दी गई शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

  1. निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकरण होना चाहिए — मांडल (भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल) में

  2. पंजीकरण अवधि: कम से कम 3 वर्ष से निरंतर पंजीकृत होना चाहिए (shramevjayate.cg.gov.in)

  3. लाभ चाहने वाला श्रमिक 18 से 60 वर्ष की आयु के बीच होना चाहिए (ipeg-csp.cgstate.gov.in)

  4. गंभीर बीमारी, अस्पताल भर्ती या दुर्घटना की स्थिति होनी चाहिए — योजना इन्हीं स्थितियों में सहायता देती है (ipeg-csp.cgstate.gov.in)

  5. अन्य योजनाओं या अनुदानों का दुरुपयोग नहीं किया गया हो


 योजना में मिलने वाला लाभ

योजना में निम्न प्रकार की सहायता दी जाती है:

  • चिकित्सा सहायता: गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती की स्थिति में एकमुश्त सहायता राशि — वास्तविक खर्च या ₹ 20,000 तक, जो कम हो वही दी जाएगी 

  • विशेष उपकरण सहायता:
     • दृष्टिबाधितों को चश्मा: ₹ 1,000 
     • कृत्रिम दंत (false teeth): ₹ 5,000 
     • श्रवण यंत्र (hearing aid): ₹ 6,000 

  • अस्पताल भर्ती वेतन प्रतिपूर्ति: यदि अस्पताल में 15 दिन से अधिक भर्ती होना पड़े, तो न्यूनतम वेतन के बराबर 15 दिन का वेतन लौटाया जाएगा 


 आवश्यक दस्तावेज

नीचे का दस्तावेज़ पैकेज आवेदन के समय जमा करना होगा:

  • मंडल में निर्माण श्रमिक पंजीकरण प्रमाण पत्र

  • आधार कार्ड — लाभार्थी का

  • मूल अस्पताल खर्च बिल / चिकित्सा रिपोर्ट

  • अस्पताल भर्ती प्रमाण पत्र / डिस्चार्ज रिपोर्ट

  • यदि आंख, दंत, श्रवण यंत्र आदि उपाय के लिए हो — संबंधित मेडिकल रिपोर्ट

  • बैंक खाता विवरण (IFSC, खाता संख्या)

  • स्वघोषणा पत्र — श्रमिक की आयु, पंजीयन अवधि, योजना का अन्य लाभ न लेना आदि


 आवेदन प्रक्रिया — स्टेप बाय स्टेप

निम्न क्रमबद्ध स्टेप्स को फॉलो करें:

  1. मंडल कार्यालय या श्रम विभाग पोर्टल पर पंजीकरण जाँचें

  2. आवेदन फॉर्म भरें — ऑनलाइन या ऑफलाइन

  3. दस्तावेज़ अपलोड / जमा करें

  4. आवेदन सत्यापन और जांच — मंडल अधिकारी

  5. स्वीकृति मिलने पर राशि जारी की जाएगी

  6. लाभार्थी के खाते में DBT (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर) द्वारा राशि भेजी जाएगी


 समयसीमा और समीक्षा

  • आवेदन अवधि: सामान्यतः वार्षिक अधिसूचना के अनुसार खुलती है

  • आवेदन से लेकर स्वीकृति व राशि हस्तांतरण तक की प्रक्रिया: 1–2 महीने

  • समीक्षा: आवेदन की स्थिति, दस्तावेज़ सत्यापन एवं फॉलोअप

  • यदि आवेदन में त्रुटि हो — सुधार हेतु आपको सूचित किया जाएगा


 प्रभाव और लाभ

इस योजना से निम्न सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं:

  • स्वास्थ्य सुरक्षा: रोग या अस्पताल खर्चों से आर्थिक दबाव कम होगा

  • आत्म सम्मान: सहायता मिलने पर श्रमिक परिवार का भरोसा बढ़ेगा

  • सुरक्षा की भावना: जोखिमों का सामना करने की क्षमता बढ़ेगी

  • समान अवसर: कमजोर वर्ग भी स्वास्थ्य से जुड़े संकटों से बच सकेंगे


 उदाहरण / संकेत

  • हाल की रिपोर्टों में बताया गया कि 2 श्रमिकों को ₹ 40,000 की सहायता प्रदान की गई है।

  • सरकार ने घोषणा की है कि योजना के दायरे को और विकसित किया जाएगा ताकि और अधिक श्रमिक इससे लाभान्वित हों। 


 सावधानियाँ और शर्तें

  • आवेदन करते समय सभी दस्तावेज़ सही और पूर्ण होने चाहिए

  • कोष बंद होने या बजट सीमित होने पर आवेदन को केन्द्र / मंडल द्वारा अस्वीकृत किया जा सकता है

  • योजना का लाभ एक ही बार मिलता है — पुनः लाभ संभव नहीं

  • आवेदन अवधि और निर्देशों को समय-समय पर अपडेट करना ज़रूरी है

  • यदि लाभ स्वीकृति के बाद भी राशि न मिले, तो मंडल / विभाग से शिकायत करें


 कार्यान्वयन — एक्शन प्लान

क्रम क्रिया जिम्मेदार समयसीमा
1 जिले में पात्र श्रमिकों की सूची तैयार करना जिला कार्यालय + मंडल 1 सप्ताह
2 सूचना अभियान (पम्पलेट, मीटिंग) ग्राम स्तर समन्वयक 1–2 सप्ताह
3 आवेदन शिविर / सहायता केंद्र लगाना विभाग अधिकारी 2 सप्ताह
4 आवेदन व दस्तावेज़ संकलन लाभार्थी + केंद्र टीम निरंतर
5 सत्यापन एवं स्वीकृति मंडल कार्यालय 1 महीने
6 राशि जारी करना (DBT) मंडल → लाभार्थी स्वीकृति के बाद तुरंत
7 फॉलो-अप और प्रतिक्रिया संग्रह विभागीय टीम योजना अवधि समाप्ति तक

✅ निष्कर्ष

  • मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना स्वास्थ्य-आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ है।

  • इस योजना से निर्माण श्रमिकों को जीवन की अनिश्चितताओं में सहारा मिलेगा।

  • सही जानकारी, दस्तावेज़ और समय पर आवेदन करने से अधिक से अधिक लाभार्थी जुड़ सकते हैं।

  • Progress India इस योजना को जन जन तक पहुँचाने, जागरूकता बढ़ाने और समर्थ बनाने में आपका साथी बन सकती है।


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FAQ (Frequently Asked Questions)

Q1. मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना क्या है?
यह योजना छत्तीसगढ़ के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने पर आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

Q2. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
जो श्रमिक मांडल में कम से कम 3 वर्षों से पंजीकृत हैं और उनकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच है।

Q3. सहायता राशि कितनी मिलती है?
अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर बीमारी की स्थिति में ₹20,000 तक सहायता मिल सकती है।

Q4. आवेदन कैसे करें?
श्रम विभाग या मांडल कार्यालय के माध्यम से ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Q5. आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
पंजीकरण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, अस्पताल बिल, बैंक विवरण, मेडिकल रिपोर्ट और स्वघोषणा पत्र।

Q6. क्या यह लाभ बार-बार लिया जा सकता है?
नहीं, यह लाभ केवल एक बार मिलता है।

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